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Deoria News: खड़क के घर पहुंचे लेखपाल, परिवार वालों से ली जानकारी
Sun, 29 Jun 2025 11:55 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sun, 29 Jun 2025 11:55 PM IST
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कागजात में मृत दिखाकर जमीन हड़पने का मामला
पीड़ित ने एसडीएम से लगाई थी गुहार
संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। फर्जीवाड़ा कर अभिलेखों में खड़क सिंह को मृत दिखाकर उसकी संपत्ति हड़पने के मामले की जांच शुरू हो गई है। एसडीएम दिशा श्रीवास्तव के निर्देश पर अवकाश के बावजूद रविवार को लेख्पाल ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव पीड़ित के घर पहुंचे। खड़क के भाइयों से पूछताछ की। लेखपाल ने बताया कि रिपोर्ट बनाकर एसडीएम को सौंप दिया जाएगा।
मझौली राज नगर पंचायत के वार्ड शंकरपुर निवासी खड़क सिंह पुत्र दशरथ, वर्षों पहले रोजगार के सिलसिले में असम चले गए थे। वहीं परिवार के साथ रहकर जीवन यापन करते रहे। बीच-बीच में गांव भी आते रहे, मगर एक दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के बाद लंबे समय तक गांव नहीं लौट सके। खड़क का आरोप है कि इसी बीच उनके सगे भाइयों ने तहसील कर्मचारियों से मिलीभगत का उन्हें परिवार रजिस्टर में मृत्यु घोषित कराकर संपूर्ण संपत्ति को खतौनी में अपना नाम दर्ज कता लिया।
पीड़ित का कहना है कि स्वस्थ होकर जब वह काफी दिनों बाद गांव आए तो उसे अपने ही घर में घुसने नहीं दिया गया। भाइयों ने कहा कि तू तो मर चुका है। यदि दोबारा ज़मीन पर कदम रखदेगे तो मार दिए जाओगे। इसके बाद पीड़ित खड़क सिंह शनिवार को दस्तावेजों का बंडल लेकर तहसील पहुंचा। एसडीएम से कहा कि मैडम मैं सच में जिंदा हूं... साक्ष्य के रूप में उसके पास आधार कार्ड है, परिवार रजिस्टर की प्रति है, फिर भी राजस्व विभाग की फाइलों में उसे मृत घोषित कर दिय गया है।
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मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम दिशा श्रीवास्तव ने तहसीलदार को इस मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे। रविवार को हल्का लेखपाल ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव ने मौके पर पहुंच कर स्थानीय लोगों से जानकारी ली। यह देख खड़क सिंह का चेहरे खिल उठा।
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पीड़ित ने एसडीएम से लगाई थी गुहार
संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। फर्जीवाड़ा कर अभिलेखों में खड़क सिंह को मृत दिखाकर उसकी संपत्ति हड़पने के मामले की जांच शुरू हो गई है। एसडीएम दिशा श्रीवास्तव के निर्देश पर अवकाश के बावजूद रविवार को लेख्पाल ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव पीड़ित के घर पहुंचे। खड़क के भाइयों से पूछताछ की। लेखपाल ने बताया कि रिपोर्ट बनाकर एसडीएम को सौंप दिया जाएगा।
मझौली राज नगर पंचायत के वार्ड शंकरपुर निवासी खड़क सिंह पुत्र दशरथ, वर्षों पहले रोजगार के सिलसिले में असम चले गए थे। वहीं परिवार के साथ रहकर जीवन यापन करते रहे। बीच-बीच में गांव भी आते रहे, मगर एक दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के बाद लंबे समय तक गांव नहीं लौट सके। खड़क का आरोप है कि इसी बीच उनके सगे भाइयों ने तहसील कर्मचारियों से मिलीभगत का उन्हें परिवार रजिस्टर में मृत्यु घोषित कराकर संपूर्ण संपत्ति को खतौनी में अपना नाम दर्ज कता लिया।
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पीड़ित का कहना है कि स्वस्थ होकर जब वह काफी दिनों बाद गांव आए तो उसे अपने ही घर में घुसने नहीं दिया गया। भाइयों ने कहा कि तू तो मर चुका है। यदि दोबारा ज़मीन पर कदम रखदेगे तो मार दिए जाओगे। इसके बाद पीड़ित खड़क सिंह शनिवार को दस्तावेजों का बंडल लेकर तहसील पहुंचा। एसडीएम से कहा कि मैडम मैं सच में जिंदा हूं... साक्ष्य के रूप में उसके पास आधार कार्ड है, परिवार रजिस्टर की प्रति है, फिर भी राजस्व विभाग की फाइलों में उसे मृत घोषित कर दिय गया है।
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मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम दिशा श्रीवास्तव ने तहसीलदार को इस मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे। रविवार को हल्का लेखपाल ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव ने मौके पर पहुंच कर स्थानीय लोगों से जानकारी ली। यह देख खड़क सिंह का चेहरे खिल उठा।