{"_id":"699ca6208742e47b620ac517","slug":"personality-development-is-an-essential-part-of-the-all-round-development-of-students-deoria-news-c-208-1-sgkp1013-175640-2026-02-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Deoria News: विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का अनिवार्य अंग है व्यक्तित्व विकास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Deoria News: विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का अनिवार्य अंग है व्यक्तित्व विकास
Tue, 24 Feb 2026 12:40 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Tue, 24 Feb 2026 12:40 AM IST
विज्ञापन
बरहज बीआरडीबीडी पीजी कालेज में आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते विशेषज्ञ अजय शुक्ल स्रोत कालेज
बरहज। बाबा राघवदास भगवानदास स्नातकोत्तर महाविद्यालय आश्रम में सोमवार को राजनीति विज्ञान विभाग की ओर से व्यक्तित्व विकास विषय पर व्याख्यान आयोजित किया गया। इसमें वक्ताओं ने अपने-अपने विचार रखे। वक्ताओं का कहना था कि व्यक्तित्व विकास, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का अनिवार्य अंग है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि व्यक्तित्व निर्माण विषय के विशेषज्ञ अजय कुमार शुक्ला ने कहा कि व्यक्तित्व निर्माण के लिए आत्म अनुशासन, सकारात्मक सोच, समय प्रबंधन, स्पष्ट लक्ष्य और निरंतर आत्ममूल्यांकन अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने भीतर छिपी क्षमताओं को पहचानते हुए आत्मविश्वास के साथ जीवन की चुनौतियों का सामना करें। उन्होंने यह भी कहा कि अच्छा व्यक्तित्व केवल बाहरी दिखावे से नहीं, बल्कि विचारों की शुद्धता, आचरण की सादगी और व्यवहार की विनम्रता से निर्मित होता है। नियमित अध्ययन, संवाद, कौशल और नैतिक मूल्यों का पालन व्यक्तित्व को प्रभावशाली बनाता है। कार्यक्रम के संयोजक और राजनीति विज्ञान विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अरविंद पांडेय ने कहा कि ऐसे व्याख्यान छात्रों को शैक्षिक ज्ञान के साथ-साथ जीवन कौशल विकसित करने की दिशा में प्रेरित करते हैं। मौके पर स्नातक छठवें सेमेस्टर से कृति भारती, वर्षा मद्देशिया, पूजा, इंसाद अंसारी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि व्यक्तित्व निर्माण विषय के विशेषज्ञ अजय कुमार शुक्ला ने कहा कि व्यक्तित्व निर्माण के लिए आत्म अनुशासन, सकारात्मक सोच, समय प्रबंधन, स्पष्ट लक्ष्य और निरंतर आत्ममूल्यांकन अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने भीतर छिपी क्षमताओं को पहचानते हुए आत्मविश्वास के साथ जीवन की चुनौतियों का सामना करें। उन्होंने यह भी कहा कि अच्छा व्यक्तित्व केवल बाहरी दिखावे से नहीं, बल्कि विचारों की शुद्धता, आचरण की सादगी और व्यवहार की विनम्रता से निर्मित होता है। नियमित अध्ययन, संवाद, कौशल और नैतिक मूल्यों का पालन व्यक्तित्व को प्रभावशाली बनाता है। कार्यक्रम के संयोजक और राजनीति विज्ञान विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अरविंद पांडेय ने कहा कि ऐसे व्याख्यान छात्रों को शैक्षिक ज्ञान के साथ-साथ जीवन कौशल विकसित करने की दिशा में प्रेरित करते हैं। मौके पर स्नातक छठवें सेमेस्टर से कृति भारती, वर्षा मद्देशिया, पूजा, इंसाद अंसारी आदि मौजूद रहे।

बरहज बीआरडीबीडी पीजी कालेज में आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते विशेषज्ञ अजय शुक्ल स्रोत कालेज
विज्ञापन