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बहनों की गांधीगीरी के सामने झुका जेल प्रशासन, मुलाकात के लिए आरटीपीसीआर रिपोर्ट की शर्त हटायी

Mon, 23 Aug 2021 12:06 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 23 Aug 2021 12:06 AM IST
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jail administration withdrawn condition of rtpcr report at sister's gandhigiri
बहनों की गांधीगीरी के सामने झुका जेल प्रशासन, मुलाकात के लिए आरटीपीसीआर रिपोर्ट की शर्त हटायी
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देवरिया। जेल प्रशासन को तगड़े नियमों में रक्षाबंधन त्योहार के दिन बदलना पड़ा। क्योंकि जेल में बंद भाइयों की कलाई पर राखी बांधने पहुंचीं बहनों ने गांधीगीरी का तरीका अपना लिया। जब बहनों ने मुलाकाती पर्ची लगाई तो उनसे 72 घंटे के भीतर की आरटीपीसीआर रिपोर्ट मांगी गई। इस पर एक महिला ने गेट पर तैनात बंदी रक्षकों की कलाई पर राखी बांधकर घर लौटने का मन बना लिया। बंदीरक्षकों ने जेल के आला अफसरों को पूरी बात बताई तो जेलर राजकुमार का भी दिल पसीज गया। उन्होंने फौरान बिना आरटीपीसीआर रिपोर्ट के मुलाकात करने का आदेश दे दिया। पिछले साल कोरोना के संक्रमण को देखते हुए जेल में बंद बंदियों को रक्षाबंधन पर्व पर बहनों से मिलने का मौका नहीं मिल सका था। इस बार भाई-बहन के अटूट रिश्ता के पर्व पर बहनों को मुलाकात करने की छूट थी, लेकिन आरटीपीसीआर जांच जरूरी थी। रविवार की सुबह से जेल गेट पर बहनों को पहुंचना हो गया था। सभी अपनी-अपनी बारी आने का प्रतिक्षा कर रही थी। जेल प्रशासन ने एहतियात तौर पर राखी बांधने के लिए पहुंची बहनों से आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट मांगी गई। इस पर आधे से अधिक बहनों को निराश होना पड़ा क्योंकि उनके पास रिपोर्ट नहीं थी। इसी बीच कुशीनगर जनपद के दुदही से नीरज देवी अपने भाई दीपक से मिलने आई थीं। बंदीरक्षकों से काफी अनुरोध किया तो वे नियमों का हवाला देने लगे। नीरज देवी के साथ कई महिलाओं ने कहा कि जब भाई से नहीं मिल सकते तो हम राखी और मिठाई कहां लेकर जाएंगे? बिना रिपोर्ट के पहुंचीं बहनें बंदीरक्षकों की सूनी कलाई पर राखी बांध कर उन्हें अपना भाई मान लिया। बहनों के इस कदम से बंदी रक्षकों ने कुछ देर तक सोचा और पूरी बात जेलर से बताने की योजना बनाई। बंदीरक्षक अंजनी सिंह आदि ने जेलर राजकुमार से पूरी बात बताई। कहा कि काफी संख्या में महिलाएं निराश होकर जा रही हैं। इस पर जेलर ने खुद पहल की और सभी को मिलने की छूट दे दी। इसके बहनें के चेहरे खिल गए और जेल का गेट खुल गया। भाइयों के हाथों में बहनें रक्षा सूत्र बांध कर मिठाइयां भी लेकर जेल परिसर पहुंची। जेलर ने बताया कि मानवीय पहलू को ध्यान में रखते ऐसा कदम उठाया गया है।
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