{"_id":"5e8f51248ebc3e76951fd546","slug":"patients-of-gorakhpur-region-will-kept-in-maharajganj-deoria-news-gkp347500344","type":"story","status":"publish","title_hn":"महराजगंज में रखे जाएंगे गोरखपुर मंडल के कोरोना पॉजिटिव मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महराजगंज में रखे जाएंगे गोरखपुर मंडल के कोरोना पॉजिटिव मरीज
विज्ञापन
महराजगंज में रखे जाएंगे गोरखपुर मंडल के कोरोना पॉजिटिव मरीज
वीडियो कांफ्रेंसिंग में प्रमुख सचिव ने दिया आदेश, गंभीर मरीज मेडिकल कॉलेज में होंगे शिफ्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। कोरोना से निपटने के लिए आएदिन नए-नए आदेश जारी हो रहे हैं। गोरखपुर मंडल में कोरोना मरीजों को महराजगंज जिले में रखा जाएगा। 30 बेड का एलवन का अस्पताल तैयार किया गया है। जबकि गंभीर मरीजों को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में रखा जाएगा। वीडियो कांफ्रेंसिंग में स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव अमित मोहन प्रसाद ने ऐसा आदेश जारी किया है।
देवरिया में कोरोना मरीजों के इलाज के लिए गौरीबाजार सीएचसी को एलवन 30 बेड का अस्पताल बनाया गया है। इलाज के लिए डॉक्टरों की टीम बना दी गई है और टीम के रुकने के लिए होटल भी सुरक्षित कर लिए गए थे, लेकिन बुधवार की शाम को प्रमुख सचिव ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में कहा कि गोरखपुर मंडल के देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज जिले में कोरोना का मरीज मिलें तो उन्हें महराजगंज में रखा जाएगा। इसके लिए महराजगंज में जिले के एक अस्पताल को एलवन अस्पताल बनाया गया है, जहां 30 कोरोना के मरीज भर्ती किए जा सकते हैं। इससे अधिक मरीज होने या गंभीर मरीजों को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया जाएगा। इस आदेश के बाद जिले के स्वास्थ्य महकमा ने राहत की सांस ली है। सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय ने बताया कि गोरखपुर मंडल के किसी भी जिले में कोरोना पॉजिटिव मिलने पर उसे महराजगंज जिले में रखा जाएगा। ऐसा आदेश मिला है। हालांकि, जिले पर भी डॉक्टरों की टीम को सक्रिय रखा जाएगा और संदिग्ध मरीजों की जांच जारी रहेगी।
सांस लेने में हो रही थी दिक्कत, जांच के लिए भेजा नमूना
देवरिया। विदेश से आए कोरोना के पांच संदिग्ध मरीजों को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया। इनका नमूना जांच के लिए गोरखपुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया। अभी तक जिले में 33 लोगों की कोरोना की जांच हो चुकी है।
विज्ञापन
कोरोना से बचाव के लिए सतर्कता और जागरूकता ही महत्वपूर्ण है। बावजूद लोग अपनी सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। सोशल डिस्टेंसिंग का जहां माखौल उड़ा रहे हैं, वहीं, कोरोना की जांच कराने से भी मुंह मोड़ रहे हैं। हालांकि, स्वास्थ्य महकमा अभियान चलाकर संदिग्धों की जांच कर रहा है। बृहस्पतिवार को पांच लोगों को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया और इनका नमूना जांच के लिए भेजा गया। सभी की सांस फूल रही है और विदेश से आए हैं। इसमें एक भलुअनी ब्लॉक, शहर के एक वार्ड, भाटपाररानी तहसील, मदनपुर थाना क्षेत्र के एक गांव का रहने वाला है। डॉक्टरों ने बताया कि विदेश से कुछ दिन पूर्व ये युवक घर आए थे, सर्दी, जुकाम और बुखार से पीड़ित थे, इनकी स्क्रीनिंग भी हुई, लेकिन कोई लक्षण नहीं दिखा। इन दिनों से सांस लेने में इन्हें तकलीफ हो रही थी। आनन-फानन स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची और पांचों युवकों को जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में लाकर भर्ती किया। इस बाबत सीएमएस डॉ. छोटेलाल ने बताया कि पांच कोरोना के संदिग्ध मरीजों को आइसोलेशन में भर्ती किया गया है। सांस लेने में इन्हें तकलीफ हो रही है। इनका नमूना जांच के लिए भेजा गया है।
विज्ञापन
वीडियो कांफ्रेंसिंग में प्रमुख सचिव ने दिया आदेश, गंभीर मरीज मेडिकल कॉलेज में होंगे शिफ्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। कोरोना से निपटने के लिए आएदिन नए-नए आदेश जारी हो रहे हैं। गोरखपुर मंडल में कोरोना मरीजों को महराजगंज जिले में रखा जाएगा। 30 बेड का एलवन का अस्पताल तैयार किया गया है। जबकि गंभीर मरीजों को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में रखा जाएगा। वीडियो कांफ्रेंसिंग में स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव अमित मोहन प्रसाद ने ऐसा आदेश जारी किया है।
देवरिया में कोरोना मरीजों के इलाज के लिए गौरीबाजार सीएचसी को एलवन 30 बेड का अस्पताल बनाया गया है। इलाज के लिए डॉक्टरों की टीम बना दी गई है और टीम के रुकने के लिए होटल भी सुरक्षित कर लिए गए थे, लेकिन बुधवार की शाम को प्रमुख सचिव ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में कहा कि गोरखपुर मंडल के देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज जिले में कोरोना का मरीज मिलें तो उन्हें महराजगंज में रखा जाएगा। इसके लिए महराजगंज में जिले के एक अस्पताल को एलवन अस्पताल बनाया गया है, जहां 30 कोरोना के मरीज भर्ती किए जा सकते हैं। इससे अधिक मरीज होने या गंभीर मरीजों को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया जाएगा। इस आदेश के बाद जिले के स्वास्थ्य महकमा ने राहत की सांस ली है। सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय ने बताया कि गोरखपुर मंडल के किसी भी जिले में कोरोना पॉजिटिव मिलने पर उसे महराजगंज जिले में रखा जाएगा। ऐसा आदेश मिला है। हालांकि, जिले पर भी डॉक्टरों की टीम को सक्रिय रखा जाएगा और संदिग्ध मरीजों की जांच जारी रहेगी।
विज्ञापन
सांस लेने में हो रही थी दिक्कत, जांच के लिए भेजा नमूना
देवरिया। विदेश से आए कोरोना के पांच संदिग्ध मरीजों को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया। इनका नमूना जांच के लिए गोरखपुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया। अभी तक जिले में 33 लोगों की कोरोना की जांच हो चुकी है।
विज्ञापन
कोरोना से बचाव के लिए सतर्कता और जागरूकता ही महत्वपूर्ण है। बावजूद लोग अपनी सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। सोशल डिस्टेंसिंग का जहां माखौल उड़ा रहे हैं, वहीं, कोरोना की जांच कराने से भी मुंह मोड़ रहे हैं। हालांकि, स्वास्थ्य महकमा अभियान चलाकर संदिग्धों की जांच कर रहा है। बृहस्पतिवार को पांच लोगों को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया और इनका नमूना जांच के लिए भेजा गया। सभी की सांस फूल रही है और विदेश से आए हैं। इसमें एक भलुअनी ब्लॉक, शहर के एक वार्ड, भाटपाररानी तहसील, मदनपुर थाना क्षेत्र के एक गांव का रहने वाला है। डॉक्टरों ने बताया कि विदेश से कुछ दिन पूर्व ये युवक घर आए थे, सर्दी, जुकाम और बुखार से पीड़ित थे, इनकी स्क्रीनिंग भी हुई, लेकिन कोई लक्षण नहीं दिखा। इन दिनों से सांस लेने में इन्हें तकलीफ हो रही थी। आनन-फानन स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची और पांचों युवकों को जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में लाकर भर्ती किया। इस बाबत सीएमएस डॉ. छोटेलाल ने बताया कि पांच कोरोना के संदिग्ध मरीजों को आइसोलेशन में भर्ती किया गया है। सांस लेने में इन्हें तकलीफ हो रही है। इनका नमूना जांच के लिए भेजा गया है।