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अपनी मर्जी के मालिक हुए सपाई
देवरिया
Updated Fri, 10 Feb 2017 10:47 PM IST
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कलेक्ट्रेट गेट पर सपाइयों और पुलिस में धक्कामुक्की और काफी नोंकझोंक हुई।
- फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। कायदे-कानून को ताक पर रखते हुए शुक्रवार को भी सपाई मर्जी के मालिक बन गए। विधायक गजाला लारी के साथ नामांकन करने पहुंचे समर्थक बैरिकेडिंग खोलकर कचहरी गेट पर पहुंचे और पुलिस से जोर-आजमाइश की। मूकदर्शक पुलिस सब कुछ देखती रही।
नामांकन कक्ष में पांच की जगह 15 दाखिल हो गए। कुछ बैकडोर से भी पहुंचे थे। गुरुवार को भी नामांकन के दौरान प्रत्याशियों ने आचार संहिता की जमकर धज्जियां उड़ाई थी। फिर भी पुलिस ने कोई सबक नहीं लिया। शुक्रवार की दोपहर अचानक सिविल लाइंस का नजारा बदल गया। रामपुर कारखाना विधानसभा से सपा प्रत्याशी गजाला लारी नामांकन करने समर्थकों के साथ कलेक्ट्रेट की तरफ बढ़ीं।
कचहरी चौराहे पर इंस्पेक्टर डीपी सिंह ने केवल पांच लोगों को अंदर जाने की इजाजत दी। हमेशा की तरह सपाई पुलिस की नहीं सुने। सैकड़ों समर्थक नारेबाजी करते हुए पुलिसकर्मियों को धक्का देकर आगे बढ़ गए। सपा के पदाधिकारी भी पीछे कहां रहते। भीड़ का वह भी हिस्सा हो लिए। मुख्य गेट पर कई दिनों से धक्कामुक्की खा रहे सीओ शितांशु कुमार की जगह ट्रेनिंग सीओ संभाल रहे थे।
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इंस्पेक्टर नीतिश श्रीवास्तव चंद पुलिसकर्मियों के साथ खड़े थे। मुख्य गेट पर पहुंचते ही सपा नेता पुलिस के साथ जोर-आजमाइश करने लगे। सपाई अंदर जाने की जिद पर थे। इंस्पेक्टर नीतिश ने केवल पांच लोगों को अंदर जाने की इजाजत दी। गजाला लारी समर्थक, प्रस्तावक सहित अंदर दाखिल हुईं। पुलिस का दावा था कि अंदर सिर्फ पांच लोग दाखिल हुए। लेकिन हकीकत इससे अलग थी। नामांकन के दौरान रिटरनिंग ऑफिसर के कमरे में संख्या दोगुनी हो गई। पुलिस का खुफिया तंत्र भी फेल हो गया।
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नामांकन कक्ष में पांच की जगह 15 दाखिल हो गए। कुछ बैकडोर से भी पहुंचे थे। गुरुवार को भी नामांकन के दौरान प्रत्याशियों ने आचार संहिता की जमकर धज्जियां उड़ाई थी। फिर भी पुलिस ने कोई सबक नहीं लिया। शुक्रवार की दोपहर अचानक सिविल लाइंस का नजारा बदल गया। रामपुर कारखाना विधानसभा से सपा प्रत्याशी गजाला लारी नामांकन करने समर्थकों के साथ कलेक्ट्रेट की तरफ बढ़ीं।
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कचहरी चौराहे पर इंस्पेक्टर डीपी सिंह ने केवल पांच लोगों को अंदर जाने की इजाजत दी। हमेशा की तरह सपाई पुलिस की नहीं सुने। सैकड़ों समर्थक नारेबाजी करते हुए पुलिसकर्मियों को धक्का देकर आगे बढ़ गए। सपा के पदाधिकारी भी पीछे कहां रहते। भीड़ का वह भी हिस्सा हो लिए। मुख्य गेट पर कई दिनों से धक्कामुक्की खा रहे सीओ शितांशु कुमार की जगह ट्रेनिंग सीओ संभाल रहे थे।
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इंस्पेक्टर नीतिश श्रीवास्तव चंद पुलिसकर्मियों के साथ खड़े थे। मुख्य गेट पर पहुंचते ही सपा नेता पुलिस के साथ जोर-आजमाइश करने लगे। सपाई अंदर जाने की जिद पर थे। इंस्पेक्टर नीतिश ने केवल पांच लोगों को अंदर जाने की इजाजत दी। गजाला लारी समर्थक, प्रस्तावक सहित अंदर दाखिल हुईं। पुलिस का दावा था कि अंदर सिर्फ पांच लोग दाखिल हुए। लेकिन हकीकत इससे अलग थी। नामांकन के दौरान रिटरनिंग ऑफिसर के कमरे में संख्या दोगुनी हो गई। पुलिस का खुफिया तंत्र भी फेल हो गया।