{"_id":"67351e622504b666810f1974","slug":"machine-for-ear-examination-comes-in-medical-college-it-will-be-convenient-deoria-news-c-208-1-sgkp1009-139740-2024-11-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Deoria News: मेडिकल कॉलेज में कान की जांच के लिए आई मशीन, होगी सहूलियत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Deoria News: मेडिकल कॉलेज में कान की जांच के लिए आई मशीन, होगी सहूलियत
Thu, 14 Nov 2024 03:17 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Thu, 14 Nov 2024 03:17 AM IST
विज्ञापन
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में कान के जांच की नई पीटीए मशीन आई है। इसके आने से सुनाई देने की जांच में आसानी होगी। करीब ढाई माह से मशीन खराब हो गई थी, उसके बन कर आने के बाद भी पुरानी होने के कारण ठीक से जांच नहीं हो पा रही थी।
अब नई मशीन आने से जांच में दिक्कत नहीं होगी। रोजाना करीब दस से पंद्रह लोगों के श्रवण शक्ति की जांच होती है। अब मरीजों को सहूलियत होगी।
मेडिकल कॉलेज के ईएनटी विभाग में मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। शहर से लेकर ग्रामीणांचल और बिहार के सीमावर्ती क्षेत्र के लोग इलाज कराने आते हैं। यहां मरीजों की लंबी लाइन लगती है।
रोजाना करीबन ढाई सौ से अधिक मरीजों का उपचार किया जाता है। कान की दिक्कत लेकर मरीज पहुंचते हैं। इसमें कान से कम सुनाई देने, कान में सीटी जैसी आवाज सुनाई देने आदि शिकायत लेकर लोग आते हैं।
विज्ञापन
कान से कम सुनाई देने वालों में उम्रदराज लोगों की संख्या अधिक होती है। डॉक्टर जरूरत पड़ने पर हर रोज करीब दस से पंद्रह मरीजों की पीटीए (प्योर टोन आडियोमीटर) मशीन से आडियोमेट्री जांच कराते हैं।
विज्ञापन
अब नई मशीन आने से जांच में दिक्कत नहीं होगी। रोजाना करीब दस से पंद्रह लोगों के श्रवण शक्ति की जांच होती है। अब मरीजों को सहूलियत होगी।
मेडिकल कॉलेज के ईएनटी विभाग में मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। शहर से लेकर ग्रामीणांचल और बिहार के सीमावर्ती क्षेत्र के लोग इलाज कराने आते हैं। यहां मरीजों की लंबी लाइन लगती है।
विज्ञापन
रोजाना करीबन ढाई सौ से अधिक मरीजों का उपचार किया जाता है। कान की दिक्कत लेकर मरीज पहुंचते हैं। इसमें कान से कम सुनाई देने, कान में सीटी जैसी आवाज सुनाई देने आदि शिकायत लेकर लोग आते हैं।
विज्ञापन
कान से कम सुनाई देने वालों में उम्रदराज लोगों की संख्या अधिक होती है। डॉक्टर जरूरत पड़ने पर हर रोज करीब दस से पंद्रह मरीजों की पीटीए (प्योर टोन आडियोमीटर) मशीन से आडियोमेट्री जांच कराते हैं।