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कलयुगी बेटे ने पिता को लाठी से पीट पीट कर मार डाला

Wed, 17 Jul 2019 10:30 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 17 Jul 2019 10:30 PM IST
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murder
चकरवां बहोरदास में गोरख नाथ यादव की हत्या के बाद घोठे पर बैठी बेटी - फोटो : SALEMPUR
फोटो
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सलेमपुर कोतवाली क्षेत्र के चकरवां बहोरदास गांव का मामला
बेटी की तहरीर पर गैर इरादतन हत्या का दर्ज हुआ मुकदमा
अमर उजाला ब्यूरो
सलेमपुर। जमीन बिक्री के रुपये न देने पर बेटे ने लाठियों से पीटकर रिटायर्ड कर्मी की हत्या कर दी। घटना सलेमपुर कोतवाली क्षेत्र के चकरवां बहोरदास गांव की है। वारदात के बाद आरोपी पुत्र परिवार समेत फरार है। बेटी की तहरीर पर गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कर पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
कोतवाली थाना क्षेत्र के चकरवां बहोरदास गांव निवासी गोरखनाथ यादव (65) गांव के इंटर कॉलेज से अनुचर पद से सेवानिवृत्त हुए थे। वह गांव के दक्षिण तरफ घोठा बनाकर रहते थे। उनके तीन बेटे हैं। बड़ा बेटा राजकुमार और छोटा बेटा संतोष घर पर रहते हैं, जबकि दूसरे नंबर का शिव कुमार बाहर रहता है। पांच दिन पहले गोरखनाथ यादव ने अपनी जमीन तीन लाख रुपये में बेच दी। बड़ा बेटा राजकुमार अपने पिता से जमीन बिक्री के तीन लाख रुपये मांग रहा था। मंगलवार की रात गोरखनाथ यादव और राजकुमार गांव के दक्षिण स्थित घोठे पर मौजूद थे। इसी दौरान रुपये को लेकर हुए विवाद में राजकुमार ने लाठियों से पिता पर हमला बोल दिया। चीख-पुकार सुनकर पास-पड़ोस के लोग पहुंचे। गंभीर रूप से घायल गोरखनाथ यादव को सीएचसी पहुंचाया गया, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। गोरखनाथ की बेटी गीता देवी की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने राजकुमार यादव पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। कोतवाल अनिल कुमार पांडेय का कहना है कि आरोपी को शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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बुढ़ापे की लाठी तो नहीं बना लाठी से ले ली जान
सलेमपुर। जिस बेटे को तमाम कष्ट सहकर बड़ा किया, वही मौत का कारण बन गया। जिसे पिता के बुढ़ापे की लाठी बननी थी, उसने पिता की लाठी से पीटकर जान ले ली। इस घटना से अवाक हर कोई बेटे को कोस रहा है।
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गोरखनाथ यादव की पत्नी शांति देवी की छह माह पहले मौत हो गई थी। उन्हें हर माह मिलने वाली पेंशन से घर का खर्च चलता था। इसका फायदा बड़े बेटे राजकुमार के परिवार को भी मिलता था। दूसरे नंबर के बेटे शिवकुमार की शादी 26 जून को ही हुई थी। वह बाहर रहता है। पांच दिन पूर्व बेची गई पांच कट्ठा जमीन से मिले तीन लाख रुपये को लेकर पिता-पुत्र में टकराव चल रहा था। बेटा इस रकम को अपनी पत्नी के नाम जमा कराना चाहता था। बेटी कुसुम देवी के मुताबिक पिता ने कर्ज चुकाने के लिए जमीन बेची थी लेकिन भाई ने पिता की एक न सुनी। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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