{"_id":"627165f657a4c2318a5009d8","slug":"jewels-sold-of-more-than-rs-10-crore-on-occasion-of-akshaya-tritiya-deoria-news-gkp435595472","type":"story","status":"publish","title_hn":"अक्षय तृतीया पर सराफा बाजार गुलजार, शुभ मुहूर्त में हुई खरीदारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अक्षय तृतीया पर सराफा बाजार गुलजार, शुभ मुहूर्त में हुई खरीदारी
विज्ञापन
अक्षय तृतीया पर सराफा बाजार गुलजार, शुभ मुहूर्त में हुई खरीदारी
देवरिया। अक्षय तृतीया के शुभ मुहूर्त में आभूषण की खरीदारी से सराफा बाजार खिल उठा। छोटे से लेकर बड़े दुकानदारों के यहां और शोरूम में सुबह से देर शाम तक ग्राहक उमड़े रहे। पर्व एवं कारोबार अच्छी संभावनाओं को देखते हुए दुकानदारों ने पहले से अपनी तैयारी कर रखी थी। व्यापारियों के मुुताबिक दो साल के बाद बाजार सुधरा दिखा और 10 करोड़ से अधिक का व्यवसाय हुआ।
शहर के मालवीय रोड, सराफा गली, सुर्तीहट्टा रोड, अंसारी रोड, बजाजी गली, सीसी रोड, हनुमान मंदिर रोड सहित अन्य जगहों पर स्थित आभूषण की दुकानों पर सुबह में कम तो दोपहर में अधिक ग्राहक दिखे। शाम को ग्राहकों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ती गई। आभूषणों के शोरुम में तो सुबह से लेकर शाम तक खरीदार दिखे। दुकानदारों व उनके कर्मचारियों ने भी आने वाले का स्वागत किया और उनके मनपसंद आभूूषण दिखाए। मालवीय रोड स्थित एसके ज्वैलर्स के प्रोपराइटर सुनील कुमार ने बताया कि जिले में 22 कैरेट के आभूषण की बिक्री कम होती है, 18 कैरेट वाले ही ज्यादा पसंद किए जाते रहे हैं। मंगलवार को प्रति ग्राम का भाव 3950 रुपये रहा। अक्षय तृतीय पर ग्राहकों की ओर से सोने की नेकलेस, अंगूठी, कड़ा, नेकलेस सेट, रानी हार के अलावा छोटे आइटम में नथुनी, कील, टाप्स, बाली आदि की मांग अधिक रही। लगन का होना सर्राफा बाजार के लिए प्लस प्वाइंट रहा। उधर, ऐश्प्रा जेम्स एंड ज्वेल्स के प्रोपराइटर संजय केडिया ने कहा कि दो साल बाद अक्षय तृतीया पर मार्केट सुधरा रहा। पिछले दो साल से यह मार्केट पूरी तरह प्रभावित रहा। सोने के आभूषणों में छोटे आइटम ही ज्यादा बिके।
उक्रेन की लड़ाई से सोने का भाव हुआ तेज
सराफा मंडल देवरिया के अध्यक्ष शंखलाल सर्राफ ने बताया कि दो साल बाद अक्षय तृतीया पर कारोबार ठीक रहा। परंपरागत दुकानों पर कम और शोरूम में खरीदारों की संख्या ज्यादा रही। ईद और आफिसों के बंद रहने का भी असर रहा। उक्रेन की लड़ाई के चलते 10 ग्राम सोने का भाव भी 54 से 55 हजार रुपये रहा। पिछले साल यह 42 से 44 हजार तक था। लगन के चलते नगदी व्यवसाय अधिक हो रहा है, बाकी नहीं देने पर भी व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। चार से पांच सौ कुल सर्राफा की दुकानों को मिलाकर 10 करोड़ से अधिक का व्यवसाय होने का अनुमान है।
विज्ञापन
विज्ञापन
देवरिया। अक्षय तृतीया के शुभ मुहूर्त में आभूषण की खरीदारी से सराफा बाजार खिल उठा। छोटे से लेकर बड़े दुकानदारों के यहां और शोरूम में सुबह से देर शाम तक ग्राहक उमड़े रहे। पर्व एवं कारोबार अच्छी संभावनाओं को देखते हुए दुकानदारों ने पहले से अपनी तैयारी कर रखी थी। व्यापारियों के मुुताबिक दो साल के बाद बाजार सुधरा दिखा और 10 करोड़ से अधिक का व्यवसाय हुआ।
शहर के मालवीय रोड, सराफा गली, सुर्तीहट्टा रोड, अंसारी रोड, बजाजी गली, सीसी रोड, हनुमान मंदिर रोड सहित अन्य जगहों पर स्थित आभूषण की दुकानों पर सुबह में कम तो दोपहर में अधिक ग्राहक दिखे। शाम को ग्राहकों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ती गई। आभूषणों के शोरुम में तो सुबह से लेकर शाम तक खरीदार दिखे। दुकानदारों व उनके कर्मचारियों ने भी आने वाले का स्वागत किया और उनके मनपसंद आभूूषण दिखाए। मालवीय रोड स्थित एसके ज्वैलर्स के प्रोपराइटर सुनील कुमार ने बताया कि जिले में 22 कैरेट के आभूषण की बिक्री कम होती है, 18 कैरेट वाले ही ज्यादा पसंद किए जाते रहे हैं। मंगलवार को प्रति ग्राम का भाव 3950 रुपये रहा। अक्षय तृतीय पर ग्राहकों की ओर से सोने की नेकलेस, अंगूठी, कड़ा, नेकलेस सेट, रानी हार के अलावा छोटे आइटम में नथुनी, कील, टाप्स, बाली आदि की मांग अधिक रही। लगन का होना सर्राफा बाजार के लिए प्लस प्वाइंट रहा। उधर, ऐश्प्रा जेम्स एंड ज्वेल्स के प्रोपराइटर संजय केडिया ने कहा कि दो साल बाद अक्षय तृतीया पर मार्केट सुधरा रहा। पिछले दो साल से यह मार्केट पूरी तरह प्रभावित रहा। सोने के आभूषणों में छोटे आइटम ही ज्यादा बिके।
विज्ञापन
उक्रेन की लड़ाई से सोने का भाव हुआ तेज
सराफा मंडल देवरिया के अध्यक्ष शंखलाल सर्राफ ने बताया कि दो साल बाद अक्षय तृतीया पर कारोबार ठीक रहा। परंपरागत दुकानों पर कम और शोरूम में खरीदारों की संख्या ज्यादा रही। ईद और आफिसों के बंद रहने का भी असर रहा। उक्रेन की लड़ाई के चलते 10 ग्राम सोने का भाव भी 54 से 55 हजार रुपये रहा। पिछले साल यह 42 से 44 हजार तक था। लगन के चलते नगदी व्यवसाय अधिक हो रहा है, बाकी नहीं देने पर भी व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। चार से पांच सौ कुल सर्राफा की दुकानों को मिलाकर 10 करोड़ से अधिक का व्यवसाय होने का अनुमान है।
विज्ञापन