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Deoria News: भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं कुएं से मिली मां सोनावे भगवती
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मंदिर परिसर में देवी पर्वों पर जुटती है भीड़, दूर-दराज से आते हैं श्रद्धालु
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। क्षेत्र के कटइलवा गांव स्थित कुएं से मिली मां सोनावे भगवती भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं। देवी पर्वों पर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटती है। यहां स्थानीय सहित दूर-दराज के लोग आते-जाते हैं।
बरहज से करीब तीन किलोमीटर दूर रामजानकी मार्ग स्थित कटइलवा गांव के निकट मां सोनावे भगवती का भव्य मंदिर है। मां सोनावे बंजारों के समय की भगवती बताई जाती हैं। लोगों के अनुसार मंदिर परिसर में नीम के पेड़ के नीचे रखी मूर्तियों का लोग पूजा-अर्चन करते थे। जो कुएं से मिली थी। 2007 में भव्य मंदिर का निर्माण कराया गया था।
जहां रामदरबार, भगवान शिव, साईं बाबा के अलावा अन्य देवता छोटे-बड़े मंदिरों में विराजमान हैं। ठाकुर पांडेय, जयप्रकाश मिश्र, धीरेंद्र तिवारी, दीपू तिवारी आदि का कहना है कि हिंदुओं के अलावा मुस्लिम परिवार के लोग भी मनोकामना पूर्ण होने मां के दरबार में हाजिरी लगाते हैं। चैत्र और शारदीय नवरात्र पर्व पर नौ दिनों तक आजमगढ़, बलिया, मैरवा, गाेंडा आदि जगहों से लोग पूजा-अर्चन के लिए आते हैं। यह भी मान्यता है कि मां के दरबार से कोई भी आज तक खाली हाथ नहीं लौटा है।
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इंसेट में-
मंदिर परिसर में स्थापित है प्राथमिक विद्यालय
बरहज। कटइलवा गांव स्थित सोनावे भगवती मंदिर परिसर में प्राथमिक विद्यालय भी स्थापित है। जहां स्थानीय सहित आसपास के गांवों के बच्चे पढ़ाई के लिए आते हैं। सरकारी प्रार्थना के साथ-साथ बच्चे भी मां के मंदिर में माथा टेकते हैं। लोगों का कहना है कि शिक्षा के साथ-साथ आध्यात्मिक ज्ञान और संस्कार का होना जरूरी होता है। जो छात्रों को पूरी तरह से मिलता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। क्षेत्र के कटइलवा गांव स्थित कुएं से मिली मां सोनावे भगवती भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं। देवी पर्वों पर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटती है। यहां स्थानीय सहित दूर-दराज के लोग आते-जाते हैं।
बरहज से करीब तीन किलोमीटर दूर रामजानकी मार्ग स्थित कटइलवा गांव के निकट मां सोनावे भगवती का भव्य मंदिर है। मां सोनावे बंजारों के समय की भगवती बताई जाती हैं। लोगों के अनुसार मंदिर परिसर में नीम के पेड़ के नीचे रखी मूर्तियों का लोग पूजा-अर्चन करते थे। जो कुएं से मिली थी। 2007 में भव्य मंदिर का निर्माण कराया गया था।
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जहां रामदरबार, भगवान शिव, साईं बाबा के अलावा अन्य देवता छोटे-बड़े मंदिरों में विराजमान हैं। ठाकुर पांडेय, जयप्रकाश मिश्र, धीरेंद्र तिवारी, दीपू तिवारी आदि का कहना है कि हिंदुओं के अलावा मुस्लिम परिवार के लोग भी मनोकामना पूर्ण होने मां के दरबार में हाजिरी लगाते हैं। चैत्र और शारदीय नवरात्र पर्व पर नौ दिनों तक आजमगढ़, बलिया, मैरवा, गाेंडा आदि जगहों से लोग पूजा-अर्चन के लिए आते हैं। यह भी मान्यता है कि मां के दरबार से कोई भी आज तक खाली हाथ नहीं लौटा है।
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मंदिर परिसर में स्थापित है प्राथमिक विद्यालय
बरहज। कटइलवा गांव स्थित सोनावे भगवती मंदिर परिसर में प्राथमिक विद्यालय भी स्थापित है। जहां स्थानीय सहित आसपास के गांवों के बच्चे पढ़ाई के लिए आते हैं। सरकारी प्रार्थना के साथ-साथ बच्चे भी मां के मंदिर में माथा टेकते हैं। लोगों का कहना है कि शिक्षा के साथ-साथ आध्यात्मिक ज्ञान और संस्कार का होना जरूरी होता है। जो छात्रों को पूरी तरह से मिलता है।