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ट्रेन रोकने जा रहे संयुक्त किसान मोर्चा के 58 नेता गिरफ्तार
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ट्रेन रोकने जा रहे संयुक्त किसान मोर्चा के 58 नेता गिरफ्तार
देवरिया। सदर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन रोकने जा रहे संयुक्त किसान मोर्चा के 58 नेताओं को पुलिस ने सदर रेलवे स्टेशन पहुंचने से पहले ही सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान पुलिस से किसान नेताओं की धुक्का-मुक्की भी हुई। शाम को सभी नेताओं को पुलिस ने रिहा कर दिया। किसान नेताओं ने डीएम को पांच सूत्री ज्ञापन देकर मांगों को पूरा करने की मांग की है। आंदोलन को देखते हुए काफी संख्या में पुलिस के जवानों की ड्यूटी सदर रेलवे स्टेशन पर लगाई गई थी, ताकि वह स्टेशन परिसर में दाखिल नहीं हो सकें।
सुबह करीब 11 बजे संयुक्त किसान मोर्चा के नेता टाउन हाल पर जुटे। इसके बाद सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए सदर रेलवे स्टेशन की ओर निकल पड़े। किसान नेता केंद्रीय गृह राज्यमंत्री को बर्खास्त करने तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने तथा धान खरीद में पंजीकरण के दौरान कम पैदावार दिखाने में संशोधन करने के लिए रेल रोकने की जिद्द करनेेेे लगे। राघवेंद्र प्रताप शाही, साधुशरण, राणा प्रताप सिंह, डा. चतुरानन ओझा के नेतृत्व में नारेबाजी करते हुए किसान टाउन हाल से सदर रेलवे स्टेशन के बाहरी गेट पर पहुंचे तो पुलिस ने इनको रोक लिया। पुलिस से किसान नेताओं की धक्का-मुक्की होने लगी और किसान नेता धरने पर बैठ गए। पुलिस ने सभी नेताओं को हिरासत में ले लिया और बस से पुलिस लाइन लेकर चली गई। गिरफ्तार नेताओं में सदानंद यादव, डा. कृष्णा जायसवाल, ब्रजेंद्र मणि त्रिपाठी, विजय जुआआठा, श्याम देव राय, मदन चौहान, चंद्रेव सिंह, गोविंद, सदानंद, राणा प्रताप सिंह, सुनील राय, कपिलदेव प्रसाद, रमाशंकर गुप्ता, मनीष यादव सहित दर्जनों शामिल रहे।
दिनभर मुस्तैद रहा प्रशासन
भाटपाररानी। संयुक्त किसान मोर्चा के देशव्यापी रेल रोको आंदोलन के लिए सोमवार की सुबह से ही भाटपाररानी व बनकटा रेलवे स्टेशन पर स्थानीय प्रशासन और आरपीएफ भटनी की संयुक्त टीम मुस्तैद रही। स्थानीय किसान सभा के सदस्य कहीं नजर नहीं आए। किसान सभा के सदस्य जय प्रकाश सिंह कुशवाहा ने बताया कि उनका आंदोलन जिला मुख्यालय पर है। इस दौरान भाटपाररानी रेलवे स्टेशन पर एसडीएम सुनील सिंह, सीओ पंचम लाल, जीआरपी भटनी, आरपीएफ भटनी, खामपार पुलिस तथा बनकटा रेलवे स्टेशन पर व बनकटा थाना की पुलिस संयुक्त रूप से मुस्तैद रही।
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खेत मजदूर यूनियन ने प्रदर्शन कर तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
सलेमपुर। संयुक्त किसान मोर्चा के समर्थन में उत्तर प्रदेश खेत मजदूर यूनियन के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को नगर में प्रदर्शन किया। गांधी चौक से जुलूस निकाल कर कार्यकर्ता रेलवे स्टेशन पहुंचे। वहां तहसीलदार रामाश्रय को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। पुलिस व प्रशासन सुबह से ही सतर्क रहा। रेलवे स्टेशन पर जीआरपी, रेलवे सुरक्षा बल व कोतवाली पुलिस जमी रही।
उत्तर प्रदेश खेत मजदूर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष सतीश कुमार ने कहा कि लखीमपुर कांड के दोषी मंत्री पुत्र आशीष मिश्रा मोनू की हत्या में गिरफ्तारी और उसके पिता व सरकार में गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी की बर्खास्तगी के लिए ट्रेन रोको आंदोलन किया गया है। मांगे पूरी होने तक शांतिपूर्ण व लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन चलता रहेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा की असली ताकत आरएसएस है। आम जनता की एकजुटता से ही आरएसएस को रोका जा सकता है। जाति-धर्म की नफरत फैलाने वालों के खिलाफ हमें एक ताक़तवर मोर्चा बनाना पड़ेगा, जो किसानों, मजदूरों, छात्रों, नौजवानों, महिलाओं, छोटे मंझोले व्यापारियों का मोर्चा होगा। रेलवे स्टेशन पर पहुंचे तहसीलदार रामाश्रय को राष्ट्रपति को संबोधित 14 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा। इस दौरान रामनिवास यादव, प्रेमचंद यादव, रामछठू चौहान, सुशील यादव, संजय गोंड, सिकंदर, बलविंदर मौर्या, विजय कुशवाहा, लव शुक्ला, विंध्याचल, अनिल यादव, रामचंद्र खरवार आदि मौजूद रहे।
रेल रोको आंदोलन के क्रम में किसानों ने किया प्रदर्शन
प्रतापपुर। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर विभिन्न किसान संगठनों ने सोमवार को प्रतापपुर समेत विभिन्न जगहों पर प्रदर्शन किया। किसानों ने कहा कि हमारे आंदोलन से योगी सरकार घबराई हुई है। सरकार बार-बार पुलिस बल का सहारा लेकर आंदोलन को दबाना चाहती है। जिला मंत्री जयप्रकाश यादव की 15 अक्तूबर को नजरबंदी की और आज रेल रोको आंदोलन के आह्वान पर पार्टी पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं को बनकटा पुलिस का धमकाना सरकार के डर को बयां कर रहा है। किसानों को आंदोलन से रोकना लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक अधिकार पर हमला है। भाजपा के लोग जिस प्रदेश में सत्ता से बाहर हैं वहां घंटा नहीं बजाते। कानून की धज्जियां उड़ाई जाती हैं। हम सोशल मीडिया के माध्यम से भारत के राष्ट्रपति से मांग करते हैं कि किसी भी विपक्षी पार्टी के नेताओं का उत्पीड़न रोका जाय। फर्जी मुकदमे वापस हों। सरकार की जनविरोधी नीतियों के विरुद्ध उठ रहे स्वर को पुलिस बल से दबाने की कार्रवाई बंद हो। तीनों काला कृषि कानून सरकार वापस ले। बिजली संशोधन विधेयक 2020 रद्द हो। एमएसपी के लिए संसद में कानून पास किया जाए। निजीकरण पर रोक लगाई जाए, महंगाई रोकी जाए। किसानों को सस्ते दाम पर डीजल, बिजली मिले।
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देवरिया। सदर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन रोकने जा रहे संयुक्त किसान मोर्चा के 58 नेताओं को पुलिस ने सदर रेलवे स्टेशन पहुंचने से पहले ही सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान पुलिस से किसान नेताओं की धुक्का-मुक्की भी हुई। शाम को सभी नेताओं को पुलिस ने रिहा कर दिया। किसान नेताओं ने डीएम को पांच सूत्री ज्ञापन देकर मांगों को पूरा करने की मांग की है। आंदोलन को देखते हुए काफी संख्या में पुलिस के जवानों की ड्यूटी सदर रेलवे स्टेशन पर लगाई गई थी, ताकि वह स्टेशन परिसर में दाखिल नहीं हो सकें।
सुबह करीब 11 बजे संयुक्त किसान मोर्चा के नेता टाउन हाल पर जुटे। इसके बाद सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए सदर रेलवे स्टेशन की ओर निकल पड़े। किसान नेता केंद्रीय गृह राज्यमंत्री को बर्खास्त करने तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने तथा धान खरीद में पंजीकरण के दौरान कम पैदावार दिखाने में संशोधन करने के लिए रेल रोकने की जिद्द करनेेेे लगे। राघवेंद्र प्रताप शाही, साधुशरण, राणा प्रताप सिंह, डा. चतुरानन ओझा के नेतृत्व में नारेबाजी करते हुए किसान टाउन हाल से सदर रेलवे स्टेशन के बाहरी गेट पर पहुंचे तो पुलिस ने इनको रोक लिया। पुलिस से किसान नेताओं की धक्का-मुक्की होने लगी और किसान नेता धरने पर बैठ गए। पुलिस ने सभी नेताओं को हिरासत में ले लिया और बस से पुलिस लाइन लेकर चली गई। गिरफ्तार नेताओं में सदानंद यादव, डा. कृष्णा जायसवाल, ब्रजेंद्र मणि त्रिपाठी, विजय जुआआठा, श्याम देव राय, मदन चौहान, चंद्रेव सिंह, गोविंद, सदानंद, राणा प्रताप सिंह, सुनील राय, कपिलदेव प्रसाद, रमाशंकर गुप्ता, मनीष यादव सहित दर्जनों शामिल रहे।
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दिनभर मुस्तैद रहा प्रशासन
भाटपाररानी। संयुक्त किसान मोर्चा के देशव्यापी रेल रोको आंदोलन के लिए सोमवार की सुबह से ही भाटपाररानी व बनकटा रेलवे स्टेशन पर स्थानीय प्रशासन और आरपीएफ भटनी की संयुक्त टीम मुस्तैद रही। स्थानीय किसान सभा के सदस्य कहीं नजर नहीं आए। किसान सभा के सदस्य जय प्रकाश सिंह कुशवाहा ने बताया कि उनका आंदोलन जिला मुख्यालय पर है। इस दौरान भाटपाररानी रेलवे स्टेशन पर एसडीएम सुनील सिंह, सीओ पंचम लाल, जीआरपी भटनी, आरपीएफ भटनी, खामपार पुलिस तथा बनकटा रेलवे स्टेशन पर व बनकटा थाना की पुलिस संयुक्त रूप से मुस्तैद रही।
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खेत मजदूर यूनियन ने प्रदर्शन कर तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
सलेमपुर। संयुक्त किसान मोर्चा के समर्थन में उत्तर प्रदेश खेत मजदूर यूनियन के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को नगर में प्रदर्शन किया। गांधी चौक से जुलूस निकाल कर कार्यकर्ता रेलवे स्टेशन पहुंचे। वहां तहसीलदार रामाश्रय को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। पुलिस व प्रशासन सुबह से ही सतर्क रहा। रेलवे स्टेशन पर जीआरपी, रेलवे सुरक्षा बल व कोतवाली पुलिस जमी रही।
उत्तर प्रदेश खेत मजदूर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष सतीश कुमार ने कहा कि लखीमपुर कांड के दोषी मंत्री पुत्र आशीष मिश्रा मोनू की हत्या में गिरफ्तारी और उसके पिता व सरकार में गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी की बर्खास्तगी के लिए ट्रेन रोको आंदोलन किया गया है। मांगे पूरी होने तक शांतिपूर्ण व लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन चलता रहेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा की असली ताकत आरएसएस है। आम जनता की एकजुटता से ही आरएसएस को रोका जा सकता है। जाति-धर्म की नफरत फैलाने वालों के खिलाफ हमें एक ताक़तवर मोर्चा बनाना पड़ेगा, जो किसानों, मजदूरों, छात्रों, नौजवानों, महिलाओं, छोटे मंझोले व्यापारियों का मोर्चा होगा। रेलवे स्टेशन पर पहुंचे तहसीलदार रामाश्रय को राष्ट्रपति को संबोधित 14 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा। इस दौरान रामनिवास यादव, प्रेमचंद यादव, रामछठू चौहान, सुशील यादव, संजय गोंड, सिकंदर, बलविंदर मौर्या, विजय कुशवाहा, लव शुक्ला, विंध्याचल, अनिल यादव, रामचंद्र खरवार आदि मौजूद रहे।
रेल रोको आंदोलन के क्रम में किसानों ने किया प्रदर्शन
प्रतापपुर। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर विभिन्न किसान संगठनों ने सोमवार को प्रतापपुर समेत विभिन्न जगहों पर प्रदर्शन किया। किसानों ने कहा कि हमारे आंदोलन से योगी सरकार घबराई हुई है। सरकार बार-बार पुलिस बल का सहारा लेकर आंदोलन को दबाना चाहती है। जिला मंत्री जयप्रकाश यादव की 15 अक्तूबर को नजरबंदी की और आज रेल रोको आंदोलन के आह्वान पर पार्टी पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं को बनकटा पुलिस का धमकाना सरकार के डर को बयां कर रहा है। किसानों को आंदोलन से रोकना लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक अधिकार पर हमला है। भाजपा के लोग जिस प्रदेश में सत्ता से बाहर हैं वहां घंटा नहीं बजाते। कानून की धज्जियां उड़ाई जाती हैं। हम सोशल मीडिया के माध्यम से भारत के राष्ट्रपति से मांग करते हैं कि किसी भी विपक्षी पार्टी के नेताओं का उत्पीड़न रोका जाय। फर्जी मुकदमे वापस हों। सरकार की जनविरोधी नीतियों के विरुद्ध उठ रहे स्वर को पुलिस बल से दबाने की कार्रवाई बंद हो। तीनों काला कृषि कानून सरकार वापस ले। बिजली संशोधन विधेयक 2020 रद्द हो। एमएसपी के लिए संसद में कानून पास किया जाए। निजीकरण पर रोक लगाई जाए, महंगाई रोकी जाए। किसानों को सस्ते दाम पर डीजल, बिजली मिले।