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Deoria News: कुत्तों के आतंक से राह चलना मुश्किल

Sun, 24 Aug 2025 12:24 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया Updated Sun, 24 Aug 2025 12:24 AM IST
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It is difficult to walk on the road due to terror of dogs
झुंड में गलियों में घूम रहे निराश्रित कुत्ते, 
संवाद न्यूज एजेंसी
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देवरिया। निराश्रित कुत्तों के बधियाकरण और शेल्टर होम के इंतजाम जिले में नहीं हैं। ऐसे कुत्तों को पकड़ कर बाहरी इलाकों में छोड़ दिया जाता है तो किसी नगर पंचायत में कुत्तों को लेकर कोई चिंता ही नहीं दिखाई दे रही है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद इस दिशा में नगर पालिका और नगर पंचायतों ने सोचना शुरू कर दिया है। इस आदेश से कुत्तों के काटने से पीड़ित लोगों में संतोष के भाव दिखाई दे रहे हैं।
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नगर पालिका परिषद देवरिया ने कुछ महीने पहले ही इस पर काम करना शुरू कर दिया था। नगर क्षेत्र के जटमलपुर में एक स्थान पर एंटी बर्थ कंट्रोल सेंटर की स्थापना का प्रयास साकार रूप लेने लगी है। नगर पालिका के ईओ संजय तिवारी ने बताया कि नगर पालिका के पास पशु चिकित्सक नहीं हैं। नगर पालिका परिषद की ओर से एंटी बर्थ कंट्रोल सेंटर बनाने के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
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इस केंंद्र पर कुत्तों को पकड़ कर ले जाया जाएगा और वहां पर बधिया कर 24 घंटे निगरानी में रखने के बाद छोड़ दिया जाएगा। इस कार्य में पशु चिकित्सा विभाग की मदद ली जाएगी। ईओ ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय की जानकारी समाचार पत्रों में मिली है। आदेश के अनुसार शेल्टर होम तैयार किया जाएगा। बरहज नगर पालिका में भी निराश्रित कुत्तों के लिए अभी कोई नीति तय नहीं है।

लार संवाद के अनुसार, नगर पंचायत के ईओ बृजेश कुमार गुप्ता ने बताया है कि निराश्रित कुत्तों को पकड़ने के लिए टीम बुलाई जा रही है। भाटपाररानी संवाद के अनुसार, नगर पंचायत में निराश्रित कुत्तों को पकड़ने के लिए एक एनिमल कैप्चर की गाड़ी है। नगर पंचायत अध्यक्ष प्रेमलता गुप्ता ने बताया कि नगर के निराश्रित कुत्तों को कभी-कभार पकड़ा जाता है और उन्हें बाहर ले जाकर छोड़ दिया जाता है। उन्होंने बताया कि शेल्टर हाउस की कोई व्यवस्था नहीं है और न ही बधियाकरण की व्यवस्था है। जब नगर के कुत्तों के झुंड से नगरवासी परेशान होते हैं तो उन्हें पकड़कर कैप्चर गाड़ी से बाहर छोड़ दिया जाता है।
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