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Deoria News: एप पर अपलोड होगी अस्पतालों के संसाधनों की सूची
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एप पर अपलोड होगी अस्पतालों के संसाधनों की सूची
देवरिया। क्रिटिकल एसेसमेंट एंड रिव्यू इक्यूपमेंट (केयर) एप के जरिए जिला अस्पताल के साथ ही सीएचसी, पीएचसी के संसाधनों की निगरानी की जाएगी। इसमें कितने उपकरण निष्क्रिय हैं और क्रियाशील हैं, इसका भी ब्योरा देना होगा। एक क्लिक में ही अस्पतालों की पूरी सुविधा का ब्योरा सामने होगा।
जिला अस्पताल में मौजूद संसाधनों का 27 बिंदु पर और सीएचसी स्तर के अस्पतालों में 23 बिंदुओं पर सूचना जुटाई जा रही है। अस्पतालों में ओटी लाइट, वेंटिलेटर, एक्स-रे मशीन, ब्लड सपरेशन यूनिट, डेंटल चेयर, ईसीजी मशीन, पैथालॉजी आदि शामिल हैं। जिला स्तरीय अस्पतालों और सीएचसी पर उपलब्ध संसाधनों, उनकी स्थिति के बारे में शासन की ओर से उपलब्ध कराए गए यूजर आईडी, पासवर्ड के जरिए केयर एप पर दर्ज किया जाएगा।
इस संबंध में प्रमुख सचिव ने सभी जिलों को पत्र भेजा है। एप की मानीटरिंग के लिए नोडल अधिकारी भी बनाए गए हैं, जो हर सोमवार को अस्पतालों के संसाधनों की सक्रियता के बारे में लॉग इन कर ब्योरा दर्ज करेंगे। जो संसाधन एक बार दिखा दिया जाएगा, उसे बढ़ाया जा सकता है, लेकिन घटाया नहीं जा सकेगा। केयर एप के सफल संचालन के लिए स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षित भी किया जाना है।
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खराब उपकरण बदलने में होगी आसानी
एप पर खराब उपकरणों का ब्योरा दर्ज होगा। इससे होने वाली परेशानी के बारे में जिम्मेदार एप पर ही जानकारी दर्ज करेंगे, जिससे इन उपकरणों को बदलने के लिए समय भी निर्धारित किया जाएगा। उस समय में दूसरा उपकरण अस्पताल में उपलब्ध कराया जाएगा।
एप के बारे में जानकारी मिली है। इस पर विस्तार से दिशा निर्देश विभागीय तौर पर मिलने के बाद संसाधनों का ब्योरा अपलोड करा दिया जाएगा।
-डॉ. राजेश झा, सीएमओ
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देवरिया। क्रिटिकल एसेसमेंट एंड रिव्यू इक्यूपमेंट (केयर) एप के जरिए जिला अस्पताल के साथ ही सीएचसी, पीएचसी के संसाधनों की निगरानी की जाएगी। इसमें कितने उपकरण निष्क्रिय हैं और क्रियाशील हैं, इसका भी ब्योरा देना होगा। एक क्लिक में ही अस्पतालों की पूरी सुविधा का ब्योरा सामने होगा।
जिला अस्पताल में मौजूद संसाधनों का 27 बिंदु पर और सीएचसी स्तर के अस्पतालों में 23 बिंदुओं पर सूचना जुटाई जा रही है। अस्पतालों में ओटी लाइट, वेंटिलेटर, एक्स-रे मशीन, ब्लड सपरेशन यूनिट, डेंटल चेयर, ईसीजी मशीन, पैथालॉजी आदि शामिल हैं। जिला स्तरीय अस्पतालों और सीएचसी पर उपलब्ध संसाधनों, उनकी स्थिति के बारे में शासन की ओर से उपलब्ध कराए गए यूजर आईडी, पासवर्ड के जरिए केयर एप पर दर्ज किया जाएगा।
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इस संबंध में प्रमुख सचिव ने सभी जिलों को पत्र भेजा है। एप की मानीटरिंग के लिए नोडल अधिकारी भी बनाए गए हैं, जो हर सोमवार को अस्पतालों के संसाधनों की सक्रियता के बारे में लॉग इन कर ब्योरा दर्ज करेंगे। जो संसाधन एक बार दिखा दिया जाएगा, उसे बढ़ाया जा सकता है, लेकिन घटाया नहीं जा सकेगा। केयर एप के सफल संचालन के लिए स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षित भी किया जाना है।
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खराब उपकरण बदलने में होगी आसानी
एप पर खराब उपकरणों का ब्योरा दर्ज होगा। इससे होने वाली परेशानी के बारे में जिम्मेदार एप पर ही जानकारी दर्ज करेंगे, जिससे इन उपकरणों को बदलने के लिए समय भी निर्धारित किया जाएगा। उस समय में दूसरा उपकरण अस्पताल में उपलब्ध कराया जाएगा।
एप के बारे में जानकारी मिली है। इस पर विस्तार से दिशा निर्देश विभागीय तौर पर मिलने के बाद संसाधनों का ब्योरा अपलोड करा दिया जाएगा।
-डॉ. राजेश झा, सीएमओ