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दहेज हत्या में पति को दस वर्ष की सजा
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दहेज हत्या में पति को दस वर्ष की सजा
देवरिया। तरकुलवा थाना क्षेत्र के मुंडेरा रतनपट्टी गांव में 19 वर्ष पूर्व हुई दहेज हत्या में पति को दस वर्ष की सजा सुनाई गई है। सुनवाई के बाद अपर जिला जज एफटीसी प्रथम संजय कुमार सिंह ने फैसला सुनाया। दहेज हत्या के दोषी पति पर सात हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता राजेश शुक्ल के अनुसार रामपुर कारखाना थना क्षेत्र के कोटवां गांव निवासी शिवसंत की बेटी सरिता की शादी तरकुलवा थाना क्षेत्र के मुंडेरा रतनपट्टी निवासी वीरेंद्र सिंह के साथ हुई थी। दहेज के लिए विवाहिता को ससुराल वाले हमेशा प्रताड़ित करते थे। एक जून 2003 को सूचना मिली की उनकी बेटी को ससुराल वालों ने मारपीट कर घायल कर दिया है। दो जून 2003 को जब शिवसंत बेटी सरिता के गांव पहुंचे तो उसकी मौत हो चुकी थी। मामले में विवाहिता के पिता के तहरीर पर तरकुलवा थाने में पति वीरेंद्र सिंह, देवर हरेंद्र सिंह व सास गायत्री देवी के खिलाफ दहेज हत्या का केस दर्ज हुआ। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान अपर जिला जज एफटीसी प्रथम संजय कुमार सिंह ने आरोपी पति विरेंद्र सिंह को दहेज हत्या का दोषी पाते हुए दस वर्ष की सजा सुनाई व सात हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
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देवरिया। तरकुलवा थाना क्षेत्र के मुंडेरा रतनपट्टी गांव में 19 वर्ष पूर्व हुई दहेज हत्या में पति को दस वर्ष की सजा सुनाई गई है। सुनवाई के बाद अपर जिला जज एफटीसी प्रथम संजय कुमार सिंह ने फैसला सुनाया। दहेज हत्या के दोषी पति पर सात हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता राजेश शुक्ल के अनुसार रामपुर कारखाना थना क्षेत्र के कोटवां गांव निवासी शिवसंत की बेटी सरिता की शादी तरकुलवा थाना क्षेत्र के मुंडेरा रतनपट्टी निवासी वीरेंद्र सिंह के साथ हुई थी। दहेज के लिए विवाहिता को ससुराल वाले हमेशा प्रताड़ित करते थे। एक जून 2003 को सूचना मिली की उनकी बेटी को ससुराल वालों ने मारपीट कर घायल कर दिया है। दो जून 2003 को जब शिवसंत बेटी सरिता के गांव पहुंचे तो उसकी मौत हो चुकी थी। मामले में विवाहिता के पिता के तहरीर पर तरकुलवा थाने में पति वीरेंद्र सिंह, देवर हरेंद्र सिंह व सास गायत्री देवी के खिलाफ दहेज हत्या का केस दर्ज हुआ। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान अपर जिला जज एफटीसी प्रथम संजय कुमार सिंह ने आरोपी पति विरेंद्र सिंह को दहेज हत्या का दोषी पाते हुए दस वर्ष की सजा सुनाई व सात हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
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