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भू माफियाओं को चिह्नित कर सख्ती से निपटें : राज्य मंत्री
Thu, 07 Dec 2023 12:31 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Thu, 07 Dec 2023 12:31 AM IST
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राज्यमंत्री अनूप प्रधान ने की राजस्व एवं चकबंदी विभाग के कार्यों की समीक्षा, दिए निर्देश
बोले-राजस्व संहिता द्वारा निर्धारित समयावधि में करें राजस्व वादों का निस्तारण
देवरिया। राजस्व विभाग के राज्यमंत्री अनूप प्रधान ने राजस्व वादों का समय से और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किए जाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि भू-माफियाओं को चिन्हित कर उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है।
राज्यमंत्री बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में राजस्व व चकबंदी विभाग के कार्यों व लंबित वादों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्व संहिता द्वारा निर्धारित समयसीमा में वादों का निस्तारण किया जाए। धारा-24 से जुड़े मामलों में सीमांकन कार्य निर्धारित समय सीमा के अंदर सभी पक्षकारों की आपत्तियों को सुनने के बाद करने का निर्देश दिया।
कहा कि धारा-67 के तहत आने वाले प्रकरणों पर प्राथमिकता के साथ कार्रवाई की जाए, लेकिन इस बात का भी ध्यान रखा जाए कि कार्रवाई करते समय किसी गरीब, असहाय व्यक्ति का अस्थायी घर न उजड़े। राजस्वकर्मी किसी भी तरह की सरकारी भूमि पर अतिक्रमण न होने दें। ऐसा करने वाले भू माफियाओं को चिह्नित कर सख्ती से निपटें। उनके विरुद्ध बेदखली की कार्रवाई कर उनसे अधिकतम जुर्माना भी वसूल किए जाएं। उन्होंने तहसीलवार मुक्त कराई गई भूमि का ब्यौरा भी तलब किया।
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राज्यमंत्री ने कहा कि धारा-80 के तहत आने वाले वादों का निस्तारण 45 दिन के भीतर अनिवार्य रूप से किया जाए। कहा कि राजस्व वादों के निर्धारित अवधि से अधिक समय तक चलने से लोगों को असुविधा होती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजस्व वादों के समय से निस्तारण के लिए विशेष पहल की है। अधिकारी शासन की मंशानुरूप जनहित में कार्य करें व कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
चकबंदी का कार्य निर्धारित समय सीमा में करने के निर्देश
चकबंदी विभाग की समीक्षा में बताया गया कि इस समय 81 गांव चकबंदी विभाग के तहत अधिसूचित हैं। राज्यमंत्री ने सभी अधिसूचित ग्रामों में चकबंदी का कार्य निर्धारित पांच वर्ष में पूरा करने का निर्देश दिया। राज्यमंत्री ने निवास, आय एवं जाति प्रमाण पत्र से संबंधित प्रकरणों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि निवास, आय एवं जाति प्रमाणपत्र जारी करने में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आईजीआरएस की समीक्षा में उन्होंने निर्देश दिया कि शिकायतकर्ता को संतुष्ट करने का प्रयास किया जाए।
मतदाता सूची पुनरीक्षण के बाद होगा लंबे समय से जमे लेखपालों का तबादला
राज्यमंत्री अनूप प्रधान ने कहा कि मतदाता सूची पुनरीक्षण संबंधी कार्य संपन्न होने के बाद ऐसे लेखपालों को चिह्नित कर स्थानांतरित किया जाएं, जो किसी हलका विशेष में तीन वर्ष एवं तहसील में दस वर्ष से अधिक समय से तैनात हैं। जिलाधिकारी अखंड प्रताप सिंह ने निर्देशों का अनुपालन करने के लिए आश्वस्त किया। इससे पहले कलेक्ट्रेट आगमन पर डीएम ने राज्यमंत्री का स्वागत पुष्प गुच्छ एवं स्मृति चिन्ह देकर किया। इस दौरान एडीएम वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार राय, एडीएम प्रशासन गौरव श्रीवास्तव, सीआरओ रजनीश राय, एसडीएम सदर विपिन द्विवेदी, बरहज अवधेश निगम, रुद्रपुर रत्नेश तिवारी सहित राजस्व विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
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बोले-राजस्व संहिता द्वारा निर्धारित समयावधि में करें राजस्व वादों का निस्तारण
देवरिया। राजस्व विभाग के राज्यमंत्री अनूप प्रधान ने राजस्व वादों का समय से और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किए जाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि भू-माफियाओं को चिन्हित कर उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है।
राज्यमंत्री बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में राजस्व व चकबंदी विभाग के कार्यों व लंबित वादों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्व संहिता द्वारा निर्धारित समयसीमा में वादों का निस्तारण किया जाए। धारा-24 से जुड़े मामलों में सीमांकन कार्य निर्धारित समय सीमा के अंदर सभी पक्षकारों की आपत्तियों को सुनने के बाद करने का निर्देश दिया।
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कहा कि धारा-67 के तहत आने वाले प्रकरणों पर प्राथमिकता के साथ कार्रवाई की जाए, लेकिन इस बात का भी ध्यान रखा जाए कि कार्रवाई करते समय किसी गरीब, असहाय व्यक्ति का अस्थायी घर न उजड़े। राजस्वकर्मी किसी भी तरह की सरकारी भूमि पर अतिक्रमण न होने दें। ऐसा करने वाले भू माफियाओं को चिह्नित कर सख्ती से निपटें। उनके विरुद्ध बेदखली की कार्रवाई कर उनसे अधिकतम जुर्माना भी वसूल किए जाएं। उन्होंने तहसीलवार मुक्त कराई गई भूमि का ब्यौरा भी तलब किया।
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राज्यमंत्री ने कहा कि धारा-80 के तहत आने वाले वादों का निस्तारण 45 दिन के भीतर अनिवार्य रूप से किया जाए। कहा कि राजस्व वादों के निर्धारित अवधि से अधिक समय तक चलने से लोगों को असुविधा होती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजस्व वादों के समय से निस्तारण के लिए विशेष पहल की है। अधिकारी शासन की मंशानुरूप जनहित में कार्य करें व कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
चकबंदी का कार्य निर्धारित समय सीमा में करने के निर्देश
चकबंदी विभाग की समीक्षा में बताया गया कि इस समय 81 गांव चकबंदी विभाग के तहत अधिसूचित हैं। राज्यमंत्री ने सभी अधिसूचित ग्रामों में चकबंदी का कार्य निर्धारित पांच वर्ष में पूरा करने का निर्देश दिया। राज्यमंत्री ने निवास, आय एवं जाति प्रमाण पत्र से संबंधित प्रकरणों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि निवास, आय एवं जाति प्रमाणपत्र जारी करने में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आईजीआरएस की समीक्षा में उन्होंने निर्देश दिया कि शिकायतकर्ता को संतुष्ट करने का प्रयास किया जाए।
मतदाता सूची पुनरीक्षण के बाद होगा लंबे समय से जमे लेखपालों का तबादला
राज्यमंत्री अनूप प्रधान ने कहा कि मतदाता सूची पुनरीक्षण संबंधी कार्य संपन्न होने के बाद ऐसे लेखपालों को चिह्नित कर स्थानांतरित किया जाएं, जो किसी हलका विशेष में तीन वर्ष एवं तहसील में दस वर्ष से अधिक समय से तैनात हैं। जिलाधिकारी अखंड प्रताप सिंह ने निर्देशों का अनुपालन करने के लिए आश्वस्त किया। इससे पहले कलेक्ट्रेट आगमन पर डीएम ने राज्यमंत्री का स्वागत पुष्प गुच्छ एवं स्मृति चिन्ह देकर किया। इस दौरान एडीएम वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार राय, एडीएम प्रशासन गौरव श्रीवास्तव, सीआरओ रजनीश राय, एसडीएम सदर विपिन द्विवेदी, बरहज अवधेश निगम, रुद्रपुर रत्नेश तिवारी सहित राजस्व विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।