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Deoria News: मुसहर टोला में पढ़ाकू बच्चों की तलाश, घर-घर पहुंचे बीईओ
Sat, 25 Jul 2026 11:47 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sat, 25 Jul 2026 11:47 PM IST
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ग्राम पंचायत मुसहरी में बिना मान्यता संचालित हो रहे विद्यालय को बंद कराते बीईओ।
देवरिया। सदर ब्लॉक के मुसहर टोला में शनिवार को खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ)देव मुनि वर्मा के नेतृत्व में वृहद नामांकन एवं शिक्षा जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान का उद्देश्य बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करना और उनकी नियमित विद्यालय उपस्थिति बढ़ाना था।
खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि मुसहर टोला में करीब 60 परिवार निवास करते हैं। इन घरों के छह से 14 साल के अधिकतर बच्चे विद्यालय में नामांकित होने के बावजूद नियमित रूप से विद्यालय पढ़ने नहीं जाते हैं।
जांच में पता लगा कि वे घरेलू कार्यों या बकरी चराने में लग जाते हैं। इसी स्थिति को बदलने के लिए विशेष अभियान चलाया गया।
अभियान के दौरान खंड शिक्षा अधिकारी ने प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक रामनिवास यादव के साथ टोले के प्रत्येक घर में जाकर अभिभावकों से संवाद किया।
उन्होंने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बच्चों को प्रतिदिन विद्यालय भेजने की अपील की। इस दौरान उन्होंने स्वयं दो बच्चों का प्राथमिक विद्यालय में नामांकन भी कराया।
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निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि अधिकतर बच्चों के आधार कार्ड नहीं बने हैं। इस पर खंड शिक्षा अधिकारी ने प्रधानाध्यापक और अभिभावकों को निर्देश दिए कि वे बच्चों का आधार कार्ड जल्द से जल्द बीआरसी के माध्यम से बनवाएं, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं एवं शैक्षिक सुविधाओं का पूरा लाभ मिल सके।
उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े परिवारों में शिक्षा के प्रति जागरूकता पैदा करना है।
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खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि मुसहर टोला में करीब 60 परिवार निवास करते हैं। इन घरों के छह से 14 साल के अधिकतर बच्चे विद्यालय में नामांकित होने के बावजूद नियमित रूप से विद्यालय पढ़ने नहीं जाते हैं।
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जांच में पता लगा कि वे घरेलू कार्यों या बकरी चराने में लग जाते हैं। इसी स्थिति को बदलने के लिए विशेष अभियान चलाया गया।
अभियान के दौरान खंड शिक्षा अधिकारी ने प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक रामनिवास यादव के साथ टोले के प्रत्येक घर में जाकर अभिभावकों से संवाद किया।
उन्होंने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बच्चों को प्रतिदिन विद्यालय भेजने की अपील की। इस दौरान उन्होंने स्वयं दो बच्चों का प्राथमिक विद्यालय में नामांकन भी कराया।
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निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि अधिकतर बच्चों के आधार कार्ड नहीं बने हैं। इस पर खंड शिक्षा अधिकारी ने प्रधानाध्यापक और अभिभावकों को निर्देश दिए कि वे बच्चों का आधार कार्ड जल्द से जल्द बीआरसी के माध्यम से बनवाएं, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं एवं शैक्षिक सुविधाओं का पूरा लाभ मिल सके।
उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े परिवारों में शिक्षा के प्रति जागरूकता पैदा करना है।