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Deoria News: वार्ड में भर्ती रहे मरीजों से अशोक की हत्या का राज जानेगी पुलिस
Fri, 17 Oct 2025 01:31 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Fri, 17 Oct 2025 01:31 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। महाराष्ट्र के अशोक गवांडे (61) की हत्या कर लाश मेडिकल कॉलेज की पानी की टंकी में फेंकने के मामले में पुलिस कातिलों के करीब पहुंच गई है।
पुलिस जांच में आगे बढ़ने के साथ ही वारदात में शामिल लोगों के खिलाफ मजबूत साक्ष्य जुटाने में लगी है। 25 से 28 सितंबर तक मेडिकल कॉलेज के सर्जिकल वार्ड में भर्ती रहे मरीजों के घर कोतवाली पुलिस पहुंचकर अशोक के बारे में जानकारी जुटा रही है।
इस दाैरान भर्ती रहे मरीजों की सूची मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने पुलिस को उपलब्ध करा दी है। एसपी संजीव सुमन ने तीन टीमों को जानकारी जुटाने के लिए लगाया है। सूत्रों की मानें तो पुलिस वारदात में शामिल लोगों की पहचान कर चुकी है, मगर कड़ियों को जोड़ने में जुटी पुलिस कुछ भी कहने से बच रही है।
महाराष्ट्र के ठाणे जिले के कुलगांव निवासी अशोक गवांडे करीब 13 साल बाद 22 सितंबर को अपने ससुराल गोरखपुर के हुमायुंपुर दक्षिणी निवासी साले प्रफुल्ल के घर पहुंचे थे। प्रफुल्ल के अनुसार, करीब 30 मिनट रुकने के बाद 12 सौ रुपये की मांग की और मुंबई जाने की बात कही।
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साले ने टेंपो से रेलवे स्टेशन भेजवा दिया, मगर अशोक देवरिया पहुंच गए और 25 सितंबर को मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में पहुंचे। पैर में गंभीर घाव के कारण उन्हें सर्जिकल वार्ड में भर्ती किया गया। 27 सितंबर की सुबह बिना कुछ बताए गायब हो गए। 27 सितंबर की दोपहर करीब दो बजे दोबारा भर्ती हुए।
27 सितंबर की रात वह फिर गायब हो गए। 28 सितंबर को राउंड पर डॉक्टर गए तो अशोक अपने 41 नंबर बेड पर नहीं थे। छह अक्तूबर को उनकी पानी की टंकी में लाश मिली। तीन दिन बाद शव की पहचान अशोक के साले प्रफुल्ल और पत्नी अनीता ऊर्फ तनु ने पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचकर की।
तीन दिन पहले साले प्रफुल्ल की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात पर हत्या का केस दर्ज किया है। सूत्रों की मानें तो पुलिस मेडिकल कॉलेज के कुछ स्वास्थ्यकर्मियों की पहचान कर ली है, मगर मजबूत साक्ष्य जुटा रही है।
मरीजों के घर पहुंच कर पुलिसकर्मी वार्ड में भर्ती अशोक के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं। वार्ड में तैनात दाई से भी पुलिस ने पूछताछ की है। वारदात के पर्दाफाश होने पर सबकी नजर टिकी है। पुलिस आरोपियों की लगभग पहचान करने का दावा कर रही है।
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देवरिया। महाराष्ट्र के अशोक गवांडे (61) की हत्या कर लाश मेडिकल कॉलेज की पानी की टंकी में फेंकने के मामले में पुलिस कातिलों के करीब पहुंच गई है।
पुलिस जांच में आगे बढ़ने के साथ ही वारदात में शामिल लोगों के खिलाफ मजबूत साक्ष्य जुटाने में लगी है। 25 से 28 सितंबर तक मेडिकल कॉलेज के सर्जिकल वार्ड में भर्ती रहे मरीजों के घर कोतवाली पुलिस पहुंचकर अशोक के बारे में जानकारी जुटा रही है।
इस दाैरान भर्ती रहे मरीजों की सूची मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने पुलिस को उपलब्ध करा दी है। एसपी संजीव सुमन ने तीन टीमों को जानकारी जुटाने के लिए लगाया है। सूत्रों की मानें तो पुलिस वारदात में शामिल लोगों की पहचान कर चुकी है, मगर कड़ियों को जोड़ने में जुटी पुलिस कुछ भी कहने से बच रही है।
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महाराष्ट्र के ठाणे जिले के कुलगांव निवासी अशोक गवांडे करीब 13 साल बाद 22 सितंबर को अपने ससुराल गोरखपुर के हुमायुंपुर दक्षिणी निवासी साले प्रफुल्ल के घर पहुंचे थे। प्रफुल्ल के अनुसार, करीब 30 मिनट रुकने के बाद 12 सौ रुपये की मांग की और मुंबई जाने की बात कही।
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साले ने टेंपो से रेलवे स्टेशन भेजवा दिया, मगर अशोक देवरिया पहुंच गए और 25 सितंबर को मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में पहुंचे। पैर में गंभीर घाव के कारण उन्हें सर्जिकल वार्ड में भर्ती किया गया। 27 सितंबर की सुबह बिना कुछ बताए गायब हो गए। 27 सितंबर की दोपहर करीब दो बजे दोबारा भर्ती हुए।
27 सितंबर की रात वह फिर गायब हो गए। 28 सितंबर को राउंड पर डॉक्टर गए तो अशोक अपने 41 नंबर बेड पर नहीं थे। छह अक्तूबर को उनकी पानी की टंकी में लाश मिली। तीन दिन बाद शव की पहचान अशोक के साले प्रफुल्ल और पत्नी अनीता ऊर्फ तनु ने पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचकर की।
तीन दिन पहले साले प्रफुल्ल की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात पर हत्या का केस दर्ज किया है। सूत्रों की मानें तो पुलिस मेडिकल कॉलेज के कुछ स्वास्थ्यकर्मियों की पहचान कर ली है, मगर मजबूत साक्ष्य जुटा रही है।
मरीजों के घर पहुंच कर पुलिसकर्मी वार्ड में भर्ती अशोक के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं। वार्ड में तैनात दाई से भी पुलिस ने पूछताछ की है। वारदात के पर्दाफाश होने पर सबकी नजर टिकी है। पुलिस आरोपियों की लगभग पहचान करने का दावा कर रही है।