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कस्तूरबा के शिक्षकों का शैक्षिक रिकॉर्ड रजिस्ट्री से लखनऊ भेजने की तैयारी
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कस्तूरबा के शिक्षकों का शैक्षिक रिकॉर्ड रजिस्ट्री से लखनऊ भेजने की तैयारी
फर्जी प्रमाण पत्रों पर नौकरी कर रहे 15 शिक्षकों को किया जा चुका है बर्खास्त
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिले के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में नियुक्त शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेखों का सत्यापन शासन स्तर से गठित कमेटी नए सिरे से करेगी। इसके लिए यहां के सभी शिक्षकों का रिकॉर्ड तलब किया गया है। बेसिक कार्यालय में भी सभी शिक्षकों के रिकॉर्डों को पुन: खंगाला जा रहा है। सभी रिकार्डों को अब रजिस्ट्री से लखनऊ भेजा जाएगा।
अनामिका शुक्ला प्रकरण के बाद जिले में भी 13 कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में पिछले 10 वर्षों के दौरान शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में तत्कालीन अधिकारियों एवं बालिका डीसी एवं चयन समिति से जुड़े लोगों की ओर से की गई मनमानी उजागर हो चुकी है। पिछले माह इस प्रकरण में दो वार्डेन सहित 15 शिक्षक-शिक्षिकाओं की संविदा समाप्त कर इन्हें सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है। साथ ही इन पर मुकदमा दर्ज कर इनसे रिकवरी की तैयारी चल रही है। अभी यहां के 11 शिक्षकों पर बर्खास्तगी की तलवार लटक रही है। शासन के आदेश पर यहां जो शिक्षक कार्यरत हैं, उनके शैक्षिक प्रमाण पत्रों की नए सिरे से जांच कराई जाएगी। इसके लिए सभी शिक्षकों के रिकॉर्डों को तलाशा जा रहा है। जिनके नहीं हैं, उनसे पुन: मांगा गया है। जिला समन्वयक बालिका शिक्षा त्रिभुवन नाथ पांडेय ने बताया कि जिले में वर्तमान में कार्यरत सभी कस्तूरबा स्कूलों के शिक्षक-शिक्षिकाओं के रिकॉर्ड पुन: तैयार किए जा रहे हैं। इन्हें सत्यापन के लिए राज्य परियोजना कार्यालय को रजिस्ट्री के जरिए भेजा जाएगा।
लेखाकार रिकॉर्ड तैयार करने में कर रहे मदद
कस्तूरबा विद्यालयों में नियुक्त लेखाकार बीएसए कार्यालय में यहां के शिक्षकों के रिकॉर्ड पुन: तैयार करने व सहेजने में मदद कर रहे हैं। अभी विद्यालयों में शैक्षिक अवकाश चल रहा है। हालांकि, शिक्षक-शिक्षिकाएं स्कूल आकर अपनी हाजिरी बना रहे हैं। छात्राओं के न रहने के बावजूद हर दिन स्कूल आने की विवशता व प्रेरणा एप पर उपस्थिति को प्रतिदिन भेजना कुछ महिला शिक्षकों को नहीं भा रहा है। नाम न छापने की शर्त पर वह कहती भी हैं कि कोरोना संक्रमण के दौर में जब छात्राएं ही नहीं हैं तो स्कूल आने का क्या मतलब।
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फर्जी प्रमाण पत्रों पर नौकरी कर रहे 15 शिक्षकों को किया जा चुका है बर्खास्त
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिले के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में नियुक्त शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेखों का सत्यापन शासन स्तर से गठित कमेटी नए सिरे से करेगी। इसके लिए यहां के सभी शिक्षकों का रिकॉर्ड तलब किया गया है। बेसिक कार्यालय में भी सभी शिक्षकों के रिकॉर्डों को पुन: खंगाला जा रहा है। सभी रिकार्डों को अब रजिस्ट्री से लखनऊ भेजा जाएगा।
अनामिका शुक्ला प्रकरण के बाद जिले में भी 13 कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में पिछले 10 वर्षों के दौरान शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में तत्कालीन अधिकारियों एवं बालिका डीसी एवं चयन समिति से जुड़े लोगों की ओर से की गई मनमानी उजागर हो चुकी है। पिछले माह इस प्रकरण में दो वार्डेन सहित 15 शिक्षक-शिक्षिकाओं की संविदा समाप्त कर इन्हें सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है। साथ ही इन पर मुकदमा दर्ज कर इनसे रिकवरी की तैयारी चल रही है। अभी यहां के 11 शिक्षकों पर बर्खास्तगी की तलवार लटक रही है। शासन के आदेश पर यहां जो शिक्षक कार्यरत हैं, उनके शैक्षिक प्रमाण पत्रों की नए सिरे से जांच कराई जाएगी। इसके लिए सभी शिक्षकों के रिकॉर्डों को तलाशा जा रहा है। जिनके नहीं हैं, उनसे पुन: मांगा गया है। जिला समन्वयक बालिका शिक्षा त्रिभुवन नाथ पांडेय ने बताया कि जिले में वर्तमान में कार्यरत सभी कस्तूरबा स्कूलों के शिक्षक-शिक्षिकाओं के रिकॉर्ड पुन: तैयार किए जा रहे हैं। इन्हें सत्यापन के लिए राज्य परियोजना कार्यालय को रजिस्ट्री के जरिए भेजा जाएगा।
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लेखाकार रिकॉर्ड तैयार करने में कर रहे मदद
कस्तूरबा विद्यालयों में नियुक्त लेखाकार बीएसए कार्यालय में यहां के शिक्षकों के रिकॉर्ड पुन: तैयार करने व सहेजने में मदद कर रहे हैं। अभी विद्यालयों में शैक्षिक अवकाश चल रहा है। हालांकि, शिक्षक-शिक्षिकाएं स्कूल आकर अपनी हाजिरी बना रहे हैं। छात्राओं के न रहने के बावजूद हर दिन स्कूल आने की विवशता व प्रेरणा एप पर उपस्थिति को प्रतिदिन भेजना कुछ महिला शिक्षकों को नहीं भा रहा है। नाम न छापने की शर्त पर वह कहती भी हैं कि कोरोना संक्रमण के दौर में जब छात्राएं ही नहीं हैं तो स्कूल आने का क्या मतलब।
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