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Deoria News: लिपिक समेत मुंशी को 15 हजार रुपये लेते पकड़ा
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-उप निबंधक कार्यालय में विजिलेंस टीम ने की कार्रवाई, दस्तावेज देने के लिए पीड़ित से की थी मांग
- बैनामा के बाद दस्तावेज के लिए कई दिनों से उप निबंधक कार्यालय का लगा रहा था चक्कर
संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। दस्तावेज के देने के लिए उप निबंधक कार्यालय के एक लिपिक ने 15 हजार रुपये की मांग की थी। पीड़ित की शिकायत पर उप निबंधक कार्यालय पहुंची विजिलेंस टीम ने लिपिक समेत एक प्राइवेट मुंशी को पैसा लेते रंगे हाथों पकड़ लिया और उसे कोतवाली ले आई, जहां पूछताछ के बाद टीम गोरखपुर ले गई। कार्रवाई के बाद उप निबंधक कार्यालय समेत अन्य विभाग में हड़कंप है।
लार थाना क्षेत्र के बरडीहा दलपत गांव के अवध किशोर ने अपनी जमीन 16 फरवरी को किसी को बेच दी थी। इसके दस्तावेज उप निबंधक कार्यालय में थे। पीड़ित का आरोप है कि बैनामा के बाद लिपिक ने दस्तावेज के लिए 15 हजार रुपये की मांग की। पैसा न देने पर दस्तावेज भी नहीं दे रहा था, जिससे परेशान होकर पीड़ित ने इसकी शिकायत विजिलेंस गोरखपुर से की।
मामले को गंभीरता से लेते हुए विजिलेंस टीम के प्रभारी प्रदीप सिंह के नेतृत्व में 12 सदस्यीय टीम बृहस्पतिवार को दोपहर करीब 1.15 बजे शिकायतकर्ता के साथ उप निबंधक कार्यालय पहुंची, जहां 15 हजार रुपये लेते हुए रूद्रपुर थाना क्षेत्र के इमलिया गांव के लिपिक कमलेश प्रसाद गौड़ पुत्र त्रिवेणी प्रसाद व कोतवाली थाना क्षेत्र के परान छपरा गांव के रामानंद यादव पुत्र स्व मटरू प्रसाद को रंगे हाथों पकड़ लिया।
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इसके बाद उप निबंधक कार्यालय में हड़कंप मच गया। टीम दोनों को लेकर कोतवाली पहुंची, जहां घंटों पूछताछ चलती रही। देर शाम को विजिलेंस टीम दोनों को गोरखपुर लेकर चली गई। गिरफ्तार करने वालों में गोरखपुर विजिलेंस टीम के प्रभारी के अलावा शिवाजी राव, विजय शंकर दुबे, सुनील कुमार, हेमंत कुमार, त्रिवेणी प्रसाद, ईश्वर चंद्र, ओमप्रकाश मिश्रा, प्रदीप यादव, केके सिंह, सुभाष उपाध्याय आदि शामिल रहे।
........
कोट
तहसील क्षेत्र के बरडीहा दलपत गांव निवासी अवध किशोर ने 16 फरवरी को अपनी जमीन बिक्री किया था, जिसका दस्तावेज क्रेता लेने नहीं आ रहा था। विक्रेता एक दिन दस्तावेज लेने के लिए आया था, लेकिन उससे क्रेता को लेकर आने की बात कही गई थी। आज जिस लिपिक को विजिलेंस टीम ले गई है वह निर्दोष है। उसका जबरन पैसा देकर वीडियो बनाया गया है। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है।
-प्रतिभा, निबंधक अधिकारी, उप निबंधक कार्यालय, सलेमपुर
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इंसेट
कार्रवाई के बाद अन्य दफ्तरों में मचा हड़कंप
सलेमपुर। विजिलेंस टीम की कार्रवाई के बाद अन्य दफ्तरों में हड़कंप मच गया। सरकारी कार्यालयों में काम कर रहे प्राइवेट मुंशी दफ्तर छोड़कर फरार हो गए। वहीं उप निबंधक कार्यालय में सन्नाटा छा गया।
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पीड़ित की शिकायत पर टीम उप निबंधक कार्यालय पहुंची थीं, जहां से एक लिपिक समेत एक मुंशी को पैसा लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया है। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-प्रदीप सिंह, विजिलेंस प्रभारी, गोरखपुर
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- बैनामा के बाद दस्तावेज के लिए कई दिनों से उप निबंधक कार्यालय का लगा रहा था चक्कर
संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। दस्तावेज के देने के लिए उप निबंधक कार्यालय के एक लिपिक ने 15 हजार रुपये की मांग की थी। पीड़ित की शिकायत पर उप निबंधक कार्यालय पहुंची विजिलेंस टीम ने लिपिक समेत एक प्राइवेट मुंशी को पैसा लेते रंगे हाथों पकड़ लिया और उसे कोतवाली ले आई, जहां पूछताछ के बाद टीम गोरखपुर ले गई। कार्रवाई के बाद उप निबंधक कार्यालय समेत अन्य विभाग में हड़कंप है।
लार थाना क्षेत्र के बरडीहा दलपत गांव के अवध किशोर ने अपनी जमीन 16 फरवरी को किसी को बेच दी थी। इसके दस्तावेज उप निबंधक कार्यालय में थे। पीड़ित का आरोप है कि बैनामा के बाद लिपिक ने दस्तावेज के लिए 15 हजार रुपये की मांग की। पैसा न देने पर दस्तावेज भी नहीं दे रहा था, जिससे परेशान होकर पीड़ित ने इसकी शिकायत विजिलेंस गोरखपुर से की।
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मामले को गंभीरता से लेते हुए विजिलेंस टीम के प्रभारी प्रदीप सिंह के नेतृत्व में 12 सदस्यीय टीम बृहस्पतिवार को दोपहर करीब 1.15 बजे शिकायतकर्ता के साथ उप निबंधक कार्यालय पहुंची, जहां 15 हजार रुपये लेते हुए रूद्रपुर थाना क्षेत्र के इमलिया गांव के लिपिक कमलेश प्रसाद गौड़ पुत्र त्रिवेणी प्रसाद व कोतवाली थाना क्षेत्र के परान छपरा गांव के रामानंद यादव पुत्र स्व मटरू प्रसाद को रंगे हाथों पकड़ लिया।
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इसके बाद उप निबंधक कार्यालय में हड़कंप मच गया। टीम दोनों को लेकर कोतवाली पहुंची, जहां घंटों पूछताछ चलती रही। देर शाम को विजिलेंस टीम दोनों को गोरखपुर लेकर चली गई। गिरफ्तार करने वालों में गोरखपुर विजिलेंस टीम के प्रभारी के अलावा शिवाजी राव, विजय शंकर दुबे, सुनील कुमार, हेमंत कुमार, त्रिवेणी प्रसाद, ईश्वर चंद्र, ओमप्रकाश मिश्रा, प्रदीप यादव, केके सिंह, सुभाष उपाध्याय आदि शामिल रहे।
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कोट
तहसील क्षेत्र के बरडीहा दलपत गांव निवासी अवध किशोर ने 16 फरवरी को अपनी जमीन बिक्री किया था, जिसका दस्तावेज क्रेता लेने नहीं आ रहा था। विक्रेता एक दिन दस्तावेज लेने के लिए आया था, लेकिन उससे क्रेता को लेकर आने की बात कही गई थी। आज जिस लिपिक को विजिलेंस टीम ले गई है वह निर्दोष है। उसका जबरन पैसा देकर वीडियो बनाया गया है। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है।
-प्रतिभा, निबंधक अधिकारी, उप निबंधक कार्यालय, सलेमपुर
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इंसेट
कार्रवाई के बाद अन्य दफ्तरों में मचा हड़कंप
सलेमपुर। विजिलेंस टीम की कार्रवाई के बाद अन्य दफ्तरों में हड़कंप मच गया। सरकारी कार्यालयों में काम कर रहे प्राइवेट मुंशी दफ्तर छोड़कर फरार हो गए। वहीं उप निबंधक कार्यालय में सन्नाटा छा गया।
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पीड़ित की शिकायत पर टीम उप निबंधक कार्यालय पहुंची थीं, जहां से एक लिपिक समेत एक मुंशी को पैसा लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया है। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-प्रदीप सिंह, विजिलेंस प्रभारी, गोरखपुर