{"_id":"6963e9cf795ec4d0400e5809","slug":"police-track-down-couple-who-siphoned-off-crores-of-rupees-under-the-guise-of-a-chit-fund-company-deoria-news-c-208-1-deo1030-172305-2026-01-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Deoria News: चिट फंड कंपनी की आड़ में करोड़ों हड़पने वाले दंपती तक पहुंची पुलिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Deoria News: चिट फंड कंपनी की आड़ में करोड़ों हड़पने वाले दंपती तक पहुंची पुलिस
Sun, 11 Jan 2026 11:49 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sun, 11 Jan 2026 11:49 PM IST
विज्ञापन
गौरी बाजार। क्षेत्र सहित जनपद के 100 से अधिक लोगों का करोड़ों रुपये लेकर फरार हुए जालसाजों में से एक दंपती तक गौरी बाजार पुलिस पहुंच गई है। चर्चा है कि जल्द मामले का खुलासा हो सकता है।
पांच माह पूर्व गौरी बाजार कस्बा स्थित एक चिट फंड कंपनी संचालक ने क्षेत्र के 100 से अधिक लोगों को झांसा देकर उनका करोड़ों रुपये कंपनी में जमा करा लिया। इसके बाद मौका देख संचालक पहले कार्यालय और फिर आवासीय मकान बेचकर परिवार सहित फरार हो गया। जमाकर्ताओं को जब इस बात की भनक लगी तो उनके होश उड़ गए।
गौरी बाजार के हाटा रोड पर चिट फंड कंपनी का दफ्तर ग्राम कालाबन निवासी एक व्यक्ति ने खोला था। लोगों को उनके जमाधन पर कम समय में ही अधिक लाभ देने का लालच दिया, जिससे विश्वास कर लोगों ने अपनी गाढ़ी कमाई जमा कर दी। पहले कार्यालय हाटा रोड पर एक किराए के मकान में संचालित हो रहा था लेकिन जुलाई में वह कार्यालय बंद कर देवरिया-गोरखपुर मार्ग पर अपने आवास में ही नया कार्यालय खोल लिए। ज्यादातर ग्रामीण महिलाओं ने अपना पैसा अधिक लाभ अर्जित करने के चक्कर में इस चिट फंड कंपनी में जमा कर दिया।
विज्ञापन
27 अगस्त की सुबह कुछ लोग उसके मकान स्थित कार्यालय पर पहुंचे तो वहां ताला लटका देख उनके होश उड़ गए। आसपास के लोगों ने बताया कि वह तो कुछ दिन पहले मकान बेचकर यहां से चला गया। यह सुनते ही लोग आक्रोशित हो गए थे और थाने पहुंचकर हंगामा किया था। कंपनी संचालक द्वारा बड़े स्तर पर धोखाधड़ी व गबन करने का आरोप लगाया।
मामले में पुलिस ने ग्राम लबकनी निवासी रामसमुझ यादव पुत्र सुक्खु यादव की तहरीर पर ग्राम कालाबन निवासी अनिता देवी पत्नी इंद्रासन यादव, इंद्रासन यादव पुत्र पूर्णवासी यादव, विशाल यादव पुत्र पूर्ण वासी यादव के खिलाफ विभिन्न धाराओं में तहत केस पंजीकृत किया।
कुछ और लोग अपनी फरियाद लेकर थाने पहुंचे जिसमें रामसमुझ यादव, परमजीत गुप्ता, विमला देवी, राधिका देवी, अनिल यादव, कुलदीप यादव, सदानंद सिंह, अजय कुमार, रामसूरत सहित अनेक लोग शामिल रहे।
50 हजार से लेकर 10 लाख रूपये तक लोगों ने जमा किए थे। जमाकर्ताओं में ज्यादातर उसके सगे संबंधी, पड़ोसी व आसपास के लोग शामिल हैं।
गौरी बाजार पुलिस के लिए यह बड़ी चुनौती थी। मोबाइल बंद था। किसी प्रकार का क्लू मिलना मुश्किल था। पुलिस ने दो लोगों को उठाया है। मामले का शीघ्र खुलासा हो जाएगा।
विज्ञापन
पांच माह पूर्व गौरी बाजार कस्बा स्थित एक चिट फंड कंपनी संचालक ने क्षेत्र के 100 से अधिक लोगों को झांसा देकर उनका करोड़ों रुपये कंपनी में जमा करा लिया। इसके बाद मौका देख संचालक पहले कार्यालय और फिर आवासीय मकान बेचकर परिवार सहित फरार हो गया। जमाकर्ताओं को जब इस बात की भनक लगी तो उनके होश उड़ गए।
विज्ञापन
गौरी बाजार के हाटा रोड पर चिट फंड कंपनी का दफ्तर ग्राम कालाबन निवासी एक व्यक्ति ने खोला था। लोगों को उनके जमाधन पर कम समय में ही अधिक लाभ देने का लालच दिया, जिससे विश्वास कर लोगों ने अपनी गाढ़ी कमाई जमा कर दी। पहले कार्यालय हाटा रोड पर एक किराए के मकान में संचालित हो रहा था लेकिन जुलाई में वह कार्यालय बंद कर देवरिया-गोरखपुर मार्ग पर अपने आवास में ही नया कार्यालय खोल लिए। ज्यादातर ग्रामीण महिलाओं ने अपना पैसा अधिक लाभ अर्जित करने के चक्कर में इस चिट फंड कंपनी में जमा कर दिया।
विज्ञापन
27 अगस्त की सुबह कुछ लोग उसके मकान स्थित कार्यालय पर पहुंचे तो वहां ताला लटका देख उनके होश उड़ गए। आसपास के लोगों ने बताया कि वह तो कुछ दिन पहले मकान बेचकर यहां से चला गया। यह सुनते ही लोग आक्रोशित हो गए थे और थाने पहुंचकर हंगामा किया था। कंपनी संचालक द्वारा बड़े स्तर पर धोखाधड़ी व गबन करने का आरोप लगाया।
मामले में पुलिस ने ग्राम लबकनी निवासी रामसमुझ यादव पुत्र सुक्खु यादव की तहरीर पर ग्राम कालाबन निवासी अनिता देवी पत्नी इंद्रासन यादव, इंद्रासन यादव पुत्र पूर्णवासी यादव, विशाल यादव पुत्र पूर्ण वासी यादव के खिलाफ विभिन्न धाराओं में तहत केस पंजीकृत किया।
कुछ और लोग अपनी फरियाद लेकर थाने पहुंचे जिसमें रामसमुझ यादव, परमजीत गुप्ता, विमला देवी, राधिका देवी, अनिल यादव, कुलदीप यादव, सदानंद सिंह, अजय कुमार, रामसूरत सहित अनेक लोग शामिल रहे।
50 हजार से लेकर 10 लाख रूपये तक लोगों ने जमा किए थे। जमाकर्ताओं में ज्यादातर उसके सगे संबंधी, पड़ोसी व आसपास के लोग शामिल हैं।
गौरी बाजार पुलिस के लिए यह बड़ी चुनौती थी। मोबाइल बंद था। किसी प्रकार का क्लू मिलना मुश्किल था। पुलिस ने दो लोगों को उठाया है। मामले का शीघ्र खुलासा हो जाएगा।