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निर्माण अनुभाग करेगा शहर के जर्जर भवनों का सर्वे
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निर्माण अनुभाग करेगा शहर के जर्जर भवनों का सर्वे
नगर पालिका: शहर में जर्जर भवनों के सर्वे की जिम्मेदारी एक-दूसरे पर थोप रहे थे टैक्स व निर्माण अनुभाग
अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद प्रभारी ईओ ने जारी किए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। नगर क्षेत्र में जर्जर भवनों की सूची तैयार करने को लेकर टैक्स और निर्माण अनुभाग के बीच चल रहे आरोप-प्रत्यारोप का दौर अब समाप्त हो गया है। शहर में जर्जर भवनों का सर्वे करने और भवन स्वामियों को नोटिस जारी करने के निर्देश प्रभारी ईओ ने निर्माण अनुभाग को दे दिए हैं। पहले दोनों अनुभाग सर्वे की जिम्मेदारी का ठीकरा एक-दूसरे पर फोड़ रहे थे।
एई जयराम यादव का कहना था कि कर अनुभाग के कर्मचारी वार्डों में जलकर-गृहकर की वसूली के लिए जाते हैं। जर्जर भवनों की रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी उनकी है। कर निर्धारण अधिकारी शशिकला अपने स्टाफ के पास तकनीकी जानकारी नहीं होने का हवाला दे रही थीं। जिम्मेदारी स्पष्ट नहीं होने के चलते जर्जर भवन गिरवाने की अनुमति लेने पहुंचे भवन स्वामियों को अनुभागों के टेबल का चक्कर काटना पड़ता था। शुक्रवार को ‘एक-दूसरे की बता रहे जिम्मेदारी, जर्जर भवनों का सर्वे रामभरोसे’ शीर्षक से खबर प्रकाशित होने के बाद नगर पालिका के प्रभारी ईओ अमृत लाल वृंद ने निर्माण अनुभाग को शहर के जर्जर भवनों का सर्वे कर नोटिस चस्पा करने के निर्देश दिए। बता दें कि शहर में कई भवन जर्जर होने के बावजूद लोग परिवार समेत निवास कर रहे हैं। कुछ भवनों का आधा हिस्सा गिर चुका है उसमें कोई नहीं रहता लेकिन बाकी हिस्सा ढहने से बगल के मकानों पर खतरा मंडरा रहा है। ऐसे भवन में ठंड के दिनों में बेसहारा लोग रात गुजारते हैं। इस संबंध में प्रभारी ईओ नगर पालिका अमृत लाल वृंद ने कहा कि निर्माण अनुभाग में कार्यरत तकनीकी स्टाफ शहर में जर्जर भवनों का सर्वे करेंगे। जो भवन खतरनाक होंगे उनके स्वामी को नोटिस दिया जाएगा। इस कार्य के लिए एई को निर्देश जारी किए गए हैं।
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नगर पालिका: शहर में जर्जर भवनों के सर्वे की जिम्मेदारी एक-दूसरे पर थोप रहे थे टैक्स व निर्माण अनुभाग
अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद प्रभारी ईओ ने जारी किए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। नगर क्षेत्र में जर्जर भवनों की सूची तैयार करने को लेकर टैक्स और निर्माण अनुभाग के बीच चल रहे आरोप-प्रत्यारोप का दौर अब समाप्त हो गया है। शहर में जर्जर भवनों का सर्वे करने और भवन स्वामियों को नोटिस जारी करने के निर्देश प्रभारी ईओ ने निर्माण अनुभाग को दे दिए हैं। पहले दोनों अनुभाग सर्वे की जिम्मेदारी का ठीकरा एक-दूसरे पर फोड़ रहे थे।
एई जयराम यादव का कहना था कि कर अनुभाग के कर्मचारी वार्डों में जलकर-गृहकर की वसूली के लिए जाते हैं। जर्जर भवनों की रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी उनकी है। कर निर्धारण अधिकारी शशिकला अपने स्टाफ के पास तकनीकी जानकारी नहीं होने का हवाला दे रही थीं। जिम्मेदारी स्पष्ट नहीं होने के चलते जर्जर भवन गिरवाने की अनुमति लेने पहुंचे भवन स्वामियों को अनुभागों के टेबल का चक्कर काटना पड़ता था। शुक्रवार को ‘एक-दूसरे की बता रहे जिम्मेदारी, जर्जर भवनों का सर्वे रामभरोसे’ शीर्षक से खबर प्रकाशित होने के बाद नगर पालिका के प्रभारी ईओ अमृत लाल वृंद ने निर्माण अनुभाग को शहर के जर्जर भवनों का सर्वे कर नोटिस चस्पा करने के निर्देश दिए। बता दें कि शहर में कई भवन जर्जर होने के बावजूद लोग परिवार समेत निवास कर रहे हैं। कुछ भवनों का आधा हिस्सा गिर चुका है उसमें कोई नहीं रहता लेकिन बाकी हिस्सा ढहने से बगल के मकानों पर खतरा मंडरा रहा है। ऐसे भवन में ठंड के दिनों में बेसहारा लोग रात गुजारते हैं। इस संबंध में प्रभारी ईओ नगर पालिका अमृत लाल वृंद ने कहा कि निर्माण अनुभाग में कार्यरत तकनीकी स्टाफ शहर में जर्जर भवनों का सर्वे करेंगे। जो भवन खतरनाक होंगे उनके स्वामी को नोटिस दिया जाएगा। इस कार्य के लिए एई को निर्देश जारी किए गए हैं।
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