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अब अस्पताल में नहीं होगी ऑक्सीजन की कमी

Mon, 28 Jun 2021 12:18 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 28 Jun 2021 12:18 AM IST
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oxygen plant ready in district hospital
अब अस्पताल में नहीं होगी ऑक्सीजन की कमी
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अस्पताल में स्थापित हो रहा है पांच सौ लीटर प्रति मिनट क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट
पीआईसीयू, इमरजेंसी सहित वार्ड में हर बेड पर होगी ऑक्सीजन की सुविधा
प्लांट में ऑटोमेटिक सिस्टम से कार्य करेंगी मशीनें
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। अब जिला अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी नहीं होगी। इसके मद्देजनर करीब सत्तर लाख की लागत से नया ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया गया है, जो जल्द शुरू हो जाएगा। प्लांट से सप्लाई चालू होने पर पीआईसीयू, इमरजेंसी सहित वार्ड में हर बेड पर ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। प्लांट ऑटोमेटिक सिस्टम से सुसज्जित है। इसकी क्षमता पांच सौ लीटर प्रति मिनट है।
महर्षि देवरहा बाबा स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज से संबद्ध बाबू मोहन सिंह जिला अस्पताल में ऑक्सीजन की आपूर्ति बाहर से होती है। इससे कभी-कभी ऑक्सीजन की कमी हो जाती थी। वहीं हार्ट व संक्रमण से ग्रसित, सांस सहित अन्य गंभीर मरीजों के लिए परेशानी होती थी। अस्पताल में सामान्य दिनों में तकरीबन डेढ़ से दो सौ लीटर प्रतिदिन आवश्यकता पड़ती है। जबकि वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौरान ऑक्सीजन की खपत काफी बढ़ गई थी। प्रशासन ने गोरखपुर से ऑक्सीजन सिलिंडर मंगाकर किसी तरह काम चलाया। वहीं, अस्पताल प्रशासन को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस समस्या को देखते हुए मारुति कंपनी की तरफ से पांच सौ लीटर प्रति मिनट क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट जिला अस्पताल को उपलब्ध कराया गया है। सैम गैस प्रोजेक्ट गाजियाबाद के प्रोजेक्ट इंजीनियर विधान चंद मौर्या प्लांट को स्थापित करने में जुटे हैं। प्लांट शुरू होने पर पीआईसीयू, इमरजेंसी, पुरुष मेडिकल, महिला सर्जिकल, पुरुष सर्जिकल वार्ड में हर बेड पर ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
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एक घंटे का मिलेगा बैकअप
प्रोजेक्ट इंजीनियर विधान चंद मौर्या ने बताया कि प्लांट ऑटोमेटिक है। प्रेशर बढ़ने व घटने पर मशीन अपने से बंद और चालू हो जाती है। प्लांट में ऑक्सीजन स्टोर करने के लिए तीस हजार लीटर का टैंक है। ऑक्सीजन बनने के बाद पीएसए से 15 हजार लीटर के सर्च टैंक में पहुंचती है। इसके बाद फ्लो मीटर के जरिए स्टोर टैंक में पहुंचती है। बिजली न रहने पर ऑक्सीजन सप्लाई के लिए एक घंटे का बैकअप मिलेगा। वर्तमान की खपत को देखते हुए यह दस घंटे तक चल सकता है।
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बैैक्टीरिया फिल्टर के बाद बेड तक पहुंचेगी ऑक्सीजन
प्लांट में चार मोस्चर एंड आयल फिल्टर तथा बैक्टीरिया फिल्टर लगे हैं। ये हवा को लेते हैं और उसे ठंडा करते हैं तथा नमी को निकालते हैं। एक फिल्टर ऑयल को एब्जार्ब कर हवा को शुद्ध करता है। बैक्टीरिया फिल्टर से होकर ऑक्सीजन की आपूर्ति होती है, ताकि कोई बैक्टीरिया न रह जाए।

कोट
जिला अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट जल्द शुरू हो जाएगा। इससे काफी सहूलियत होगी। लगभग हर बेड पर ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। ऑक्सीजन के लिए अभी और प्लांट जल्द स्थापित किए जाएंगे। इससे ऑक्सीजन की उपलब्धता पर्याप्त मात्रा में हो जाएगी। मरीजों को बेहतर सुविधा मुहैया कराना मेरा उद्देश्य है। इस दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
-डॉ. एएम वर्मा, प्राचार्य
महर्षि देवरहा बाबा स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज
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