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सौ दिन से अधिक किया कार्य, होगी वसूली
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सौ दिन से अधिक किया कार्य, होगी वसूली
मनरेगा : ग्राम्य विकास आयुक्त ने दिया भुगतान की वसूली के आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। ब्लॉक के एक दर्जन से अधिक ग्राम पंचायतें ऐसी हैं, जिन्होंने मनरेगा मजदूरों को निर्धारित सौ दिन से भी अधिक काम देकर करीब सवा लाख रुपये का अधिक भुगतान कर दिया है। ऐसी ग्राम पंचायतों से अधिक दिनों के भुगतान की वसूली किए जाने के निर्देश ग्राम्य विकास आयुक्त ने दिए हैं। आदेश आने के बाद वसूली को लेकर ब्लॉक में हड़कंप मच गया है। कई मामले पिछले कार्यकाल के होने के चलते वसूली में दिक्कतें आ रही हैं।
ब्लॉक की ग्राम पंचायतों में चल रहे मनरेगा के कार्यों को जब वेबसाइट पर अपलोड किया गया तो पता चला कि एक दर्जन ग्राम पंचायतों के कई जॉब कार्डधारक परिवार से वर्ष 2020-21 में सौ दिन से अधिक का कार्य करा दिया और उनका भुगतान भी कर दिया गया। जबकि कार्डधारक को 100 दिन से अधिक का कार्य नहीं दिया जाना चाहिए। ग्राम्य विकास आयुक्त के वसूली के लिए भेजे गए पत्र में बताया गया है कि ऑडिट रिपोर्ट में ग्राम पंचायत बैदौली में पति-पत्नी का दो जॉब कार्ड बनाकर सौ दिन से अधिक का भुगतान किया गया है। ऐसे में यहां संबंधित कर्मचारी से 10,150 रुपयये की वसूली का आदेश है। इसी तरह धनगडा में एक ही परिवार को 2450 रुपये का अधिक कार्य दिया गया है। मुसैला बुजुर्ग में 11,859 रुपये का अधिक कार्य दिया गया है। इसी तरह अहिरौली लाला में 17,485 रुपये अधिक का कार्य पति पत्नी को दिया गया है। लोहरौली में 7035 रुपये तथा जमुई में 11,658 रुपये तथा चांदपार में 350 रुपये का अधिक कार्य एक ही परिवार से कराया गया है। चकरवा बहोरदास में भी पति-पत्नी को सौ दिन से अधिक कार्य दिया गया है। यहां भी 2450 रुपये की वसूली होनी है। मालीपुर में पति-पत्नी को सौ दिन निर्धारित सीमा के अलावा 14,874 रुपये का अधिक कार्य दिया गया है। मलकौली में 42 हजार रुपये की वसूली होनी है। इसमें कई गांवों के प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी की मृत्यु हो चुकी है। अब इनसे वसूली करना विभाग के लिए कठिन साबित हो रहा है। मनरेगा एपीओ ने बताया कि जो भी रिकवरी का पत्र है, वह पिछले वित्तीय वर्ष का है। इसमें कई गांवों की रिकवरी हो गई है। कुछ गांव में करनी है, लेकिन वहां पुराने प्रधान व सेक्रेटरी की मृत्यु हो गई है। इसकी वजह से दिक्कतें आ रही हैं।
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मनरेगा : ग्राम्य विकास आयुक्त ने दिया भुगतान की वसूली के आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। ब्लॉक के एक दर्जन से अधिक ग्राम पंचायतें ऐसी हैं, जिन्होंने मनरेगा मजदूरों को निर्धारित सौ दिन से भी अधिक काम देकर करीब सवा लाख रुपये का अधिक भुगतान कर दिया है। ऐसी ग्राम पंचायतों से अधिक दिनों के भुगतान की वसूली किए जाने के निर्देश ग्राम्य विकास आयुक्त ने दिए हैं। आदेश आने के बाद वसूली को लेकर ब्लॉक में हड़कंप मच गया है। कई मामले पिछले कार्यकाल के होने के चलते वसूली में दिक्कतें आ रही हैं।
ब्लॉक की ग्राम पंचायतों में चल रहे मनरेगा के कार्यों को जब वेबसाइट पर अपलोड किया गया तो पता चला कि एक दर्जन ग्राम पंचायतों के कई जॉब कार्डधारक परिवार से वर्ष 2020-21 में सौ दिन से अधिक का कार्य करा दिया और उनका भुगतान भी कर दिया गया। जबकि कार्डधारक को 100 दिन से अधिक का कार्य नहीं दिया जाना चाहिए। ग्राम्य विकास आयुक्त के वसूली के लिए भेजे गए पत्र में बताया गया है कि ऑडिट रिपोर्ट में ग्राम पंचायत बैदौली में पति-पत्नी का दो जॉब कार्ड बनाकर सौ दिन से अधिक का भुगतान किया गया है। ऐसे में यहां संबंधित कर्मचारी से 10,150 रुपयये की वसूली का आदेश है। इसी तरह धनगडा में एक ही परिवार को 2450 रुपये का अधिक कार्य दिया गया है। मुसैला बुजुर्ग में 11,859 रुपये का अधिक कार्य दिया गया है। इसी तरह अहिरौली लाला में 17,485 रुपये अधिक का कार्य पति पत्नी को दिया गया है। लोहरौली में 7035 रुपये तथा जमुई में 11,658 रुपये तथा चांदपार में 350 रुपये का अधिक कार्य एक ही परिवार से कराया गया है। चकरवा बहोरदास में भी पति-पत्नी को सौ दिन से अधिक कार्य दिया गया है। यहां भी 2450 रुपये की वसूली होनी है। मालीपुर में पति-पत्नी को सौ दिन निर्धारित सीमा के अलावा 14,874 रुपये का अधिक कार्य दिया गया है। मलकौली में 42 हजार रुपये की वसूली होनी है। इसमें कई गांवों के प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी की मृत्यु हो चुकी है। अब इनसे वसूली करना विभाग के लिए कठिन साबित हो रहा है। मनरेगा एपीओ ने बताया कि जो भी रिकवरी का पत्र है, वह पिछले वित्तीय वर्ष का है। इसमें कई गांवों की रिकवरी हो गई है। कुछ गांव में करनी है, लेकिन वहां पुराने प्रधान व सेक्रेटरी की मृत्यु हो गई है। इसकी वजह से दिक्कतें आ रही हैं।
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