{"_id":"66412f4b2b86489ce002ea64","slug":"picu-capacity-will-be-increased-deoria-news-c-208-1-sgkp1009-125475-2024-05-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Deoria News: मेडिकल कॉलेज में पीआईसीयू की बढ़ेगी क्षमता, अब 30 बेड का होगा वार्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Deoria News: मेडिकल कॉलेज में पीआईसीयू की बढ़ेगी क्षमता, अब 30 बेड का होगा वार्ड
Mon, 13 May 2024 02:36 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Mon, 13 May 2024 02:36 AM IST
विज्ञापन
- फोटो
अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस पिकू वार्ड की तैयारी अंतिम दौर में
गंभीर बच्चों के भर्ती करने में नहीं होगी दिक्कत, इलाज में होगी सहूलित
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में पीआईसीयू की क्षमता जल्द बढ़ कर दोगुनी हो जाएगी। गंभीर रूप से बीमार 30 बच्चों को भर्ती कर एक साथ इलाज किया जाएगा। अभी पंद्रह बेड हैं, जिससे संख्या अधिक होने पर एक बेड पर दो-दो बच्चों का इलाज किया जाता है, जिससे मरीजों व तीमारदारों को परेशानी होती है। वहीं, संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है। नया पिकू वार्ड की तैयारी अंतिम दौर में है। इसके एक माह के अंदर शुरू होने की उम्मीद है। इसके बाद मरीजों को भर्ती करने में दिक्कत नहीं होगी, जबकि इलाज करने में आसानी होगी। अलग से चिल्ड्रेन वार्ड भी होगा।
मौसम बदलने पर बच्चों के स्वास्थ्य पर असर पड़ता है। जबकि गर्मी और बारिश के समय संक्रामक रोग फैलता है। इसके लिए मार्च माह के अंत से अगस्त माह तक का समय माना जाता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण बच्चे संक्रमण की चपेट में आ जाते हैं और बीमार बच्चों की संख्या अधिक हो जाती हैं। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में गंभीर बीमार बच्चों के इलाज के लिए पंद्रह बेड का पीआईसीयू वार्ड बना है, लेकिन गर्मी से बारिश के मौसम में बेड कम पड़ जाते हैं। एक-एक बेड पर दो-दो बच्चों का इलाज किया जाता है। कभी-कभी तो यह संख्या के चारगुना से भी अधिक हो जाती है। ऐसी स्थिति में व्यवस्था लड़खड़ा जाती है, जिससे मरीजों और तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इसे देखते हुए प्राचार्य डॉ. राजेश बरनवाल ने बेड बढ़ाने की कार्ययोजना बनाई। अस्पताल के पुराने भवन में डिजिटल एक्स-रे के सामने जगह पुराने आर्थों विभाग को चिह्नित किया गया। यहां 66 लाख रुपये की लागत से नया पीआईसीयू बनाया गया है, जो अत्याधुनिक उपकरणों से लैस होगा। यह बनकर तैयार हो गया है। बेड लग गए हैं और उपकरण आ गए हैं।
विज्ञापन
रविवार को सीएमएस डॉ. एचके मिश्रा, डॉ. आरके श्रीवास्तव, बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. इकबाल ने वार्ड का निरीक्षण किया। इस दौरान कुछ कमियां मिलीं, जिसे दूर करने के निर्देश दिए। वार्ड के जल्द शुरू होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। इसके बाद बच्चों के इलाज में आसानी होगी। वहीं, बेड की कमी के कारण मरीजों अन्यत्र नहीं जाना पड़ेगा। उन्हें इलाज कराने में सहूलियत होगी।
इन मरीजों का होता है इलाज
मेडिकल कॉलेज में बुखार, इंसेफेलाइटिस, झटका, एनिमिया, उल्टी-दस्त, सांस, पीलिया, मेनेंजाइटिस, निमोनिया, मलेरिया, डेंगू सहित अन्य बीमारी से पीड़ित बच्चों को लेकर तीमारदार आते हैं। इसमें गंभीर रूप से बीमार बच्चों को पीआईसीयू में भर्ती कर इलाज किया जाता है।
एचडीयू वार्ड में बढ़ेगा बेड, अलग होगा चिल्ड्रेन वार्ड
मेडिकल कॉलेज के एचडीयू वार्ड में भी बेड की संख्या भी बढ़ जाएगी। अभी तक 20 बेड का एचडीयू वार्ड है। अब नए पीआईसीयू में आठ और पुराने पीआईसीयू 15 बेड को एचडीयू वार्ड बनाया जाएगा। अब 23 बेड पर मरीज का इलाज होगा और आक्सीजन सहित अन्य सुविधा होगी। इसके अलावा बीस बेड का अलग से चिल्ड्रेन वार्ड होगा। नए पीआईसीयू वार्ड के शुरू होने के बाद इन वार्डों को भी क्रियाशील कर दिया जाएगा।
ये होंगी सुविधाएं
नए तीस बेड के पीआईसीयू में हर बेड पर मानीटर, वेंटीलेटर, सक्सन मशीन, ऑक्सीजन फ्लोमीटर, मेडिकल एयर कनेक्शन, इंफ्लूजन पंप की सुविधा होगी। इसके अलावा एसी, पंखा व अन्य उपकरण व संसाधन होंगे।
पांच बेड का होगा आईसीयू
मेडिकल कॉलेज में अब तक आईसीयू की सुविधा नहीं है, जिससे गंभीर मरीज को रेफर करना पड़ता है। इसे देखते हुए नए पीआईसीयू में एक तरफ पांच बेड का आईसीयू वार्ड भी तैयार किया गया है। यहां वार्ड में भर्ती मरीज की हालत गंभीर होने पर इलाज किया जाएगा।
काेट
गर्मी और बारिश के मौसम में संक्रामक बीमारी की चपेट में आने से मरीज बढ़ जाते हैं। बीमार बच्चों की संख्या अधिक होने पर दिक्कत होती है। इसे देखते हुए पीआईसीयू की क्षमता को बढ़ाया जा रहा है। इसके अलावा एचडीयू व चिल्ड्रेन वार्ड में भी बेड बनाए जा रहे हैं। जल्द वार्ड शुरू हो जाएंगे। इससे मरीजों को आसानी से बेड उपलब्ध होगा और इलाज में भी सहूलियत होगी।
-डॉ. एचके मिश्रा, सीएमएस
विज्ञापन
अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस पिकू वार्ड की तैयारी अंतिम दौर में
गंभीर बच्चों के भर्ती करने में नहीं होगी दिक्कत, इलाज में होगी सहूलित
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में पीआईसीयू की क्षमता जल्द बढ़ कर दोगुनी हो जाएगी। गंभीर रूप से बीमार 30 बच्चों को भर्ती कर एक साथ इलाज किया जाएगा। अभी पंद्रह बेड हैं, जिससे संख्या अधिक होने पर एक बेड पर दो-दो बच्चों का इलाज किया जाता है, जिससे मरीजों व तीमारदारों को परेशानी होती है। वहीं, संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है। नया पिकू वार्ड की तैयारी अंतिम दौर में है। इसके एक माह के अंदर शुरू होने की उम्मीद है। इसके बाद मरीजों को भर्ती करने में दिक्कत नहीं होगी, जबकि इलाज करने में आसानी होगी। अलग से चिल्ड्रेन वार्ड भी होगा।
मौसम बदलने पर बच्चों के स्वास्थ्य पर असर पड़ता है। जबकि गर्मी और बारिश के समय संक्रामक रोग फैलता है। इसके लिए मार्च माह के अंत से अगस्त माह तक का समय माना जाता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण बच्चे संक्रमण की चपेट में आ जाते हैं और बीमार बच्चों की संख्या अधिक हो जाती हैं। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में गंभीर बीमार बच्चों के इलाज के लिए पंद्रह बेड का पीआईसीयू वार्ड बना है, लेकिन गर्मी से बारिश के मौसम में बेड कम पड़ जाते हैं। एक-एक बेड पर दो-दो बच्चों का इलाज किया जाता है। कभी-कभी तो यह संख्या के चारगुना से भी अधिक हो जाती है। ऐसी स्थिति में व्यवस्था लड़खड़ा जाती है, जिससे मरीजों और तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
विज्ञापन
इसे देखते हुए प्राचार्य डॉ. राजेश बरनवाल ने बेड बढ़ाने की कार्ययोजना बनाई। अस्पताल के पुराने भवन में डिजिटल एक्स-रे के सामने जगह पुराने आर्थों विभाग को चिह्नित किया गया। यहां 66 लाख रुपये की लागत से नया पीआईसीयू बनाया गया है, जो अत्याधुनिक उपकरणों से लैस होगा। यह बनकर तैयार हो गया है। बेड लग गए हैं और उपकरण आ गए हैं।
विज्ञापन
रविवार को सीएमएस डॉ. एचके मिश्रा, डॉ. आरके श्रीवास्तव, बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. इकबाल ने वार्ड का निरीक्षण किया। इस दौरान कुछ कमियां मिलीं, जिसे दूर करने के निर्देश दिए। वार्ड के जल्द शुरू होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। इसके बाद बच्चों के इलाज में आसानी होगी। वहीं, बेड की कमी के कारण मरीजों अन्यत्र नहीं जाना पड़ेगा। उन्हें इलाज कराने में सहूलियत होगी।
इन मरीजों का होता है इलाज
मेडिकल कॉलेज में बुखार, इंसेफेलाइटिस, झटका, एनिमिया, उल्टी-दस्त, सांस, पीलिया, मेनेंजाइटिस, निमोनिया, मलेरिया, डेंगू सहित अन्य बीमारी से पीड़ित बच्चों को लेकर तीमारदार आते हैं। इसमें गंभीर रूप से बीमार बच्चों को पीआईसीयू में भर्ती कर इलाज किया जाता है।
एचडीयू वार्ड में बढ़ेगा बेड, अलग होगा चिल्ड्रेन वार्ड
मेडिकल कॉलेज के एचडीयू वार्ड में भी बेड की संख्या भी बढ़ जाएगी। अभी तक 20 बेड का एचडीयू वार्ड है। अब नए पीआईसीयू में आठ और पुराने पीआईसीयू 15 बेड को एचडीयू वार्ड बनाया जाएगा। अब 23 बेड पर मरीज का इलाज होगा और आक्सीजन सहित अन्य सुविधा होगी। इसके अलावा बीस बेड का अलग से चिल्ड्रेन वार्ड होगा। नए पीआईसीयू वार्ड के शुरू होने के बाद इन वार्डों को भी क्रियाशील कर दिया जाएगा।
ये होंगी सुविधाएं
नए तीस बेड के पीआईसीयू में हर बेड पर मानीटर, वेंटीलेटर, सक्सन मशीन, ऑक्सीजन फ्लोमीटर, मेडिकल एयर कनेक्शन, इंफ्लूजन पंप की सुविधा होगी। इसके अलावा एसी, पंखा व अन्य उपकरण व संसाधन होंगे।
पांच बेड का होगा आईसीयू
मेडिकल कॉलेज में अब तक आईसीयू की सुविधा नहीं है, जिससे गंभीर मरीज को रेफर करना पड़ता है। इसे देखते हुए नए पीआईसीयू में एक तरफ पांच बेड का आईसीयू वार्ड भी तैयार किया गया है। यहां वार्ड में भर्ती मरीज की हालत गंभीर होने पर इलाज किया जाएगा।
काेट
गर्मी और बारिश के मौसम में संक्रामक बीमारी की चपेट में आने से मरीज बढ़ जाते हैं। बीमार बच्चों की संख्या अधिक होने पर दिक्कत होती है। इसे देखते हुए पीआईसीयू की क्षमता को बढ़ाया जा रहा है। इसके अलावा एचडीयू व चिल्ड्रेन वार्ड में भी बेड बनाए जा रहे हैं। जल्द वार्ड शुरू हो जाएंगे। इससे मरीजों को आसानी से बेड उपलब्ध होगा और इलाज में भी सहूलियत होगी।
-डॉ. एचके मिश्रा, सीएमएस