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Deoria News: कोरोना काल में प्रदूषण से मिली थी आजादी, अब सांस लेने में भी तकलीफ

Tue, 07 Nov 2023 11:26 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 07 Nov 2023 11:26 PM IST
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Got freedom from pollution during Corona period, now problem in breathing
प्रदूषण के कारण देवरिया में भी सुबह शाम छाया धुंध।संवाद
-वायुमंडल में कई गुना बढ़ गया ब्लैक कार्बन, सल्फर डाई ऑक्साइड की मात्रा भी खतरनाक
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संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। कोरोना काल में हवा की गुणवत्ता काफी सुधर गई थी, और सांस लेने वाली स्थिति बनी थी। उसके बाद जैसे-जैसे कल कारखाने और वाहन दौड़े, फिर शहर की हवा में जहर फैलता चला गया। मौजूदा हाल में कोरोना के समय की तुलना में ब्लैक काॅर्बन नाम का यह जहर वायुमंडल में बढ़ गया है, जो सेहत के लिए खतरनाक साबित हो रहा है।
सुबह सात बजे तक आसमान में धुंध छाया रहा और शाम 4 बजे के बाद शहर में धुंध छा गया। इसकी वजह बढ़ते प्रदूषण और पराली जलाना बताया जा रहा है। बढ़ते प्रदूषण की वजह से सांस के रोगियों की संख्या बढ़ गई है। इसकी वजह से लोगों को आंख में जलन भी हो रही है। बीआरडी पीजी कॉलेज के जीव विज्ञानी डॉ. हरिशंकर गोविंद राव ने बताया कि कोरोना काल में प्रदूषण काफी कम हो गया था। इसकी वजह से नदियों का पानी स्वच्छ हो गया था, आसमान साफ नजर आ रहा था। इसकी वजह वाहनों के आवागमन पर रोक और कोल कारखानों का बंद होना था। दो साल तक नियमित रूप से बारिश भी हुई।बढ़ते प्रदूषण की वजह से अब आबोहवा बिगड़ गई है।
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मंगलवार को देवरिया में 165 आईक्यू रहा, जो स्वास्थ्य के लिहाज से हानिकारक है। इसका सीधा असर लोगों के सेहत पर पड़़ेगा। इससे इलाज के अलावा बचाव की जरूरत है। ऐसे में मास्क का इस्तेमाल जरूरी है।
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सांस रोगियों पर भारी पड़ रहा प्रदूषण,चार बुजुर्गों की गई जान
-तबीयत बिगड़ने पर देर रात को लेकर पहुंचे घर वाले, डॉक्टर ने मृत घोषित किया
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। प्रदूषण बढ़ने की वजह से सांस के रोगियों में इजाफा हो गया है। सांस फूलने से सोमवार की रात चार लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा इमरजेंसी में दस से अधिक बुजुर्गों को भर्ती किया गया है, जिनकी सांस फूल रही है। इमरजेंसी में 24 घंटे के अंदर मंगलवार को दिन में 12 बजे तक 27 मरीज सांस फूलने वाले रोगी आए थे। इसकी वजह से एक बेड पर दो मरीजों को इमरजेंसी में भर्ती करना पड़ रहा है।

इमरजेंसी के अलावा ओपीडी में भी सांस के रोगियों की संख्या बढ़ी है। सोमवार की रात 11 बजे इमरजेंसी पर चकउर फकीर गांव निवासी सुनीता 50 पत्नी तूफानी शर्मा को परिजन पहुंचे,इन्हे सांस लेने में दिक्कत थी। जांच के बाद डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। इसके अलावा रूद्रपुर के रनियहवा गांव की कमलावती (65) पत्नी गनेश चौहान, सिवान जिले के दरौली निवासी सरिता देवी (40) पत्नी सत्यदेव शाह, गौरीबाजार के लवकली गांव की सैरूनिशा (45) पत्नी कमरूदीन को सांस फूलने के बाद मौत हो गई।
इसके अलावा इमरजेंसी में एक बेड पर दो रोगियों को रखा गया था। इसमें सांस के सर्वाधिक रोगी हैं। चनुकी के 50 वर्षीय द्रोपती, 65 वर्षीय महुआडीह की बुद्धा देवी, चौरी चौरा के मिट्ठाबेल ब्रहम्पुर गांव की परमिता देवी 50 पत्नी संतोष दुबे को सांस की दिक्कत थी। इनके पोता मनीष दुबे भर्ती कराया था, सलेमपुर टैरिया गांव के 70 वर्षीय शिवकुमारी देवी को भी दो दिन से सांस अचानक फूलने लगी। घर वालों ने उन्हें भर्ती कराया। बुजुर्गों में ही फेफड़ों का संक्रमण बढ़ रहा है।
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मौसम में बदलाव की वजह से फेफड़ों में संक्रमण बढ़ रहा है। इससे बचाव की जरूरत है।
-डॉ. एचके मिश्रा, सीएमएस
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