{"_id":"655e6a338b526e5a9801dc0b","slug":"pinky-is-making-people-aware-from-akashvani-center-delhi-deoria-news-c-208-1-sgkp1008-13518-2023-11-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Deoria News: केंद्रीय मंत्री के साथ आकाशवाणी केंद्र दिल्ली से लोगों को जागरूक कर रहीं पिंकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Deoria News: केंद्रीय मंत्री के साथ आकाशवाणी केंद्र दिल्ली से लोगों को जागरूक कर रहीं पिंकी
Thu, 23 Nov 2023 02:23 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Thu, 23 Nov 2023 02:23 AM IST
विज्ञापन
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के साथ बनकटा ब्लाक के ग्राम नियरवा की पिंकी
भाटपाररानी। विकास खंड बनकटा के नियरवा गांव की एक साधारण परिवार की लड़की देश की राजधानी में केंद्रीय मंत्री के साथ बैठ कर लोगों को कालाजार से लड़ने का तरीका बता रही है। क्षेत्र में एक नेटवर्क बनाकर लोगों को जागरूक करने के दौरान क्षेत्र में इसकी पहचान कालाजार वाली पिंकी के नाम हो गई है। इसी दौरान कुछ दिन पूर्व देश के प्रधानमंत्री ने अपने एक्स पर पोस्ट कर इस कार्य को सराहा गया था।
उसी दौरान एक कार्यक्रम में दिल्ली से बुलावा आया तो सीफार संस्था के माध्यम से दिल्ली पहुंचकर केंद्रीय मंत्री के साथ बैठ कर आकाशवाणी केंद्र दिल्ली लोगों को जागरूक की। पिंकी चौहान ने बताया कि 11 वर्ष की उम्र में ही दो बार वीएल (आंत) वाला कालाजार और पीकेडीएल यानि चमड़ी वाला कालाजार से पीड़ित हुईं। परिजन उनके इलाज के लिए काफी रुपये खर्च करने के बाद भी इधर-उधर भटकते रहे। सही जानकारी मिलने पर सरकारी अस्पताल में निशुल्क इलाज के बाद वह अब पूरी तरह से स्वस्थ हैं और स्वास्थ्य विभाग तथा पाथ संस्था व सीफार के सहयोग से बनाए गए कलस्टर फोरम की सदस्य बनकर काम कर रही हैं। वह कालाजार के प्रति अबतक पांच हजार बच्चों व लोगों को जागरूक करते हुए लक्षण दिखने पर सरकारी अस्पताल में जांच और इलाज की सलाह दे रही हैं।
विज्ञापन
उसी दौरान एक कार्यक्रम में दिल्ली से बुलावा आया तो सीफार संस्था के माध्यम से दिल्ली पहुंचकर केंद्रीय मंत्री के साथ बैठ कर आकाशवाणी केंद्र दिल्ली लोगों को जागरूक की। पिंकी चौहान ने बताया कि 11 वर्ष की उम्र में ही दो बार वीएल (आंत) वाला कालाजार और पीकेडीएल यानि चमड़ी वाला कालाजार से पीड़ित हुईं। परिजन उनके इलाज के लिए काफी रुपये खर्च करने के बाद भी इधर-उधर भटकते रहे। सही जानकारी मिलने पर सरकारी अस्पताल में निशुल्क इलाज के बाद वह अब पूरी तरह से स्वस्थ हैं और स्वास्थ्य विभाग तथा पाथ संस्था व सीफार के सहयोग से बनाए गए कलस्टर फोरम की सदस्य बनकर काम कर रही हैं। वह कालाजार के प्रति अबतक पांच हजार बच्चों व लोगों को जागरूक करते हुए लक्षण दिखने पर सरकारी अस्पताल में जांच और इलाज की सलाह दे रही हैं।
विज्ञापन