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प्रसव कराने में स्टॉफ नर्स व एएनएम की भूमिका महत्वपूर्ण : सीएमओ
Thu, 22 Jun 2023 11:33 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Thu, 22 Jun 2023 11:33 PM IST
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देवरिया। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्किल बर्थ अटेंडेंट (एसबीए) के जरिये मातृ-शिशु मृत्यु दर को रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत स्टॉफ नर्स और एएनएम सहित 12 स्वास्थ्यकर्मियों के पहले बैच का प्रशिक्षण बृहस्पतिवार को सीएमओ कार्यालय के सभागार में आयोजित किया गया।
सीएमओ डॉ. राजेश झा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मातृ-शिशु मृत्यु दर रोकने और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने में स्टाफ नर्स और एएनएम व स्वास्थ्यकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
एसीएमओ डॉ. कार्तिकेय ने कहा कि नेशनल हेल्थ मिशन का मुख्य उद्देश्य बच्चों की मृत्यु दर को कम करना है। यह तभी संभव हो सकता है जब हर गर्भवती महिला गर्भ के दौरान व डिलीवरी के समय स्किल बर्थ अटेंडेंट की सेवाएं लें। अतिकुपोषित गर्भवती की पहचान उसकी हालत देखकर भी आसानी से की जा सकती है। आंख, हाथ, पैर के नाखून में पीलापन, त्वचा व जीभ के रंग से भी कमजोरी का पता लगाया जा सकता है। लाल रंग आहार में टमाटर, चुकंदर, पीले में संतरा, पपीता, सफेद में दूध, हरी सब्जियां और काले आहार में जामुन व खजूर का सेवन करने के लिए प्रेरित किया जाए। इस दौरान एसीएमओ डॉ. राजेंद्र प्रसाद, डॉ. आरपी यादव, जिला मातृत्व स्वास्थ्य परामर्शदाता विश्वनाथ मल्ल, यूपीटीएसयू के डीएसएस डब्लू पांडेय, क्यूआई मेंटर साक्षी राय, जिला नर्स मेंटर शांभवी श्रीवास्तव और रश्मि गहलोत प्रमुख तौर पर मौजूद रहे।
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सीएमओ डॉ. राजेश झा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मातृ-शिशु मृत्यु दर रोकने और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने में स्टाफ नर्स और एएनएम व स्वास्थ्यकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
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एसीएमओ डॉ. कार्तिकेय ने कहा कि नेशनल हेल्थ मिशन का मुख्य उद्देश्य बच्चों की मृत्यु दर को कम करना है। यह तभी संभव हो सकता है जब हर गर्भवती महिला गर्भ के दौरान व डिलीवरी के समय स्किल बर्थ अटेंडेंट की सेवाएं लें। अतिकुपोषित गर्भवती की पहचान उसकी हालत देखकर भी आसानी से की जा सकती है। आंख, हाथ, पैर के नाखून में पीलापन, त्वचा व जीभ के रंग से भी कमजोरी का पता लगाया जा सकता है। लाल रंग आहार में टमाटर, चुकंदर, पीले में संतरा, पपीता, सफेद में दूध, हरी सब्जियां और काले आहार में जामुन व खजूर का सेवन करने के लिए प्रेरित किया जाए। इस दौरान एसीएमओ डॉ. राजेंद्र प्रसाद, डॉ. आरपी यादव, जिला मातृत्व स्वास्थ्य परामर्शदाता विश्वनाथ मल्ल, यूपीटीएसयू के डीएसएस डब्लू पांडेय, क्यूआई मेंटर साक्षी राय, जिला नर्स मेंटर शांभवी श्रीवास्तव और रश्मि गहलोत प्रमुख तौर पर मौजूद रहे।
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