{"_id":"6a416598570a220a4f00cdcf","slug":"not-revealed-dj-operators-death-deoria-news-c-208-1-deo1022-185682-2026-06-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Deoria News: नहीं खुल पाया डीजे संचालक की मौत का राज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Deoria News: नहीं खुल पाया डीजे संचालक की मौत का राज
Sun, 28 Jun 2026 11:49 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sun, 28 Jun 2026 11:49 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तरकुलवा। बंजरिया गांव निवासी डीजे संचालक हीरालाल शर्मा उर्फ बिकाऊ की करीब नौ माह पहले संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। पति की मौत के पर्दाफाश के लिए पत्नी नीतू दर-दर भटक रही है।
उसने 27 जून को पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर शंकर प्रार्थनापत्र देकर मौत के कारणों का पर्दाफाश कराने और आरोपियों पर ठोस कार्रवाई की मांग की है।
नीतू ने प्रार्थनापत्र में कहा है कि पति हीरालाल शर्मा उर्फ बिकाऊ (30) गांव के ही एक टेंट हाउस में काम करते थे। साथ में वह अपना डीजे सिस्टम भी चलाते थे।
नौ अगस्त की रात करीब 8:30 बजे कुछ लोग पति को काम का हवाला देकर अपने साथ ले गए। इसके बाद पति घर लौट कर नहीं आए। अगले दिन सुबह पति का शव गांव के पश्चिम एक निजी विद्यालय के पास धान के खेत में मिला।
विज्ञापन
इस मामले में नीतू शर्मा की तहरीर पर पुलिस ने उसी दिन अज्ञात लोगों पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर ली थी। धीरे-धीरे 11 महीने बीत गए, मगर तक पति के हत्यारोययों का पुलिस पर्दाफाश नहीं कर पाई है। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक को दिए प्रार्थनापत्र में बताया है कि वारदात के संबंध में विवेचक के पास स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरे का फुटेज और मोबाइल फोन का कॉल डिटेल भी है। पीड़िता का आरोप है कि जो लोग उसके पति को बुलाकर ले गए थे, उन्हीं लोगों ने उनकी हत्या कर शव को फेंक दिया था। 11 महीने बाद बिसरा जांच रिपोर्ट आई, जिसमें अत्यधिक अल्कोहल से मौत बताई गई है। उसे पुलिस की कार्यशैली और बिसरा जांच रिपोर्ट पर संदेह है। उसने इलाहाबाद हाईकोर्ट में वाद दाखिल कर न्याय की गुहार लगाई है। इस मामले में दर्ज प्राथमिकी की फाइल को पुलिस ने बंद कर दी है।
थाना प्रभारी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के कारणों का स्पष्ट पर्दाफाश नहीं हुआ था। इसके चलते बिसरा सुरक्षित कर जांच के लिए भेजा गया था।
बिसरा जांच रिपोर्ट में अत्यधिक अल्कोहल से मौत की पुष्टि हुई है। पोस्टमार्टम और बिसरा जांच रिपोर्ट सहित कई पहलुओं पर जांच के उपरांत इस मामले में दर्ज प्राथमिकी की फाइल बंद कर दी गई है।
विज्ञापन
उसने 27 जून को पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर शंकर प्रार्थनापत्र देकर मौत के कारणों का पर्दाफाश कराने और आरोपियों पर ठोस कार्रवाई की मांग की है।
नीतू ने प्रार्थनापत्र में कहा है कि पति हीरालाल शर्मा उर्फ बिकाऊ (30) गांव के ही एक टेंट हाउस में काम करते थे। साथ में वह अपना डीजे सिस्टम भी चलाते थे।
विज्ञापन
नौ अगस्त की रात करीब 8:30 बजे कुछ लोग पति को काम का हवाला देकर अपने साथ ले गए। इसके बाद पति घर लौट कर नहीं आए। अगले दिन सुबह पति का शव गांव के पश्चिम एक निजी विद्यालय के पास धान के खेत में मिला।
विज्ञापन
इस मामले में नीतू शर्मा की तहरीर पर पुलिस ने उसी दिन अज्ञात लोगों पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर ली थी। धीरे-धीरे 11 महीने बीत गए, मगर तक पति के हत्यारोययों का पुलिस पर्दाफाश नहीं कर पाई है। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक को दिए प्रार्थनापत्र में बताया है कि वारदात के संबंध में विवेचक के पास स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरे का फुटेज और मोबाइल फोन का कॉल डिटेल भी है। पीड़िता का आरोप है कि जो लोग उसके पति को बुलाकर ले गए थे, उन्हीं लोगों ने उनकी हत्या कर शव को फेंक दिया था। 11 महीने बाद बिसरा जांच रिपोर्ट आई, जिसमें अत्यधिक अल्कोहल से मौत बताई गई है। उसे पुलिस की कार्यशैली और बिसरा जांच रिपोर्ट पर संदेह है। उसने इलाहाबाद हाईकोर्ट में वाद दाखिल कर न्याय की गुहार लगाई है। इस मामले में दर्ज प्राथमिकी की फाइल को पुलिस ने बंद कर दी है।
थाना प्रभारी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के कारणों का स्पष्ट पर्दाफाश नहीं हुआ था। इसके चलते बिसरा सुरक्षित कर जांच के लिए भेजा गया था।
बिसरा जांच रिपोर्ट में अत्यधिक अल्कोहल से मौत की पुष्टि हुई है। पोस्टमार्टम और बिसरा जांच रिपोर्ट सहित कई पहलुओं पर जांच के उपरांत इस मामले में दर्ज प्राथमिकी की फाइल बंद कर दी गई है।