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कोरोना संदिग्धों की जांच में कराने में मिली लापरवाही
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कोरोना संदिग्धों की जांच में कराने में मिली लापरवाही
- कमिश्नर ने सीएमओ से जताई नाराजगी, एक सप्ताह पूर्व 34 की सूची सौंपी थी डब्लूएचओ ने
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। डब्लूएचओ द्वारा एक सप्ताह पूर्व दी गई 34 संदिग्धों की कोरोना की जांच अब तक नहीं हुई है। वीडियो कांफ्रेंसिंग में बृहस्पतिवार शाम को इस पर कमिश्नर जयंत नार्लिकर ने नाराजगी जताई। आनन-फानन में शुक्रवार को इन लोगों को नमूने लेने के कलेक्शन सेंटर भेजा गया। सूत्रों के मुताबिक इस सूची को एक एसीएमओ कई दिनों से जेब में रखे हुए थे।
दरअसल, संक्रमितों के गांवों में स्वास्थ्य विभाग के अलावा डब्ल्यूएचओ की टीम ने सर्वे कर संदिग्धों के नमूने लेने के लिए एक सप्ताह पूर्व सूची सीएमओ कार्यालय को भेजी थी। शासन को डब्ल्यूएचओ द्वारा भेजी रिपोर्ट में संदिग्धों की जांच न कराने का जिक्र किया गया था। बृहस्पतिवार शाम को वीडियो कांफ्रेंसिंग में कमिश्नर ने सीएमओ से जांच में लापरवाही की बात कही तो सीएमओ को इसकी जानकारी हुई। कमिश्नर ने तत्काल चिह्नित 34 लोगों की जांच कराने को कहा। शुक्रवार को इसमें से कुछ लोगों को जांच के लिए जिला सैंपल कलेक्शन सेंटर पर भेजा गया है। सीएमओ डॉ. आलोक कुमार पांडेय ने बताया की डब्लूएचओ की ओर से सूची दी गई थी। आपसी तालमेल के कारण देरी हुई है। 34 लोगों को सैंपल के लिए सैंपल कलेक्शन सेंटर पर भेजा गया है।
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- कमिश्नर ने सीएमओ से जताई नाराजगी, एक सप्ताह पूर्व 34 की सूची सौंपी थी डब्लूएचओ ने
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। डब्लूएचओ द्वारा एक सप्ताह पूर्व दी गई 34 संदिग्धों की कोरोना की जांच अब तक नहीं हुई है। वीडियो कांफ्रेंसिंग में बृहस्पतिवार शाम को इस पर कमिश्नर जयंत नार्लिकर ने नाराजगी जताई। आनन-फानन में शुक्रवार को इन लोगों को नमूने लेने के कलेक्शन सेंटर भेजा गया। सूत्रों के मुताबिक इस सूची को एक एसीएमओ कई दिनों से जेब में रखे हुए थे।
दरअसल, संक्रमितों के गांवों में स्वास्थ्य विभाग के अलावा डब्ल्यूएचओ की टीम ने सर्वे कर संदिग्धों के नमूने लेने के लिए एक सप्ताह पूर्व सूची सीएमओ कार्यालय को भेजी थी। शासन को डब्ल्यूएचओ द्वारा भेजी रिपोर्ट में संदिग्धों की जांच न कराने का जिक्र किया गया था। बृहस्पतिवार शाम को वीडियो कांफ्रेंसिंग में कमिश्नर ने सीएमओ से जांच में लापरवाही की बात कही तो सीएमओ को इसकी जानकारी हुई। कमिश्नर ने तत्काल चिह्नित 34 लोगों की जांच कराने को कहा। शुक्रवार को इसमें से कुछ लोगों को जांच के लिए जिला सैंपल कलेक्शन सेंटर पर भेजा गया है। सीएमओ डॉ. आलोक कुमार पांडेय ने बताया की डब्लूएचओ की ओर से सूची दी गई थी। आपसी तालमेल के कारण देरी हुई है। 34 लोगों को सैंपल के लिए सैंपल कलेक्शन सेंटर पर भेजा गया है।
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