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Deoria News: स्टांप वेंडर की हत्या, हंगामे के बाद आठ पर केस

Mon, 16 Dec 2024 01:03 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 16 Dec 2024 01:03 AM IST
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Murder of stamp vendor, case against eight after uproar
संवाद न्यूज एजेंसी
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बरियारपुर। सदर तहसील के एक स्टांप वेंडर की हत्या का मामला प्रकाश में आया है। आरोप है कि स्टांप वेंडर की धारदार हथियार से वार कर हत्या की गई। धुसवा बाजार पहुंचे परिजनों ने ग्रामीणों के साथ सड़क पर शव को रख चार घंटे तक आवागमन ठप कर प्रदर्शन किया। परिजन हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। उनका आरोप था कि प्रॉपर्टी के एवज में दिए गए रुपये व जमीन से संबंधित कागजात मांगने पर हत्या की गई। युवक की पत्नी ने पति के एक दोस्त, चौकीदार व तीन नामजद और चार से पांच अज्ञात साथियों पर हत्या कर घटना को दुर्घटना बताने के लिए मनगढ़ंत कहानी रचने का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी। जाम हटवाने के दौरान पुलिस से ग्रामीणों की झड़प भी हुई। पुलिस ने तीन नामजद व चार से पांच अज्ञात पर केस दर्ज किया है। एक को गिरफ्तार भी कर लिया है। बघौचघाट थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत छितौनी टोला गरीब पट्टी के रहने वाले अजय मिश्रा उर्फ मंटू ( 42) पुत्र स्व. जगदंबा देवरिया तहसील में स्टांप वेंडर का काम करते थे। इसके अलावा वह प्राॅपर्टी डीलिंग का भी कार्य करते थे। परिजनों के अनुसार 11 दिसंबर की शाम को बरियारपुर क्षेत्र के धुसवां चौराहे पर कुछ दोस्तों ने फोन करके मंटू को दावत पर बुलाया। आधी रात को मंटू के बड़े भाई विजय मिश्र के मोबाइल पर फोन आया कि वह छत से गिरकर घायल हो गए हैं। मंटू का महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में उपचार चल रहा है। आनन-फानन में परिजन अस्पताल पहुंचे, जहां हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने 12 दिसंबर को मंटू को लखनऊ के लिए रेफर कर दिया। मंटू का लखनऊ के अपोलो अस्पताल में इलाज चल रहा था, जहां शनिवार को मौत हो गई। रविवार की सुबह परिजन लखनऊ से शव लेकर घर पहुंचे। हत्या का आरोप लगाते हुए परिजन कुछ गांववालों के साथ धुसवां चौराहे पर पहुंच गए और शव को सड़क पर रखकर चक्का जाम कर दिया। मृतक के भाई विजय ने आरोप लगाया कि उनके भाई की प्लानिंग के तहत हत्या की गई है। इधर पुलिस ने सड़क जाम कर रहे लोगों को जबरन हटाने का प्रयास किया तो भीड़ आक्रोशित हो गई। इस दौरान सीओ दीपक शुक्ला से नोंक-झोक हुई। लोग पुलिस के विरुद्ध नारेबाजी करने लगे। मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर विपिन द्विवेदी से मृतक के परिजनों ने भरण-पोषण और घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मौत के बाद से मंटू की पत्नी सरिता और उसकी मां का रो-रोकर बुरा हाल है। मंटू के तीन छोटे-छोटे बच्चे हैं, जिनमें से एक दिव्यांग है।



सीओ सलेमपुर दीपक शुक्ला ने बताया कि संदिग्ध परिस्थिति में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत हुई है। घटना से नाराज लोगों ने सड़क जाम किया था। लोगों को समझाकर जाम समाप्त कराया गया है। सरिता की तहरीर पर तीन लोगों धीरेंद्र उपाध्याय उर्फ मंटू, चौकीदार पवन कुमार, धुसवा स्थित मकान के मालिक संजय दूबे को नामजद किया गया है। इसमें से एक की गिरफ्तारी पुलिस ने कर ली है। वहीं चार से पांच अज्ञात पर मुकदमा दर्ज कर उनकी पहचान में पुलिस जुटी हुई है।
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