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Deoria News: रुपये के लेनदेन की शुरू हुई जांच, खुल गया साइबर ठगी का मामला

Sun, 09 Aug 2026 12:32 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया Updated Sun, 09 Aug 2026 12:32 AM IST
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Investigation into financial transactions initiated.
गौरी बाजार। म्यूल खाते और ऑनलाइन ठगी के जिस बड़े खेल का पर्दाफाश गौर बाजार पुलिस ने किया है, उसकी जांच में अब साइबर सेल देवरिया को भी शामिल कर लिया गया है।
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पूरा मामला क्रिप्टो करेंसी की खरीद-फरोख्त में बचे रुपये के बंटवारे से खुला। हालांकि, पुलिस आपसी लेनदेन में गड़बड़ी की एक शिकायत की जांच कर रही थी। पुलिस ने जब दो लोगों के बीच के विवाद की वजह तलाशनी शुरू की तो पता लगा कि यहां तो करोड़ों के वारा-न्यारा का खेल चल रहा है।
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देवरिया कोतवाली क्षेत्र के साकेत नगर निवासी पवन वर्मा की तहरीर पर गौरी बाजार पुलिस ने रुपये के लेनदेन के मामले की विवेचना शुरू की। इसमें वादी और गवाहों से गहनता से की गई पूछताछ में साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पता चला। इसका मास्टर माइंड इसराफिल निवासी बरपार बताया जा है।
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पुलिस के हत्थे चढ़े साइबर क्राइम के आरोपी पवन वर्मा, शुभम सिंह निवासी साकेत नगर, सैफ अंसारी निवासी लाहिलपार और रोशन वर्मा ने बताया कि उनके गिरोह का सरगना इसराफिल है। उसी के साथ मिलकर साइबर ठगी से आए धन से डिजिटल करेंसी की खरीद-फरोख्त की जाती है। बाइनेंस, टीजी एक्सचेंज व आईपे एप के माध्यम से एप पर अन्य लोगों का म्यूल खाता खोला जाता है। साइबर ठगी करने वाले इन रुपयों को इन्हीं खातों में भेजते हैं।
गिरोह के गुर्गे क्रिप्टो और अन्य डिजिटल करेंसी खरीद कर उस धन को दो नंबर से एक नंबर का बना देते हैं। इसके लिए वे आधार, पैन और सिमकार्ड का प्रयोग कर एप पर एकाउंट निर्मित कर क्रेडिट व कैश के आधार पर यूएसडीटी खरीदते हैं। इस यूएसडीटी (क्रिप्टो करेंसी है, जिसकी कीमत एक अमेरिकी डॉलर के बराबर होती है) को जिस एप पर ज्यादा पैसा मिलता है, उस पर बेच देते हैं। यूएसडीटॊ खरीद फरोख्त में जो साइबर व अन्य अपराध से धनराशि मिलती है, मूलधन वापस कर शेष धनराशि आपस में बांट लेते हैं। इसी धन के बंटवारे को लेकर पवन वर्मा का इसराफिल से विवाद हुआ और गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया। सूत्रों की मानें तो साइबर क्राइम के धन कमाने के इस खेल में देवरिया जनपद के इन आरोपितों के तार देश के अन्य शहरों दिल्ली, नोएडा आदि से भी जुड़े हैं।

मनी लांड्रिंग के इस खेल में देवरिया जनपद के 24 नामजद के अलावा और भी लोगों के जुड़े होने का अंदेशा है। एसओ मृत्युंजय राय ने बताया कि मास्टर माइंड इसराफिल समेत अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
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