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Deoria News: नूतन ठाकुर ने नाम बदलकर लिया था प्लॉट
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देवरिया। शहर के पूरवा चौराहे के नजदीक स्थित औद्योगिक क्षेत्र में जिस प्लॉट नंबर बी-2 की खरीद बिक्री में धोखाधड़ी का आरोप पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर पर लगा है, वह प्लॉट पहले हरैया गांव निवासी रामजनक शर्मा ने नब्बे के दशक में शर्मा इंजीनियरिंग वर्क्स के नाम से अलॉट कराया था। चर्चा है कि 618 वर्ग मीटर का यह प्लॉट तीन लाख रुपये में खरीदकर चार लाख रुपये में बेचा गया था। हालांकि, अफसर इस मामले पर कुछ कहने से सीधे तौर पर बच रहे हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता और इस मामले के शिकायतकर्ता संजय शर्मा ने बताया कि रामजनक शर्मा का व्यवसाय कुछ खास नहीं चल रहा था। वे अपना प्लॉट वापस करना चाहते थे। इसी बीच किसी ने उनकी मुलाकात देवरिया के तत्कालीन एसपी अमिताभ ठाकुर की पत्नी नूतन ठाकुर से करा दी। रामजनक शर्मा के बेटे संजय शर्मा का कहना है कि रामजनक शर्मा की जगह नूतन ठाकुर ने सरकारी अभिलेखों में अपना नाम दर्ज करा लिया। उन्होंने अपना नूतन देवी लिखवा दिया। वहीं पति के नाम के आगे अमिताभ के बजाय अभिजात ठाकुर लिखा गया। पता ग्राम खैरा, जिला सीतामढ़ी, बिहार दर्ज किया गया। मार्च 2000 में अमिताभ ठाकुर का देवरिया से तबादला हो गया। इसके बाद भी दो साल तक यह प्लॉट इनके पास रहा। संजय शर्मा का आरोप है कि साल 2003 में अमिताभ ठाकुर और नूतन ने इस प्लॉट को शराब कारोबारी संजय सिंह को बेच दिया। चर्चा है कि उस वक्त इस प्लॉट को तीन लाख में खरीदकर चार लाख रुपये में बेचा गया था। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो रही है।
दोपहर में ही लगाई थी फोर्स
अमिताभ ठाकुर की गिरफ्तार की सूचना मिलने के बाद दोपहर में अचानक कोर्ट में पुलिस कर्मियों की आमद शुरू हो गई। कुछ ही देर में पूरा परिसर छावनी में तब्दील हो गया। जल्द ही अधिवक्ताओं को पता लगा कि पूर्व एसपी अमिताभ ठाकुर की पेशी होनी है। इसके बाद कोर्ट परिसर में हलचल बढ़ गई। दोपहर बाद पुलिस अभिरक्षा के बीच उन्हें कोर्ट ले जाया गया।
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सामाजिक कार्यकर्ता और इस मामले के शिकायतकर्ता संजय शर्मा ने बताया कि रामजनक शर्मा का व्यवसाय कुछ खास नहीं चल रहा था। वे अपना प्लॉट वापस करना चाहते थे। इसी बीच किसी ने उनकी मुलाकात देवरिया के तत्कालीन एसपी अमिताभ ठाकुर की पत्नी नूतन ठाकुर से करा दी। रामजनक शर्मा के बेटे संजय शर्मा का कहना है कि रामजनक शर्मा की जगह नूतन ठाकुर ने सरकारी अभिलेखों में अपना नाम दर्ज करा लिया। उन्होंने अपना नूतन देवी लिखवा दिया। वहीं पति के नाम के आगे अमिताभ के बजाय अभिजात ठाकुर लिखा गया। पता ग्राम खैरा, जिला सीतामढ़ी, बिहार दर्ज किया गया। मार्च 2000 में अमिताभ ठाकुर का देवरिया से तबादला हो गया। इसके बाद भी दो साल तक यह प्लॉट इनके पास रहा। संजय शर्मा का आरोप है कि साल 2003 में अमिताभ ठाकुर और नूतन ने इस प्लॉट को शराब कारोबारी संजय सिंह को बेच दिया। चर्चा है कि उस वक्त इस प्लॉट को तीन लाख में खरीदकर चार लाख रुपये में बेचा गया था। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो रही है।
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दोपहर में ही लगाई थी फोर्स
अमिताभ ठाकुर की गिरफ्तार की सूचना मिलने के बाद दोपहर में अचानक कोर्ट में पुलिस कर्मियों की आमद शुरू हो गई। कुछ ही देर में पूरा परिसर छावनी में तब्दील हो गया। जल्द ही अधिवक्ताओं को पता लगा कि पूर्व एसपी अमिताभ ठाकुर की पेशी होनी है। इसके बाद कोर्ट परिसर में हलचल बढ़ गई। दोपहर बाद पुलिस अभिरक्षा के बीच उन्हें कोर्ट ले जाया गया।
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