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Deoria News: दंत रोग विभाग में बढ़ी ओपीडी
Wed, 03 Dec 2025 12:04 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Wed, 03 Dec 2025 12:04 AM IST
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महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कालेज के दंत रोग विभाग की ओपीडी में मरीज को देखतीं सहायक आचार्य डॉ.
- फोटो : FIR lodged against mayor, husband and corporation officials on fake complaint from vigilance
देवरिया। चाकलेट, फास्ट फूड, गुटखा दांतों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे दांत खराब हो रहे हैं। मेडिकल काॅलेज की ओपीडी में इस तरह के मरीजों की भरमार है।
डॉक्टर दवा के साथ मरीजों को दांतों को नुकसान करने वाली चीजों से बचाव की जानकारी भी दे रहे हैं। मेडिकल काॅलेज के दंत रोग विभाग की ओपीडी में रोजाना 80 से 90 मरीज इलाज कराने आते हैं। इसमें दांत के सड़ने और दांतों के दर्द के मरीज अधिक होते हैं। दांत की समस्या से बच्चे भी काफी प्रभावित हैं।
ओपीडी में आने वाले मरीजों में 10 प्रतिशत बच्चे भी होते हैं। इनमें दांत के सड़ने और इससे उपजे दर्द की समस्या से पीड़ित बच्चे अधिक हैं।
डॉ. संतोष ने बताया कि बच्चों में चाकलेट खाने की ललक अधिक है। इसे खाने के बाद बच्चे मुंह साफ नहीं करते हैं। इससे दांतों में सड़न शुरू हो जाती है।
उन्होंने बताया कि फास्ट फूड खाने की ललक भी दांत के रोग के लिए जिम्मेदार है। वहीं बड़ों में गुटखा, सुर्ती और पान के चलते दांत के रोग हो रहे हैं। इससे दांतोंं में कैविटी और अन्य रोग हो जाते हैं।
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मरीज देख रहीं डॉ. प्रियंका ने बताया कि गुटखा के चलते ओरल कैंसर के मरीज भी ओपीडी में आते हैं। इससे प्रभावित मरीजों का मुंह कम खुलता है। कई बार यह बिल्कुल बंद हो जाता है।
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डॉक्टर दवा के साथ मरीजों को दांतों को नुकसान करने वाली चीजों से बचाव की जानकारी भी दे रहे हैं। मेडिकल काॅलेज के दंत रोग विभाग की ओपीडी में रोजाना 80 से 90 मरीज इलाज कराने आते हैं। इसमें दांत के सड़ने और दांतों के दर्द के मरीज अधिक होते हैं। दांत की समस्या से बच्चे भी काफी प्रभावित हैं।
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ओपीडी में आने वाले मरीजों में 10 प्रतिशत बच्चे भी होते हैं। इनमें दांत के सड़ने और इससे उपजे दर्द की समस्या से पीड़ित बच्चे अधिक हैं।
डॉ. संतोष ने बताया कि बच्चों में चाकलेट खाने की ललक अधिक है। इसे खाने के बाद बच्चे मुंह साफ नहीं करते हैं। इससे दांतों में सड़न शुरू हो जाती है।
उन्होंने बताया कि फास्ट फूड खाने की ललक भी दांत के रोग के लिए जिम्मेदार है। वहीं बड़ों में गुटखा, सुर्ती और पान के चलते दांत के रोग हो रहे हैं। इससे दांतोंं में कैविटी और अन्य रोग हो जाते हैं।
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मरीज देख रहीं डॉ. प्रियंका ने बताया कि गुटखा के चलते ओरल कैंसर के मरीज भी ओपीडी में आते हैं। इससे प्रभावित मरीजों का मुंह कम खुलता है। कई बार यह बिल्कुल बंद हो जाता है।