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Deoria News: कोडीनयुक्त कफ सिरप मामले में तीन को नोटिस
Fri, 19 Dec 2025 11:07 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Fri, 19 Dec 2025 11:07 PM IST
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देवरिया। कोडीनयुक्त कफ सिरप और अन्य नशीली दवाइयों की बिक्री की आशंकावश शहर के तीन थोक दवा विक्रेताओं को नोटिस दिया गया है। तीनों को एक सप्ताह में अपने दुकान में दो साल में मंगाई गई दवा और बेची गई दवाओं का रिकॉर्ड उपलब्ध कराना है।
वहीं पहले से जिन चार दुकानों को नोटिस दिया गया थी, उसमें से दो ने अभी तक जवाब नहीं दिए हैं, वहीं एक के जवाब से विभाग संतुष्ट नहीं है, इसलिए उसे दुबारा नोटिस भेजा गया है।
बिहार बॉर्डर से सटे देवरिया जिले में भी कोडीनयुक्त कफ सिरप व नशीली दवाइयों का धंधा काफी गहराई तक पैठ जमा चुका है। पिछले साल दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की स्पेशल टीम ने भालोटिया मार्केट में छापा मारा था, तो वहां से भाटपाररानी वाली दुकान का इनपुट मिला था।
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जांच के बाद इस दुकान का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। प्रदेश स्तर पर कोडीनयुक्त कफ सिरप और टेबलेट ट्रामाडॉल की जांच शुरू हुई तो वहां से देवरिया शहर के केजरीवाल मेडिकल एजेंसी, श्रीराम मेडिकल एजेंसी और भारत मेडिकल एजेंसी का इनपुट मिला।
इसके अलावा इन तीनों दुकानों के खिलाफ आईजीआरएस पोर्टल पर भी शिकायत की गई थी। इस आधार पर तीनों दुकानों की जांच हुई। अब इनसे एक सप्ताह में पिछले दो साल का खरीद-बिक्री का रिकॉर्ड मांगा गया है।
दूसरे बैच नंबर का भेज दिया था बिल : कोडीनयुक्त कफ सिरप मामले की जांच के दौरान शहर के तीन व भाटपार रानी क्षेत्र के एक दवा विक्रेता को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था। विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार चार में से दाे विक्रेताओं ने अपना पक्ष विभाग के सामने प्रस्तुत किया है।
इसमें से एक दवा विक्रेता से ट्रामाडॉल के जिस बैच नंबर की जानकारी मांगी गई थी, उसने उसकी बजाय दूसरे बैच नंबर का बिल संलग्न करते हुए विवरण भेजा है। इस पर विभाग ने दोबारा नोटिस देते हुए मांगी गई जानकारी के अनुसार जवाब देने को कहा है।
वहीं जिस दूसरी फर्म ने जवाब भेजा है, उसकी जांच की जा रही है। इसके अलावा दो दुकानदारों ने अभी तक जवाब नहीं दिया है। विभागीय अफसरों का कहना है कि जवाब नहीं देने वाली फर्माें का लाइसेंस निलंबित हो सकता है।
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वहीं पहले से जिन चार दुकानों को नोटिस दिया गया थी, उसमें से दो ने अभी तक जवाब नहीं दिए हैं, वहीं एक के जवाब से विभाग संतुष्ट नहीं है, इसलिए उसे दुबारा नोटिस भेजा गया है।
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बिहार बॉर्डर से सटे देवरिया जिले में भी कोडीनयुक्त कफ सिरप व नशीली दवाइयों का धंधा काफी गहराई तक पैठ जमा चुका है। पिछले साल दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की स्पेशल टीम ने भालोटिया मार्केट में छापा मारा था, तो वहां से भाटपाररानी वाली दुकान का इनपुट मिला था।
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जांच के बाद इस दुकान का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। प्रदेश स्तर पर कोडीनयुक्त कफ सिरप और टेबलेट ट्रामाडॉल की जांच शुरू हुई तो वहां से देवरिया शहर के केजरीवाल मेडिकल एजेंसी, श्रीराम मेडिकल एजेंसी और भारत मेडिकल एजेंसी का इनपुट मिला।
इसके अलावा इन तीनों दुकानों के खिलाफ आईजीआरएस पोर्टल पर भी शिकायत की गई थी। इस आधार पर तीनों दुकानों की जांच हुई। अब इनसे एक सप्ताह में पिछले दो साल का खरीद-बिक्री का रिकॉर्ड मांगा गया है।
दूसरे बैच नंबर का भेज दिया था बिल : कोडीनयुक्त कफ सिरप मामले की जांच के दौरान शहर के तीन व भाटपार रानी क्षेत्र के एक दवा विक्रेता को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था। विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार चार में से दाे विक्रेताओं ने अपना पक्ष विभाग के सामने प्रस्तुत किया है।
इसमें से एक दवा विक्रेता से ट्रामाडॉल के जिस बैच नंबर की जानकारी मांगी गई थी, उसने उसकी बजाय दूसरे बैच नंबर का बिल संलग्न करते हुए विवरण भेजा है। इस पर विभाग ने दोबारा नोटिस देते हुए मांगी गई जानकारी के अनुसार जवाब देने को कहा है।
वहीं जिस दूसरी फर्म ने जवाब भेजा है, उसकी जांच की जा रही है। इसके अलावा दो दुकानदारों ने अभी तक जवाब नहीं दिया है। विभागीय अफसरों का कहना है कि जवाब नहीं देने वाली फर्माें का लाइसेंस निलंबित हो सकता है।