{"_id":"5e8caedf8ebc3e769c722f8b","slug":"health-department-only-prepared-in-papers-deoria-news-gkp347299516","type":"story","status":"publish","title_hn":"कागजी तैयारी से जंग लड़ रहा स्वास्थ्य विभाग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कागजी तैयारी से जंग लड़ रहा स्वास्थ्य विभाग
विज्ञापन
कागजी तैयारी से जंग लड़ रहा स्वास्थ्य विभाग
किसी भी सरकारी अस्पताल में नहीं है वेंटिलेटर, सीएमओ ने 20 वेंटिलेटर की डिमांड की, अभी तक नहीं मिला
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। कोरोना महामारी से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग के पास एक भी वेंटिलेटर नहीं है। शहर के दो नर्सिंगहोम सिर्फ दो वेंटिलेटर हैं। ऐसे में कोरोना के गंभीर मरीज मिलने पर तैयारियों का पोल खुल जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने पर्सनल प्रोटेक्शन किट, छोटा वेंटिलेटर, ऑक्सीजन कंस्टेंटर और नेबुलाइजर, मास्क और सैनिटाइजर की डिमांड भेजी है, लेकिन अभी तक मुहैया नहीं हो सका है। ऐसे में कागजी तैयारियों के बीच कोरोना से निपटना मुश्किल लग रहा है।
महामारी से निपटने के लिए जिला प्रशासन एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया है। स्वास्थ्य विभाग सरकारी अस्पतालों के अलावा प्राइवेट अस्पतालों को कोरोना से निपटने के लिए उपयोग में लेगा। इसकी कागजी तैयारी भी पूरा कर ली गई है। किसी भी सरकारी अस्पताल में एक भी वेंटिलेटर उपलब्ध नहीं है। जबकि कोरोना के गंभीर रोगियों के लिए वेंटिलेटर की जरूरत है। सीएमओ ने शासन को बीस छोटा वेंटिलेटर, 20 ऑक्सीजन कंस्टेंटर और नेबुलाइजर की मांग की है, लेकिन अभी तक एक भी सामान मुहैया नहीं कराया जा सका है और न ही इन सामानों को खरीदने के लिए बजट और अनुमति भी शासन की ओर से नहीं मिला है। जगह का अभाव बताते हुए जिला अस्पताल प्रशासन ने वेंटिलेटर की मांग अभी तक नहीं की है। उपकरण की कमी समय रहते पूरा नहीं किया गया तो ऐन वक्त पर सभी तैयारियों पर पानी फिर जाएगा। इस दौरान एसीएमओ डॉ. संजय चंद ने बताया कि वेंटिलेटर और ऑक्सीजन कंस्टेंटर मुख्य है। इसके लिए डिमांड की गई है। अभी तक उपकरण मिले नहीं है। इसके लिए वार्ता चल रही है।
रात को अस्पताल पर नहीं रुकते हैं डॉक्टर और कर्मचारी
सीएमओ के निरीक्षण में डॉक्टर समेत नौ कर्मचारी मिले गैरहाजिर
वेतन रोकने के निर्देश, मांगा गया स्पष्टीकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। कोरोना महामारी को लेकर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी जहां संघर्ष कर रहे हैं, वहीं, कुछ डॉक्टर और कर्मचारी मनमानी से बाज नहीं आ रहे हैं। मंगलवार को सीएमओ के निरीक्षण में बैतालपुर पीएचसी के चिकित्साधिकारी समेत नौ कर्मचारी ड्यूटी से लापता मिले। फोन करने पर चिकित्साधिकारी का फोन तक रिसीव नहीं हुआ।
विज्ञापन
सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय और एसीएमओ डॉ. डीबी शाही सुबह करीब 9:36 बजे बैतालपुर पीएचसी पर पहुंचे। अस्पताल सुनसान पड़ा था और कर्मचारियों का पता नहीं था। उपस्थिति पंजिका देखी तो चिकित्साधिकारी डॉ. डीके चौहान, एचईओ अखिलेश भारती, एलटी सतीश कुमार चौहान, गोविंद पांडेय, एचएस रमानंद पटेल, गिरीशचंद्र तिवारी, बीएचडब्लू आनंद कुमार सोनकर ड़्यूटी पर नहीं पहुंचे थे। वहीं, एचवी फूलभावती देवी और एएनएम चांदनी सिंह एक अप्रैल से ड्यूटी पर नहीं आई थीं। सीएमओ ने नाराजगी जाहिर की। पूछताछ में कर्मचारियों ने बताया कि कोई भी डॉक्टर और कर्मचारी आवास पर रात को रुकता नहीं है। गोरखपुर या अपने घर से आकर सभी लोग ड़्यूटी करते हैं। इस लिए कोई समय से नहीं आता है। इस बाबत सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय ने बताया कि अनुपस्थित डॉक्टर और कर्मचारियों का वेतन रोक दिया गया है और स्पष्टीकरण मांगा है।
विज्ञापन
किसी भी सरकारी अस्पताल में नहीं है वेंटिलेटर, सीएमओ ने 20 वेंटिलेटर की डिमांड की, अभी तक नहीं मिला
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। कोरोना महामारी से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग के पास एक भी वेंटिलेटर नहीं है। शहर के दो नर्सिंगहोम सिर्फ दो वेंटिलेटर हैं। ऐसे में कोरोना के गंभीर मरीज मिलने पर तैयारियों का पोल खुल जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने पर्सनल प्रोटेक्शन किट, छोटा वेंटिलेटर, ऑक्सीजन कंस्टेंटर और नेबुलाइजर, मास्क और सैनिटाइजर की डिमांड भेजी है, लेकिन अभी तक मुहैया नहीं हो सका है। ऐसे में कागजी तैयारियों के बीच कोरोना से निपटना मुश्किल लग रहा है।
महामारी से निपटने के लिए जिला प्रशासन एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया है। स्वास्थ्य विभाग सरकारी अस्पतालों के अलावा प्राइवेट अस्पतालों को कोरोना से निपटने के लिए उपयोग में लेगा। इसकी कागजी तैयारी भी पूरा कर ली गई है। किसी भी सरकारी अस्पताल में एक भी वेंटिलेटर उपलब्ध नहीं है। जबकि कोरोना के गंभीर रोगियों के लिए वेंटिलेटर की जरूरत है। सीएमओ ने शासन को बीस छोटा वेंटिलेटर, 20 ऑक्सीजन कंस्टेंटर और नेबुलाइजर की मांग की है, लेकिन अभी तक एक भी सामान मुहैया नहीं कराया जा सका है और न ही इन सामानों को खरीदने के लिए बजट और अनुमति भी शासन की ओर से नहीं मिला है। जगह का अभाव बताते हुए जिला अस्पताल प्रशासन ने वेंटिलेटर की मांग अभी तक नहीं की है। उपकरण की कमी समय रहते पूरा नहीं किया गया तो ऐन वक्त पर सभी तैयारियों पर पानी फिर जाएगा। इस दौरान एसीएमओ डॉ. संजय चंद ने बताया कि वेंटिलेटर और ऑक्सीजन कंस्टेंटर मुख्य है। इसके लिए डिमांड की गई है। अभी तक उपकरण मिले नहीं है। इसके लिए वार्ता चल रही है।
विज्ञापन
रात को अस्पताल पर नहीं रुकते हैं डॉक्टर और कर्मचारी
सीएमओ के निरीक्षण में डॉक्टर समेत नौ कर्मचारी मिले गैरहाजिर
वेतन रोकने के निर्देश, मांगा गया स्पष्टीकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। कोरोना महामारी को लेकर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी जहां संघर्ष कर रहे हैं, वहीं, कुछ डॉक्टर और कर्मचारी मनमानी से बाज नहीं आ रहे हैं। मंगलवार को सीएमओ के निरीक्षण में बैतालपुर पीएचसी के चिकित्साधिकारी समेत नौ कर्मचारी ड्यूटी से लापता मिले। फोन करने पर चिकित्साधिकारी का फोन तक रिसीव नहीं हुआ।
विज्ञापन
सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय और एसीएमओ डॉ. डीबी शाही सुबह करीब 9:36 बजे बैतालपुर पीएचसी पर पहुंचे। अस्पताल सुनसान पड़ा था और कर्मचारियों का पता नहीं था। उपस्थिति पंजिका देखी तो चिकित्साधिकारी डॉ. डीके चौहान, एचईओ अखिलेश भारती, एलटी सतीश कुमार चौहान, गोविंद पांडेय, एचएस रमानंद पटेल, गिरीशचंद्र तिवारी, बीएचडब्लू आनंद कुमार सोनकर ड़्यूटी पर नहीं पहुंचे थे। वहीं, एचवी फूलभावती देवी और एएनएम चांदनी सिंह एक अप्रैल से ड्यूटी पर नहीं आई थीं। सीएमओ ने नाराजगी जाहिर की। पूछताछ में कर्मचारियों ने बताया कि कोई भी डॉक्टर और कर्मचारी आवास पर रात को रुकता नहीं है। गोरखपुर या अपने घर से आकर सभी लोग ड़्यूटी करते हैं। इस लिए कोई समय से नहीं आता है। इस बाबत सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय ने बताया कि अनुपस्थित डॉक्टर और कर्मचारियों का वेतन रोक दिया गया है और स्पष्टीकरण मांगा है।