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345 दिन बाद खुलेंगे प्राथमिक स्तर के निजी और सरकारी स्कूल
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345 दिन बाद खुलेंगे प्राथमिक स्तर के निजी और सरकारी विद्यालय
देवरिया। कोरोना संक्रमण के चलते पिछले साल 14 मार्च के बाद से बंद चल रहे कक्षा एक से पांचवीं तक के सरकारी एवं निजी विद्यालय सोमवार से खुल जाएंगे। शासन के नए दिशा निर्देश के बाद स्कूल प्रबंधकों के चेहरे खिले हुए हैं क्योंकि स्कूल बंद होने से स्कूल प्रबंधन के साथ ही वहां तैनात शिक्षक व शिक्षणेतर कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया था। स्कूल वाले अभिभावकों को आश्वस्त करने में लगे हैं कि बच्चों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग एवं सरकारी गाइड लाइन का पूरी तरह परिसर में पालन किया जाएगा, हालांकि अभिभावक मुंबई सहित देश के अन्य राज्यों में कोरोना के मरीज बढ़ने के बाद बच्चों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
प्रदेश सरकार की ओर से 1 मार्च से प्राथमिक स्कूल के स्कूलों को खोलने का आदेश जारी किया गया है। इसके पूर्व 10 फरवरी से कक्षा छह से आठवीं तक के स्कूल पहले ही खोले जा चुके हैं। रविवार को निजी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के इंतजाम होते रहे। सभी कक्ष-कक्षाओं में फर्श, डेस्क-बेंच सहित कमरे के हर हिस्से की सफाई का विशेष ध्यान दिया गया। बच्चों को स्कूल तक लाने के लिए शुल्कमाफी सहित निशुल्क टीकाकरण का भी आफर अभिभावकों को दिया जा रहा है। सरकारी के साथ ही निजी स्कूलों में भी 345 दिनों बाद स्कूल खुलने पर बच्चों का स्वागत करने की योजना भी बनाई जा रही है। होली एंजल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रबंधक डॉ.मंतोष श्रीवास्तव ने बताया कि शासन के दिशा निर्देश एवं कोरोना गाइड लाइन के अनुसार ही कक्षा एक से पांचवीं तक की कक्षाओं का संचालन किया जाएगा। हर छात्र के मॉस्क लगाना एवं सैनेटाइजर लगाने के बाद ही कक्षाओं में प्रवेश दिया जाएगा। एक कक्षा में छात्रों के बीच बैठने को लेकर पर्याप्त दूरी का भी ध्यान दिया जाएगा। पीएन एकेडमी के प्रबंधक जितेंद्र सिंह ने बताया कि स्कूल परिसर की हर रोज सफाई कराई जाती है। कक्षा एक से पांचवी के छात्रों के लिए भी कक्षाएं शुरू होने पर विशेष अभियान चलाकर सफाई रविवार को कराई गई। कुछ अभिभावकों को बुलाकर उन्हें स्वास्थ्य व सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी भी दी गई है। उधर अभिभावक दिनेश गुप्ता कहते हैं कि अभी छोटे या किशोरावस्था के बच्चों का वैक्सीनेशन नहीं हुआ है। एक साल से बंद स्कूल की फीस भी प्रबंधकों की ओर से मांगी जा रही है। अभी मुंबई और अन्य राज्यों में कोरोना के केस रोज बढ़ रहे हैं, ऐसे में स्कूल खोला जाना अभी उचित नहीं है। आदेश भले ही सरकार ने कर दिया हो, विभागीय लोगों को यह देखना ही होगा कि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम हैं कि नहीं।
छात्रों में जगाएंगे स्कूल के प्रति रुचि, बढ़ाएंगे अधिगम स्तर
जिले के कक्षा एक से पांचवीं के सरकारी स्कूलों में सोमवार को शिक्षक स्कूल आने वाले बच्चों का स्वागत उत्साह संग करेंगे। शासन का मानना है कि 11 माह से स्कूल बंद होने से प्राथमिक स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। इससे बच्चों का अधिगम स्तर प्रभावित हुआ है, वहीं विद्यालय के प्रति उनमें अरुचि का भाव उत्पन्न हुआ है। इसे दूर करने के लिए 100 दिनों का प्रेरणा ज्ञानोत्सव कैंपेन संचालित होगा। विद्यालय में सोमवार से शिक्षण कार्य प्रारंभ होने के अवसर पर बच्चों का स्वागत करने की योजना बनी है। साथ ही विद्यालय स्तर पर उत्सव का वातावरण सृजित करने का निर्णय हुआ है। स्कूल को गुब्बारों, रंगोली से सजाने, एमडीएम में बच्चों की रुचि का नाश्ता व भोजन बनाने, बच्चों के साथ मैत्रीपूर्ण माहौल, खेल का आयोजन कराने का निर्देश दिया गया है।
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कक्षा एक और पांचवीं के छात्रों को आज बुलाया गया
प्रभारी बीएसए गोपाल शरण मिश्र ने रविवार को बताया कि सरकारी एवं प्राइवेट सभी मान्यता प्राप्त स्कूलों को सरकारी गाइड लाइन का पालन करना ही होगा। सोमवार व बृहस्पतिवार को कक्षा एक व पांच, मंगलवार व शुक्रवार को कक्षा दो व चार, बुधवार व शनिवार को कक्षा तीन के छात्रों को बुलाया गया है। अभिभावकों से सहमति पत्र लेने के बाद ही छात्रों को कक्षाओं में प्रवेश दिया जाएगा।
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देवरिया। कोरोना संक्रमण के चलते पिछले साल 14 मार्च के बाद से बंद चल रहे कक्षा एक से पांचवीं तक के सरकारी एवं निजी विद्यालय सोमवार से खुल जाएंगे। शासन के नए दिशा निर्देश के बाद स्कूल प्रबंधकों के चेहरे खिले हुए हैं क्योंकि स्कूल बंद होने से स्कूल प्रबंधन के साथ ही वहां तैनात शिक्षक व शिक्षणेतर कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया था। स्कूल वाले अभिभावकों को आश्वस्त करने में लगे हैं कि बच्चों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग एवं सरकारी गाइड लाइन का पूरी तरह परिसर में पालन किया जाएगा, हालांकि अभिभावक मुंबई सहित देश के अन्य राज्यों में कोरोना के मरीज बढ़ने के बाद बच्चों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
प्रदेश सरकार की ओर से 1 मार्च से प्राथमिक स्कूल के स्कूलों को खोलने का आदेश जारी किया गया है। इसके पूर्व 10 फरवरी से कक्षा छह से आठवीं तक के स्कूल पहले ही खोले जा चुके हैं। रविवार को निजी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के इंतजाम होते रहे। सभी कक्ष-कक्षाओं में फर्श, डेस्क-बेंच सहित कमरे के हर हिस्से की सफाई का विशेष ध्यान दिया गया। बच्चों को स्कूल तक लाने के लिए शुल्कमाफी सहित निशुल्क टीकाकरण का भी आफर अभिभावकों को दिया जा रहा है। सरकारी के साथ ही निजी स्कूलों में भी 345 दिनों बाद स्कूल खुलने पर बच्चों का स्वागत करने की योजना भी बनाई जा रही है। होली एंजल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रबंधक डॉ.मंतोष श्रीवास्तव ने बताया कि शासन के दिशा निर्देश एवं कोरोना गाइड लाइन के अनुसार ही कक्षा एक से पांचवीं तक की कक्षाओं का संचालन किया जाएगा। हर छात्र के मॉस्क लगाना एवं सैनेटाइजर लगाने के बाद ही कक्षाओं में प्रवेश दिया जाएगा। एक कक्षा में छात्रों के बीच बैठने को लेकर पर्याप्त दूरी का भी ध्यान दिया जाएगा। पीएन एकेडमी के प्रबंधक जितेंद्र सिंह ने बताया कि स्कूल परिसर की हर रोज सफाई कराई जाती है। कक्षा एक से पांचवी के छात्रों के लिए भी कक्षाएं शुरू होने पर विशेष अभियान चलाकर सफाई रविवार को कराई गई। कुछ अभिभावकों को बुलाकर उन्हें स्वास्थ्य व सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी भी दी गई है। उधर अभिभावक दिनेश गुप्ता कहते हैं कि अभी छोटे या किशोरावस्था के बच्चों का वैक्सीनेशन नहीं हुआ है। एक साल से बंद स्कूल की फीस भी प्रबंधकों की ओर से मांगी जा रही है। अभी मुंबई और अन्य राज्यों में कोरोना के केस रोज बढ़ रहे हैं, ऐसे में स्कूल खोला जाना अभी उचित नहीं है। आदेश भले ही सरकार ने कर दिया हो, विभागीय लोगों को यह देखना ही होगा कि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम हैं कि नहीं।
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छात्रों में जगाएंगे स्कूल के प्रति रुचि, बढ़ाएंगे अधिगम स्तर
जिले के कक्षा एक से पांचवीं के सरकारी स्कूलों में सोमवार को शिक्षक स्कूल आने वाले बच्चों का स्वागत उत्साह संग करेंगे। शासन का मानना है कि 11 माह से स्कूल बंद होने से प्राथमिक स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। इससे बच्चों का अधिगम स्तर प्रभावित हुआ है, वहीं विद्यालय के प्रति उनमें अरुचि का भाव उत्पन्न हुआ है। इसे दूर करने के लिए 100 दिनों का प्रेरणा ज्ञानोत्सव कैंपेन संचालित होगा। विद्यालय में सोमवार से शिक्षण कार्य प्रारंभ होने के अवसर पर बच्चों का स्वागत करने की योजना बनी है। साथ ही विद्यालय स्तर पर उत्सव का वातावरण सृजित करने का निर्णय हुआ है। स्कूल को गुब्बारों, रंगोली से सजाने, एमडीएम में बच्चों की रुचि का नाश्ता व भोजन बनाने, बच्चों के साथ मैत्रीपूर्ण माहौल, खेल का आयोजन कराने का निर्देश दिया गया है।
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कक्षा एक और पांचवीं के छात्रों को आज बुलाया गया
प्रभारी बीएसए गोपाल शरण मिश्र ने रविवार को बताया कि सरकारी एवं प्राइवेट सभी मान्यता प्राप्त स्कूलों को सरकारी गाइड लाइन का पालन करना ही होगा। सोमवार व बृहस्पतिवार को कक्षा एक व पांच, मंगलवार व शुक्रवार को कक्षा दो व चार, बुधवार व शनिवार को कक्षा तीन के छात्रों को बुलाया गया है। अभिभावकों से सहमति पत्र लेने के बाद ही छात्रों को कक्षाओं में प्रवेश दिया जाएगा।