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Deoria News: पेंशनरों ने सरकार की नीतियों पर जताई नाराजगी
Wed, 13 May 2026 12:00 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Wed, 13 May 2026 12:00 AM IST
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देवरिया। उत्तर प्रदेश पेंशनर्स कल्याण संस्था की बैठक मंगलवार को कलक्ट्रेट परिसर स्थित पेंशनर भवन में हुई। पेंशनरों ने सरकार की नई नीतियों के प्रति गहरा रोष व्यक्त करते हुए पेंशन बहाली और अन्य सुविधाओं को लेकर हुंकार भरी। अध्यक्षता उपाध्यक्ष इंजीनियर दिग्विजय नाथ तिवारी ने की।
मंत्री लालसा यादव ने कहा कि केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) वैधता अधिनियम 2025 पेंशनरों के लिए एक काला अधिनियम है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इसे लागू किया गया तो पेंशनभोगी भविष्य में वेतन आयोग की अनुशंसाओं के लाभ से वंचित हो जाएंगे।
उन्होंने सरकार से मांग की कि वर्ष 2016 की तर्ज पर केंद्रीय वेतन आयोग के विचारणीय बिंदुओं में पेंशन पुनरीक्षण को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए।
उन्होंने कहा कि पेंशनरों के मेडिकल क्लेम के निस्तारण में मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय और संबंधित विभागों की ओर से अनावश्यक आपत्तियां लगाकर किए जा रहे विलंब पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने लंबित दावों के समयबद्ध निस्तारण की मांग की।
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सेवानिवृत्त प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष सुदर्शन कुशवाहा कहा कि पेंशन के राशिकरण की कटौती 15 वर्ष के बजाय 11 वर्ष में ही बंद की जानी चाहिए, क्योंकि वसूली 11 साल में पूरी हो जाती है।
इस दौरान शिवदत्त पाठक, दिग्विजय नाथ सिंह, अगम स्वरूप कुशवाहा, रामअशीष पांडेय, जफर मंसूर, मथुरा प्रसाद, श्रीकृष्ण कुशवाहा, अशोक कुमार कुशवाहा, जगदीश सिंह आदि मौजूद रहे।
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मंत्री लालसा यादव ने कहा कि केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) वैधता अधिनियम 2025 पेंशनरों के लिए एक काला अधिनियम है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इसे लागू किया गया तो पेंशनभोगी भविष्य में वेतन आयोग की अनुशंसाओं के लाभ से वंचित हो जाएंगे।
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उन्होंने सरकार से मांग की कि वर्ष 2016 की तर्ज पर केंद्रीय वेतन आयोग के विचारणीय बिंदुओं में पेंशन पुनरीक्षण को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए।
उन्होंने कहा कि पेंशनरों के मेडिकल क्लेम के निस्तारण में मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय और संबंधित विभागों की ओर से अनावश्यक आपत्तियां लगाकर किए जा रहे विलंब पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने लंबित दावों के समयबद्ध निस्तारण की मांग की।
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सेवानिवृत्त प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष सुदर्शन कुशवाहा कहा कि पेंशन के राशिकरण की कटौती 15 वर्ष के बजाय 11 वर्ष में ही बंद की जानी चाहिए, क्योंकि वसूली 11 साल में पूरी हो जाती है।
इस दौरान शिवदत्त पाठक, दिग्विजय नाथ सिंह, अगम स्वरूप कुशवाहा, रामअशीष पांडेय, जफर मंसूर, मथुरा प्रसाद, श्रीकृष्ण कुशवाहा, अशोक कुमार कुशवाहा, जगदीश सिंह आदि मौजूद रहे।