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Deoria News: मांस की दुकानें बढ़ा रहीं लोगों की परेशानी
Fri, 19 Dec 2025 12:26 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Fri, 19 Dec 2025 12:26 AM IST
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भटनी में सड़क पर घूम रहे आवारा कुत्ते।
भटनी। नगर और देहात क्षेत्रों में जगह-जगह संचालित हो रहीं मांस की दुकानों ने आमजन की परेशानी बढ़ा दी है। हालात यह है कि करीब हर प्रमुख चौराहे पर खुलेआम मांस काटने और बेचने का काम चल रहा है। पूरे दिन दुकानों के आसपास मांस के अवशेष पड़े रहते हैं।
वहीं दुकान बंद होने के समय मांस एकत्र होने से आवारा कुत्तों का झुंड टूट पड़ता है। इससे कुत्ते लगातार खूंखार होते जा रहे हैं और राहगीरों के लिए खतरा बन रहे हैं। भटनी क्षेत्र में नगर, पक्का पुल, जिगिनी चौराहा, खोरीबारी रामपुर, घांटी बाजार, एकला आम चौराहा, बभनौली कला, नोनापार, रजवाल, साहोपार, पांडेय चौराहा समेत विभिन्न गांव और चौराहों पर मांस काटने और बेचने की दुकान संचालित हो रहे हैं। शाम ढलते ही इन मांस की दुकानों के आसपास दर्जनों आवारा कुत्ते जमा हो जाते हैं। अचानक बाइक सवार, पैदल चलने वालों और बच्चों पर कुत्तों के झपटने की घटनाएं बढ़ गई हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि खासकर शाम और रात के समय निकलना मुश्किल हो गया है। आरोप है कि मांस दुकानों के संचालन के लिए न तो निर्धारित स्थल का पालन किया जा रहा है और न ही स्वच्छता के नियमों का। दुकानों से निकलने वाला कचरा सड़क के किनारे ही फेंक दिया जाता है, जिससे दुर्गंध के साथ-साथ आवारा कुत्तों का जमावड़ा बना रहता है।
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वहीं दुकान बंद होने के समय मांस एकत्र होने से आवारा कुत्तों का झुंड टूट पड़ता है। इससे कुत्ते लगातार खूंखार होते जा रहे हैं और राहगीरों के लिए खतरा बन रहे हैं। भटनी क्षेत्र में नगर, पक्का पुल, जिगिनी चौराहा, खोरीबारी रामपुर, घांटी बाजार, एकला आम चौराहा, बभनौली कला, नोनापार, रजवाल, साहोपार, पांडेय चौराहा समेत विभिन्न गांव और चौराहों पर मांस काटने और बेचने की दुकान संचालित हो रहे हैं। शाम ढलते ही इन मांस की दुकानों के आसपास दर्जनों आवारा कुत्ते जमा हो जाते हैं। अचानक बाइक सवार, पैदल चलने वालों और बच्चों पर कुत्तों के झपटने की घटनाएं बढ़ गई हैं।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि खासकर शाम और रात के समय निकलना मुश्किल हो गया है। आरोप है कि मांस दुकानों के संचालन के लिए न तो निर्धारित स्थल का पालन किया जा रहा है और न ही स्वच्छता के नियमों का। दुकानों से निकलने वाला कचरा सड़क के किनारे ही फेंक दिया जाता है, जिससे दुर्गंध के साथ-साथ आवारा कुत्तों का जमावड़ा बना रहता है।
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