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Deoria News: रिटायर्ड असम राइफल कर्मी सहित चौबीस घंटे में नौ लोगों की मौत, इमरजेंसी में इलाज के लिए 20 भर्ती

Wed, 21 Jun 2023 03:51 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया।
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया। Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Wed, 21 Jun 2023 03:51 PM IST
सार

इमरजेंसी का हाल यह रहा कि सोमवार पूरी रात अधिकतर बेड खाली रहे, लेकिन मंगलवार सुबह से शाम तक करीब 200 मरीज विभिन्न रोगों के इलाज कराने के लिए पहुंचे, इसमें कुछ को इलाज कर घर भेज दिया गया, जबकि कुछ को गोरखपुर भेज दिया गया। वहीं सांस फूलने, बुखार, उल्टी-दस्त के करीब 20 मरीजों को वार्ड में भर्ती किया गया।

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Nine people died in twenty four hours including retired Assam Rifles personnel
मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग में इलाज के लिए मरी व तीमारदारों की लगी भीड़ ।संवाद

विस्तार

भीषण गर्मी के बीच महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में बीते 24 घंटे में असम राइफल के रिटायर्ड अधिकारी सहित नौ लोग मृत अवस्था में लाए गए। करीब 20 लोगों को इलाज के लिए भर्ती किया गया। भर्ती होने वाले मरीजों में तेज बुखार, सांस की पेरशानी, उल्टी-दस्त, कमजोरी आदि से पीड़ित हैं। अधिकतर बुजुर्ग हैं। वहीं, मंगलवार को 200 मरीज मेडिकल कॉलेज की आपातकालीन सेवा में इलाज के लिए पहुंचे थे।

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बता दें कि जिले में पिछले दस दिनों से 42 से 44 डिग्री तापमान बना हुआ है। सोमवार सुबह से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे कुछ राहत मिली है। इससे बीमार होकर मरने वालों की संख्या में कमी आई है।
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जनपद में पिछले चौबीस घंटे में विभिन्न वजहों से नौ लोगों की मौत हुई है।

इसमें सोमवार शाम पांच बजे से मंगलवार शाम पांच बजे तक असम राइफल के रिटायर्ड अधिकारी पृथ्वीनाथ पांडेय (84) अगस्तपार, रविंद्र प्रताप मिश्र (62) गौरीबुजुर्ग, दीनानाथ वर्मा (60) सोनाड़ी, सच्चिदानंद (85) कुकुरघाटी, पतिराजी देवी (60) लंगड़ी, राजीवलोचन (40) भटवलिया, मुन्ना कुमार (45) मैरवा मृत अवस्था में लाए गए थे। इनके अलावा दो अन्य मरीज भी लाए गए, जो बाहर से ही चले गए।
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वहीं, इमरजेंसी का हाल यह रहा कि सोमवार पूरी रात अधिकतर बेड खाली रहे, लेकिन मंगलवार सुबह से शाम तक करीब 200 मरीज विभिन्न रोगों के इलाज कराने के लिए पहुंचे, इसमें कुछ को इलाज कर घर भेज दिया गया, जबकि कुछ को गोरखपुर भेज दिया गया। वहीं सांस फूलने, बुखार, उल्टी-दस्त के करीब 20 मरीजों को वार्ड में भर्ती किया गया।

ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों की संख्या अधिक

मेडिकल कॉलेज में मरीजों की मौत को लेकर जनपद से लेकर प्रदेश स्तर तक हड़कंप मचा हुआ है। अभी तक जितनी मौतें हुईं हैं उनमें 98 प्रतिशत लोग ग्रामीण क्षेत्र के रहने वाले थे। सबसे ज्यादा लोग तेज बुखार और सांस की समस्या लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंच रहे हैं। साथ ही निजी अस्पतालों में भी ऐसे मरीजों की संख्या अधिक है। गर्मी के कारण सीने में दर्द की भी शिकायत हो रही है।

मंगलवार को मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में करीब डेढ़ सौ मरीज ऐसे रहे, जिन्हें बुखार, बेचैनी, सांस, ब्लड प्रेशर, शुगर की दिक्कत रही। डॉक्टरों के अनुसार तेज गर्मी में अगर समय से इलाज नहीं मिला तो जानलेवा हो सकता है। जाहिर है कि ग्रामीण क्षेत्रों से मरीज समय से मेडिकल कॉलेज नहीं पहुंच पा रहे और उनकी जा चली जा रही है। कुछ मामलों में देखने को मिला कि चौक-चौराहे पर कई दिनों तक इजाज कराने के बाद उन्हें आराम नहीं मिला। गंभीर हुए तो मेडिकल कॉलेज पहुंचे। इस कारण उनकी जान चली गई।

तेज गर्मी के कारण ये बीमारियां करती हैं हमला
डॉक्टरों का कहना है कि गर्मी से शरीर में पानी की कमी के कारण उसमें मिलने वाले तत्वों की कमी व इलेक्ट्रोड कम हो जाता है, जिससे बुखार, कमजोरी, चक्कर आना, बीपी, शुगर की दिक्क्त होती है। वहीं, एलर्जी, अस्थमा के मरीजों को सांस की परेशानी हो जाती है। मौसम में बदलाव के कारण बैक्टीरिया, फंगल का संक्रमण भी बढ़ता है, जिससे लोग बुखार, सांस सहित अन्य बीमारी की चपेट में आ जाते हैं। ओपीडी में शनिवार को 92, सोमवार को 135 और मंगलवार को 150 मरीज इलाज कराने पहुंचे थे।


 

मेडिकल कॉलेज में बना 15 बेड का वार्ड, ओआरएस वितरण के बने छह काउंटर

मेडिकल कॉलेज में गर्मी और लू के प्रकोप को देखते हुए विशेष इंतजाम किए गए हैं। नए भवन में 15 बेड का एसीयुक्त वार्ड बनाया गया है। वहीं इमरजेंसी सहित एमसीएच विंग में कूलर लगाए गए हैं। जबकि ओआरएस का वितरण छह स्थानों पर शुरू कर दिया गया है।

गर्मी और लू की चपेट में आने से लोग बीमार पड़ रहे हैं। इन मरीजों की संख्या बढ़ गई है। इसे मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। नए भवन के तीसरी मंजिल पर 15 बेड का वार्ड बनाया गया है। यहां एसपी, पंखा, ऑक्सीजन, दवा सहित अन्य सुविधा हैं। एक डॉक्टर व स्टाफ नर्स की ड्यूटी लगाई गई है।

अस्पताल आने वाले लोगों को दिक्कत होने पर ओआरएस निशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रशासनिक भवन, पुराने भवन में हेल्थ डेस्क, इमरजेंसी, ओपीडी व एमसीएच विंग में पर्ची काउंटर के पास तथा दवा वितरण केंद्र पर बने काउंटर से वितरण शुरू कर दिया गया है। मेेडिकल कॉलेज में 20 हजार ओआरएस तथा 10 हजार ग्लूकान-डी पैकेट मंगाया गया है।

 

इमरजेंसी का प्राचार्य ने किया निरीक्षण

इमरजेंसी का मंगलवार को प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार बरनवाल ने निरीक्षण किया। उन्होंने डॉक्टर और कर्मियों को मरीजों का ठीक से इलाज करने का निर्देश दिया। गर्मी को देखते हुए उन्होंने लगाए गए कूलर को भी देखा।

इमरजेंसी में लगाए गए छह कूलर
भीषण गर्मी में इमरजेंसी आने वाले मरीजों और तीमारदारों को राहत देेने के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन की पहल पर संस्था के सहयोग से छह कूलर लगवाया गया है। इसमें एक अंदर प्रवेश करने पर हाल और एक गैलरी तथा दो कूलर वार्ड में लगाए गए हैं। वहीं एग्जास्टर फैन भी लगाए जाएंगे। वहीं एमसीएच विंग के विभिन्न वार्डों में छह कूलर लगाए गए हैं। वहीं इमरजेंसी में पांच बेड बढ़ाने तथा ओपीडी के प्रथम, द्वितीय व तृतीय मंजिल पर एक-एक वाटर कूलर लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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