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Deoria News: मेडिकल कॉलेज में शुरू होगा एचएमआईएस माॅड्यूल, होगी सहूलियत
Tue, 16 Apr 2024 03:22 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Tue, 16 Apr 2024 03:22 AM IST
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- फोटो...मेडिकल कॉलेज
ओपीडी में होगी डॉक्टर डेस्क की सुविधा, हर विभाग में लगेंगे कंप्यूटर, प्रिंटर
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में हायर सेंटर की तरह एचएमआईएस माॅड्यूल (हाॅस्पिटल मैनेजमेंट इंफार्मेशन सिंस्टम) शुरू होगा। इसके तहत ओपीडी में डॉक्टर डेस्क की सुविधा उपलब्ध होगी। मरीजों के डायग्नोसिस से लेकर दवा सहित अन्य ब्योरा कंप्यूटर पर दर्ज होगा। इसकी फाइल मरीज के पास भी होगी। इसके शुरू होने से डॉक्टर को इलाज करने और मरीज को भी सहूलियत होगी।
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में सुविधाएं बढ़ रही हैं। साथ ही अस्पताल को हाईटेक बनाने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत एचएमआईएस माड्यूल शुरू करने की प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार बरनवाल ने बनाई है। ओपीडी डॉक्टर डेस्क प्रारंभ करने की कवायद तेज कर दी गई है।
ओपीडी के हर विभाग में कंप्यूटर और प्रिंटर लगाया जाएगा। डॉक्टर का आईडी, पासवर्ड दिया जाएगा। डॉक्टर यहां आने वाले मरीज का परीक्षण करने के बाद डायग्नोसिस, दवा और जांच की सलाह सब दर्ज की जाएगी। उसका प्रिंट पर्ची के साथ मरीज को उपलब्ध करा दिया जाएगा। पैथाेलाॅजी भी एचएमआईएस से इंटीग्रेड कर दिया गया है। इससे ब्लड की जांच रिपोर्ट डॉक्टर के कंप्यूटर में सीधे पहुंच जाएगी। मरीज को इसके लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। मरीज का पूरा ब्योरा कंप्यूटर में सुरक्षित रहेगा। अगली बार मरीज के आने पर पर्ची का सीआर नंबर डालते ही सब कुछ स्क्रीन पर डॉक्टर के सामने आ जाएगा। अभी तक यह सब पेन से पर्ची पर लिखा जाता है और पैथाेलाॅजी रिपोर्ट मरीज को लाकर दिखानी पड़ती है।
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पैथाेलाजी की रिपोर्ट ऑनलाइन यूपीएचएमआईएस पोर्टल व ई-सुसूत्र यूपीडीएमएमई एप पर भी देखा जा सकता है। मोबाइल पर देखने के लिए मरीज को पर्ची का सीआर नंबर डालना होगा। इसके बाद रिपोर्ट दिख जाएगी। इसके शुरू होने से मरीज का आसानी होगी।
मरीज का होगा एक सेंट्रल रजिस्ट्रेशन नंबर
मेडिकल कॉलेज में आने वाले मरीज का एक सेंट्रल रजिस्ट्रेशन नंबर होगा। मरीज के पर्ची काउंटर पर नाम, मोबाइल नंबर सहित अन्य ब्योरा दर्ज कराने के बाद उसका सेंट्रल रजिस्ट्रेशन हो जाएगा। पंद्रह दिन बाद रि विजिट में आने पर मरीज को पूरा ब्योरा नहीं देना होगा। उसे पर्ची के लिए काउंटर पर केवल सीआर नंबर या रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर बताना होगा। इसके बाद उसे तत्काल पर्ची उपलब्ध हो जाएगी। इससे समय की बचत होगी।
एक क्लिक पर दिख जाएगा मरीज का ब्योरा
मेडिकल कॉलेज में सेंट्रल रजिस्ट्रेशन नंबर जारी होने से इलाज कराने में आसानी होगी। किसी भी विभाग में इलाज करने पहुंचने पर एक क्लिक करने पर पहले के इलाज की डिटेल भी डॉक्टर को मिल जाएगी। इससे मरीज का डायग्नोसिस करने में सहूलियत होगी। इस सिस्टम को शुरू करने के लिए कंप्यूटर और दस प्रिंटर मंगाए गए हैं। एचएमआईएस के नोडल अधिकारी व एचएमआईएस इंजीनियर अभिषेक यादव इसे शुरू करने की प्रक्रिया में जुट गए हैं।
मेडिकल कॉलेज में एचएमआईएस माॅड्यूल की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। ओपीडी में डॉक्टर कंप्यूटर पर ही मरीज के इलाज का ब्योरा दर्ज करेंगे। इससे डॉक्टर को इलाज करने में आसानी होगी। साथ ही मरीज को भी परेशान नहीं होना पड़ेगा। मरीजों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
-डॉ. राजेश कुमार बरनवाल, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
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ओपीडी में होगी डॉक्टर डेस्क की सुविधा, हर विभाग में लगेंगे कंप्यूटर, प्रिंटर
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में हायर सेंटर की तरह एचएमआईएस माॅड्यूल (हाॅस्पिटल मैनेजमेंट इंफार्मेशन सिंस्टम) शुरू होगा। इसके तहत ओपीडी में डॉक्टर डेस्क की सुविधा उपलब्ध होगी। मरीजों के डायग्नोसिस से लेकर दवा सहित अन्य ब्योरा कंप्यूटर पर दर्ज होगा। इसकी फाइल मरीज के पास भी होगी। इसके शुरू होने से डॉक्टर को इलाज करने और मरीज को भी सहूलियत होगी।
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में सुविधाएं बढ़ रही हैं। साथ ही अस्पताल को हाईटेक बनाने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत एचएमआईएस माड्यूल शुरू करने की प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार बरनवाल ने बनाई है। ओपीडी डॉक्टर डेस्क प्रारंभ करने की कवायद तेज कर दी गई है।
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ओपीडी के हर विभाग में कंप्यूटर और प्रिंटर लगाया जाएगा। डॉक्टर का आईडी, पासवर्ड दिया जाएगा। डॉक्टर यहां आने वाले मरीज का परीक्षण करने के बाद डायग्नोसिस, दवा और जांच की सलाह सब दर्ज की जाएगी। उसका प्रिंट पर्ची के साथ मरीज को उपलब्ध करा दिया जाएगा। पैथाेलाॅजी भी एचएमआईएस से इंटीग्रेड कर दिया गया है। इससे ब्लड की जांच रिपोर्ट डॉक्टर के कंप्यूटर में सीधे पहुंच जाएगी। मरीज को इसके लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। मरीज का पूरा ब्योरा कंप्यूटर में सुरक्षित रहेगा। अगली बार मरीज के आने पर पर्ची का सीआर नंबर डालते ही सब कुछ स्क्रीन पर डॉक्टर के सामने आ जाएगा। अभी तक यह सब पेन से पर्ची पर लिखा जाता है और पैथाेलाॅजी रिपोर्ट मरीज को लाकर दिखानी पड़ती है।
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पैथाेलाजी की रिपोर्ट ऑनलाइन यूपीएचएमआईएस पोर्टल व ई-सुसूत्र यूपीडीएमएमई एप पर भी देखा जा सकता है। मोबाइल पर देखने के लिए मरीज को पर्ची का सीआर नंबर डालना होगा। इसके बाद रिपोर्ट दिख जाएगी। इसके शुरू होने से मरीज का आसानी होगी।
मरीज का होगा एक सेंट्रल रजिस्ट्रेशन नंबर
मेडिकल कॉलेज में आने वाले मरीज का एक सेंट्रल रजिस्ट्रेशन नंबर होगा। मरीज के पर्ची काउंटर पर नाम, मोबाइल नंबर सहित अन्य ब्योरा दर्ज कराने के बाद उसका सेंट्रल रजिस्ट्रेशन हो जाएगा। पंद्रह दिन बाद रि विजिट में आने पर मरीज को पूरा ब्योरा नहीं देना होगा। उसे पर्ची के लिए काउंटर पर केवल सीआर नंबर या रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर बताना होगा। इसके बाद उसे तत्काल पर्ची उपलब्ध हो जाएगी। इससे समय की बचत होगी।
एक क्लिक पर दिख जाएगा मरीज का ब्योरा
मेडिकल कॉलेज में सेंट्रल रजिस्ट्रेशन नंबर जारी होने से इलाज कराने में आसानी होगी। किसी भी विभाग में इलाज करने पहुंचने पर एक क्लिक करने पर पहले के इलाज की डिटेल भी डॉक्टर को मिल जाएगी। इससे मरीज का डायग्नोसिस करने में सहूलियत होगी। इस सिस्टम को शुरू करने के लिए कंप्यूटर और दस प्रिंटर मंगाए गए हैं। एचएमआईएस के नोडल अधिकारी व एचएमआईएस इंजीनियर अभिषेक यादव इसे शुरू करने की प्रक्रिया में जुट गए हैं।
मेडिकल कॉलेज में एचएमआईएस माॅड्यूल की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। ओपीडी में डॉक्टर कंप्यूटर पर ही मरीज के इलाज का ब्योरा दर्ज करेंगे। इससे डॉक्टर को इलाज करने में आसानी होगी। साथ ही मरीज को भी परेशान नहीं होना पड़ेगा। मरीजों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
-डॉ. राजेश कुमार बरनवाल, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज