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Deoria News: न्याय के लिए किया प्रदर्शन अब सता रहा कार्रवाई का डर
Fri, 26 Dec 2025 11:28 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Fri, 26 Dec 2025 11:28 PM IST
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बरहज। कस्बे में बुधवार को हुआ धरना-प्रदर्शन संवेदना और मदद की आड़ में हुई धोखाधड़ी का परिणाम था।
दरअसल जयनगर-गौरा निवासी रतन सोनकर पुत्र गुड्डू सोनकर की करीब 20 दिन पहले सड़क हादसे में मौत हो गई थी। जिस स्कूल बस की चपेट में आने से रतन की मौत हुई थी, उसके मालिक ने 14 लाख रुपये मुआवजा देने का आश्वासन देकर मामला शांत करा दिया और पीड़ित परिवार से तहरीर न देने की गुहार लगाई थी, लेकिन बाद में दो लाख देकर मुकर गया। पुलिस भी प्राथमिकी दर्ज नहीं कर रही है।
आरोप है कि पीड़ित परिवार को चुप रहने के लिए दबाव भी बनाया जा रहा है। 6 दिसंबर को स्कूली बस की टक्कर से रतन सोनकर की मौत हो गई थी। मृतक की मां सुनीता देवी के अनुसार बस के मालिक ने समझौता के दौरान दो लाख रुपये दे दिया। समझौता में यह शर्त जोड़ी गई कि मुआवजा लेने के बाद अगर प्राथमिकी दर्ज कराते हैं तो लिए गए मुआवजे को 10 प्रतिशत चक्रवृद्धि ब्याज के साथ वापस करना होगा, लेकिन समझौता के 25 दिन बाद भी बस मालिक ने शेष रुपये नहीं दिए। परिवार के लोगों का कहना है कि बेटा भी चला गया और समझौता के बाद भी बस मालिक भी अपने वादे से मुकर गया।
प्रदर्शन करने वालों पर प्राथमिकी दर्ज करने की तैयारी : मृत युवक के घरवालों को न्याय दिलाने के लिए बुधवार को सड़क पर उतरे लोगों को अब पुलिस के गुस्से का शिकार होना पड़ सकता है। पुलिस नगर के मुख्य चौक पर प्रदर्शन करने वाले लोगों की पहचान करने में जुटी है। चर्चा है कि जल्द प्राथमिकी दर्ज हो सकती है।
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दरअसल जयनगर-गौरा निवासी रतन सोनकर पुत्र गुड्डू सोनकर की करीब 20 दिन पहले सड़क हादसे में मौत हो गई थी। जिस स्कूल बस की चपेट में आने से रतन की मौत हुई थी, उसके मालिक ने 14 लाख रुपये मुआवजा देने का आश्वासन देकर मामला शांत करा दिया और पीड़ित परिवार से तहरीर न देने की गुहार लगाई थी, लेकिन बाद में दो लाख देकर मुकर गया। पुलिस भी प्राथमिकी दर्ज नहीं कर रही है।
आरोप है कि पीड़ित परिवार को चुप रहने के लिए दबाव भी बनाया जा रहा है। 6 दिसंबर को स्कूली बस की टक्कर से रतन सोनकर की मौत हो गई थी। मृतक की मां सुनीता देवी के अनुसार बस के मालिक ने समझौता के दौरान दो लाख रुपये दे दिया। समझौता में यह शर्त जोड़ी गई कि मुआवजा लेने के बाद अगर प्राथमिकी दर्ज कराते हैं तो लिए गए मुआवजे को 10 प्रतिशत चक्रवृद्धि ब्याज के साथ वापस करना होगा, लेकिन समझौता के 25 दिन बाद भी बस मालिक ने शेष रुपये नहीं दिए। परिवार के लोगों का कहना है कि बेटा भी चला गया और समझौता के बाद भी बस मालिक भी अपने वादे से मुकर गया।
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प्रदर्शन करने वालों पर प्राथमिकी दर्ज करने की तैयारी : मृत युवक के घरवालों को न्याय दिलाने के लिए बुधवार को सड़क पर उतरे लोगों को अब पुलिस के गुस्से का शिकार होना पड़ सकता है। पुलिस नगर के मुख्य चौक पर प्रदर्शन करने वाले लोगों की पहचान करने में जुटी है। चर्चा है कि जल्द प्राथमिकी दर्ज हो सकती है।
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