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Deoria News: रुद्रपुर में नहीं मिल रही एक्स-रे और खून जांच की सुविधा
Mon, 18 Mar 2024 11:34 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Mon, 18 Mar 2024 11:34 PM IST
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सीएचसी पर बढ़ी मरीजों की तादाद
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। तापमान बढ़ने के साथ ही सीएचसी में मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। करीब चार लाख लोगों के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी यहां एक सीएचसी और तीन पीएचसी पर है।
पीएचसी पर डाॅक्टर के अभाव में मरीजों को रुद्रपुर सीएचसी पर ही निर्भर रहना पड़ता है, लेकिन सीएचसी में जांच और एक्स-रे की सुविधा बराबर गड़बड़ रहने से मरीजों को खून, पेशाब जांच कराने और एक्स-रे कराने में मोटी रकम खर्च करनी पड़ रही है।
सीएचसी में एक्स-रे मशीन अक्सर खराब रहती है। मशीन वर्षों पुरानी और मैनुअल होने से फिल्म पर बनी छवि भी समझ में नहीं आती है। ऐसे में डाॅक्टर, मरीजों को डिजिटल एक्स-रे कराने के लिए प्राइवेट एक्स-रे सेंटर पर भेज देते हैं। वहां गरीब मरीजों को ज्यादा रुपये खर्च करने पड़ते हैं।
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वहीं, सीएचसी की लैब में पूरी जांच नहीं हो पाने से मरीजों को प्राइवेट लैब में जाना पड़ रहा है। जांच के नाम पर प्राइवेट लैब जमकर धन दोहन कर रहे हैं। सोमवार को सीएचसी में इलाज कराने गईं नगर के पश्चिमी तिवारी टोला की रहने वाली प्रभावती देवी ने कहा कि उनकी कमर में काफी दर्द हैं। डाॅक्टर एक्स-रे कराने को बोले तो सरकारी अस्पताल की एक्स-रे मशीन में चार दिन से प्लेट नहीं है। बाहर जाकर डिजिटल एक्स-रे कराने में एक हजार खर्च करना पड़ रहा है। यहां खून, पेशाब की जांच भी नहीं हो पा रही है। सभी जांच बाहर से करानी पड़ रही है।
नउआबह गांव की सविता ने कहा कि वह पेट की बीमारी से परेशान हैं। डाॅक्टर ने कई जांच लिख दी है। सरकारी अस्पताल में जांच नहीं हुई तो प्राइवेट लैब में करानी पड़ी। टड़वा गांव के जगरनाथ सिंह लीवर की बीमारी से पीड़ित हैं। डॉक्टर लीवर का टेस्ट कराने का सुझाव दिए हैं। सरकारी अस्पताल में लीवर का टेस्ट नहीं हो रहा है।
सीएचसी में शुगर, बीपी और टीएलसी, डीएलसी की जांच सीएचसी पर हो रही है। कुछ विशेष जांच की सुविधा नहीं है। डिजिटल एक्स-रे मशीन लगाने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है।
-डॉ. सत्येंद्र राव, प्रभारी, सीएचसी, रुद्रपुर
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रुद्रपुर। तापमान बढ़ने के साथ ही सीएचसी में मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। करीब चार लाख लोगों के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी यहां एक सीएचसी और तीन पीएचसी पर है।
पीएचसी पर डाॅक्टर के अभाव में मरीजों को रुद्रपुर सीएचसी पर ही निर्भर रहना पड़ता है, लेकिन सीएचसी में जांच और एक्स-रे की सुविधा बराबर गड़बड़ रहने से मरीजों को खून, पेशाब जांच कराने और एक्स-रे कराने में मोटी रकम खर्च करनी पड़ रही है।
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सीएचसी में एक्स-रे मशीन अक्सर खराब रहती है। मशीन वर्षों पुरानी और मैनुअल होने से फिल्म पर बनी छवि भी समझ में नहीं आती है। ऐसे में डाॅक्टर, मरीजों को डिजिटल एक्स-रे कराने के लिए प्राइवेट एक्स-रे सेंटर पर भेज देते हैं। वहां गरीब मरीजों को ज्यादा रुपये खर्च करने पड़ते हैं।
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वहीं, सीएचसी की लैब में पूरी जांच नहीं हो पाने से मरीजों को प्राइवेट लैब में जाना पड़ रहा है। जांच के नाम पर प्राइवेट लैब जमकर धन दोहन कर रहे हैं। सोमवार को सीएचसी में इलाज कराने गईं नगर के पश्चिमी तिवारी टोला की रहने वाली प्रभावती देवी ने कहा कि उनकी कमर में काफी दर्द हैं। डाॅक्टर एक्स-रे कराने को बोले तो सरकारी अस्पताल की एक्स-रे मशीन में चार दिन से प्लेट नहीं है। बाहर जाकर डिजिटल एक्स-रे कराने में एक हजार खर्च करना पड़ रहा है। यहां खून, पेशाब की जांच भी नहीं हो पा रही है। सभी जांच बाहर से करानी पड़ रही है।
नउआबह गांव की सविता ने कहा कि वह पेट की बीमारी से परेशान हैं। डाॅक्टर ने कई जांच लिख दी है। सरकारी अस्पताल में जांच नहीं हुई तो प्राइवेट लैब में करानी पड़ी। टड़वा गांव के जगरनाथ सिंह लीवर की बीमारी से पीड़ित हैं। डॉक्टर लीवर का टेस्ट कराने का सुझाव दिए हैं। सरकारी अस्पताल में लीवर का टेस्ट नहीं हो रहा है।
सीएचसी में शुगर, बीपी और टीएलसी, डीएलसी की जांच सीएचसी पर हो रही है। कुछ विशेष जांच की सुविधा नहीं है। डिजिटल एक्स-रे मशीन लगाने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है।
-डॉ. सत्येंद्र राव, प्रभारी, सीएचसी, रुद्रपुर