{"_id":"5f78be908ebc3e9bb4525db7","slug":"historic-site-in-kotwa-bawan-morcha-village-deoria-news-gkp3679677103","type":"story","status":"publish","title_hn":"यहां से कई दिग्गजों ने जीते चुनाव, किसी ने नहीं ली ऐतिहासिक स्थल की सुधि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यहां से कई दिग्गजों ने जीते चुनाव, किसी ने नहीं ली ऐतिहासिक स्थल की सुधि
विज्ञापन
यहां से कई दिग्गजों ने जीते चुनाव, किसी ने नहीं ली ऐतिहासिक स्थल की सुधि
देसही देवरिया (देवरिया)। कोटवां बावन मोर्चा गांव और इस क्षेत्र पर सभी दलों के दिग्गज नेताओं ने प्रतिनिधित्व किया है। यह गांव कुशीनगर के कसया विधानसभा में भी रह चुका है, लेकिन अब तक किसी का भी ध्यान इसकी ऐतिहासिकता की तरफ नहीं गया। अगर ऐसा हुआ होता तो आज तक इस जगह को अपनी उपेक्षा का दंश नहीं झेलना पड़ता।
देसही देवरिया क्षेत्र का कोटवां बावन मोर्चा गांव वर्ष 2012 के परिसीमन से पहले कुशीनगर के कसया विधानसभा का हिस्सा रहा। यहां से सपा के दिग्गज पूर्व मंत्री ब्रह्माशंकर त्रिपाठी प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। इस समय प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। 2012 के नए विधानसभा परिसीमन के बाद यह गांव पथरदेवा में आ गया। यहां पहली बार सपा के दिवंगत नेता शाकिर अली विधायक बने। दूसरी बार सूर्य प्रताप शाही ने उन्हें हराकर जीत हासिल की। यह क्षेत्र देवरिया संसदीय क्षेत्र में रहा है। यहां से सपा के मुख्य सचेतक मोहन सिंह भी जीते। पूर्व थलसेना अध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी ने भी यहां से जीत हासिल कर चुके हैं। त्रिपाठी संयुक्त संसदीय समिति के चेयरमैन भी रहे। सभी दलों के दिग्गजों ने यहां प्रतिनिधित्व किया। मगर अब तक किसी भी जनप्रतिनिधि का ध्यान इस ऐतिहासिक जगह की उपयोगिता की तरफ आकृष्ट नहीं हुआ। इस बात का कसक लोगों के बीच है।
कोटवां बावन मोर्चा गांव छोटी गंडक नदी के किनारे बसा हुआ है। दोनों गांवों के बीच नदी पर पुल बना हुआ है। यहां से पुल के रास्ते कुशीनगर पर्यटन स्थल की दूरी पांच किलोमीटर है। राष्ट्रीय राजमार्ग हेतिमपुर से तीन किलोमीटर और जिला मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर है। ब्लॉक मुख्यालय से आठ किलोमीटर है। यहां जाने के लिए प्रमुख तौर पर तीन मार्ग हैं। बावनमोर्चा से चकदेइयां, दूसरा हेतिमपुर से, तीसरा आनंदनगर से नौतन हथियागढ़ और सहोदरपट्टी होते हुए। इस संबंध में स्थानीय विधायक और कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि यह जांच का विषय है। पुरातत्व विभाग की टीम शोध कर रही है। साथ ही इतिहासकारों की शोध के बाद ही इस जगह की ऐतिहासिकता प्रमाणित होगी।
विज्ञापन
सांसद के आश्वासन की चहुंओर सराहना
कोटवां बावन मोतर्चा गांव के मुनीब सिंह, रामप्रवेश और जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि ओमप्रकाश कन्नौजिया व क्षेत्र पंचायत सदस्य रमेश सिंह ने सराहना की है। इन लोगों का कहना है कि सदर संसद रमापति राम त्रिपाठी ने अमर उजाला अखबार में छप रही खबर का संज्ञान लेकर जो आश्वासन दिया है वह स्वागत योग्य है। इससे धूमिल हो चुकी उम्मीदें अब फिर ताजी हो चुकी हैं।
विज्ञापन
देसही देवरिया (देवरिया)। कोटवां बावन मोर्चा गांव और इस क्षेत्र पर सभी दलों के दिग्गज नेताओं ने प्रतिनिधित्व किया है। यह गांव कुशीनगर के कसया विधानसभा में भी रह चुका है, लेकिन अब तक किसी का भी ध्यान इसकी ऐतिहासिकता की तरफ नहीं गया। अगर ऐसा हुआ होता तो आज तक इस जगह को अपनी उपेक्षा का दंश नहीं झेलना पड़ता।
देसही देवरिया क्षेत्र का कोटवां बावन मोर्चा गांव वर्ष 2012 के परिसीमन से पहले कुशीनगर के कसया विधानसभा का हिस्सा रहा। यहां से सपा के दिग्गज पूर्व मंत्री ब्रह्माशंकर त्रिपाठी प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। इस समय प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। 2012 के नए विधानसभा परिसीमन के बाद यह गांव पथरदेवा में आ गया। यहां पहली बार सपा के दिवंगत नेता शाकिर अली विधायक बने। दूसरी बार सूर्य प्रताप शाही ने उन्हें हराकर जीत हासिल की। यह क्षेत्र देवरिया संसदीय क्षेत्र में रहा है। यहां से सपा के मुख्य सचेतक मोहन सिंह भी जीते। पूर्व थलसेना अध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी ने भी यहां से जीत हासिल कर चुके हैं। त्रिपाठी संयुक्त संसदीय समिति के चेयरमैन भी रहे। सभी दलों के दिग्गजों ने यहां प्रतिनिधित्व किया। मगर अब तक किसी भी जनप्रतिनिधि का ध्यान इस ऐतिहासिक जगह की उपयोगिता की तरफ आकृष्ट नहीं हुआ। इस बात का कसक लोगों के बीच है।
विज्ञापन
कोटवां बावन मोर्चा गांव छोटी गंडक नदी के किनारे बसा हुआ है। दोनों गांवों के बीच नदी पर पुल बना हुआ है। यहां से पुल के रास्ते कुशीनगर पर्यटन स्थल की दूरी पांच किलोमीटर है। राष्ट्रीय राजमार्ग हेतिमपुर से तीन किलोमीटर और जिला मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर है। ब्लॉक मुख्यालय से आठ किलोमीटर है। यहां जाने के लिए प्रमुख तौर पर तीन मार्ग हैं। बावनमोर्चा से चकदेइयां, दूसरा हेतिमपुर से, तीसरा आनंदनगर से नौतन हथियागढ़ और सहोदरपट्टी होते हुए। इस संबंध में स्थानीय विधायक और कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि यह जांच का विषय है। पुरातत्व विभाग की टीम शोध कर रही है। साथ ही इतिहासकारों की शोध के बाद ही इस जगह की ऐतिहासिकता प्रमाणित होगी।
विज्ञापन
सांसद के आश्वासन की चहुंओर सराहना
कोटवां बावन मोतर्चा गांव के मुनीब सिंह, रामप्रवेश और जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि ओमप्रकाश कन्नौजिया व क्षेत्र पंचायत सदस्य रमेश सिंह ने सराहना की है। इन लोगों का कहना है कि सदर संसद रमापति राम त्रिपाठी ने अमर उजाला अखबार में छप रही खबर का संज्ञान लेकर जो आश्वासन दिया है वह स्वागत योग्य है। इससे धूमिल हो चुकी उम्मीदें अब फिर ताजी हो चुकी हैं।