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सर्टिफिकेट में लड़की है नाबालिंग
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सर्टिफिकेट में लड़की है नाबालिग
30 जून को भटनी थाने में दर्ज हुआ था बर्खास्त इंस्पेक्टर पर अश्लील हरकत का केस
देवरिया। भटनी थाने में बर्खास्त इंस्पेक्टर भीष्मपाल सिंह यादव की अश्लील हरकत की शिकार हुई पीड़िता नाबालिग है। हाईस्कूल के सर्टिफिकेट में घटना के समय पीड़िता की उम्र 18 साल से करीब डेढ़ महीने कम है। ऐसे में भीष्मपाल पर दर्ज मुकदमे में पॉक्सो एक्ट की धाराओं के साथ ही मुश्किलें भी बढ़ेंगी।
भटनी थाने पर 22 जून को तत्कालीन इंस्पेक्टर भीष्मपाल सिंह यादव ने फरियाद लेकर पहुंची मां-बेटी से अश्लील हरकत की थी। वीडियो वायरल होने पर एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र ने 30 जून को भटनी थाने में अश्लील हरकत करने और सरकारी कर्मचारी द्वारा कर्त्तव्य में लापरवाही का केस दर्ज कराया। एसपी ने उसी रात उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया। एसपी की रिपोर्ट पर डीआईजी राजेश डी मोदक ने एक जुलाई को इंस्पेक्टर भीष्मपाल सिंह यादव को बर्खास्त कर दिया। उसी दिन उसे बस्ती से गिरफ्तार कर लिया गया। दो जुलाई को वह जेल भेज दिया गया। जांच अधिकारी सीओ भाटपाररानी पंचमलाल ने जांच के दौरान पीड़िता का हाईस्कूल का सर्टिफिकेट मांगा। इसमें घटना के समय उसकी उम्र 18 वर्ष से कम है। ऐसे में अब अश्लील हरकत करने के साथ ही पॉक्सो एक्ट की धारा बढ़ेगी। इससे जेल में बंद बर्खास्त इंस्पेक्टर भीष्मपाल सिंह यादव की मुश्किलें और भी बढ़ जाएंगीं।
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केस दर्ज कराने के दौरान पीड़िता ने अपनी उम्र 19 साल बताई थी। न्यायालय में दिए गए कलमबंद बयान में भी उसने अपनी उम्र 19 साल ही बताई है। जबकि हाईस्कूल के सर्टिफिकेट में घटना के समय उसकी उम्र 18 साल से डेढ़ महीने कम है। इस मुकदमे में पॉक्सो एक्ट की धारा बढ़ाकर जांच आगे बढ़ाई जाएगी। - पंचमलाल, सीओ भाटपाररानी।
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30 जून को भटनी थाने में दर्ज हुआ था बर्खास्त इंस्पेक्टर पर अश्लील हरकत का केस
देवरिया। भटनी थाने में बर्खास्त इंस्पेक्टर भीष्मपाल सिंह यादव की अश्लील हरकत की शिकार हुई पीड़िता नाबालिग है। हाईस्कूल के सर्टिफिकेट में घटना के समय पीड़िता की उम्र 18 साल से करीब डेढ़ महीने कम है। ऐसे में भीष्मपाल पर दर्ज मुकदमे में पॉक्सो एक्ट की धाराओं के साथ ही मुश्किलें भी बढ़ेंगी।
भटनी थाने पर 22 जून को तत्कालीन इंस्पेक्टर भीष्मपाल सिंह यादव ने फरियाद लेकर पहुंची मां-बेटी से अश्लील हरकत की थी। वीडियो वायरल होने पर एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र ने 30 जून को भटनी थाने में अश्लील हरकत करने और सरकारी कर्मचारी द्वारा कर्त्तव्य में लापरवाही का केस दर्ज कराया। एसपी ने उसी रात उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया। एसपी की रिपोर्ट पर डीआईजी राजेश डी मोदक ने एक जुलाई को इंस्पेक्टर भीष्मपाल सिंह यादव को बर्खास्त कर दिया। उसी दिन उसे बस्ती से गिरफ्तार कर लिया गया। दो जुलाई को वह जेल भेज दिया गया। जांच अधिकारी सीओ भाटपाररानी पंचमलाल ने जांच के दौरान पीड़िता का हाईस्कूल का सर्टिफिकेट मांगा। इसमें घटना के समय उसकी उम्र 18 वर्ष से कम है। ऐसे में अब अश्लील हरकत करने के साथ ही पॉक्सो एक्ट की धारा बढ़ेगी। इससे जेल में बंद बर्खास्त इंस्पेक्टर भीष्मपाल सिंह यादव की मुश्किलें और भी बढ़ जाएंगीं।
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केस दर्ज कराने के दौरान पीड़िता ने अपनी उम्र 19 साल बताई थी। न्यायालय में दिए गए कलमबंद बयान में भी उसने अपनी उम्र 19 साल ही बताई है। जबकि हाईस्कूल के सर्टिफिकेट में घटना के समय उसकी उम्र 18 साल से डेढ़ महीने कम है। इस मुकदमे में पॉक्सो एक्ट की धारा बढ़ाकर जांच आगे बढ़ाई जाएगी। - पंचमलाल, सीओ भाटपाररानी।
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