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Deoria News: 10 हजार रुपये दीजिए...वरना दौड़ते रह जाएंगे

Wed, 28 Jun 2023 11:48 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 28 Jun 2023 11:48 PM IST
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Give 10 thousand rupees...otherwise they will keep running
चढावा के फेर में पांच साल से अटकी हैं नामांतरण की फाइलें, करीब सौ से अधिक लोग काट रहे नगर पालिका के चक्कर
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लोग बाबुओं पर लगा रहे रिश्वत न देने पर फाइल अटकाने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। नगर पालिका में बाबुओं को खुश किए बिना कागजी काम करा पाना आसान नहीं है। अब संपत्तियों के नामांतरण की प्रक्रिया को ही समझ लीजिए। यह काम आवेदन से 45 दिन में हो जाना चाहिए, लेकिन बाबुओं ने करीब सौ से अधिक फाइलों को लंबे समय से अटकाए रखा है। कुछ आवेदन पांच साल पुराने हो गए हैं। आवेदकों का कहना है कि चढ़ावा नहीं देने के कारण बाबू फाइलों को आगे नहीं बढ़ा रहे। प्रत्येक फाइल पर पांच से 10 हजार रुपये की मांग करते हैं। आवेदकों ने बताया कि चढ़ावा नहीं देने पर बाबू बोलते हैं कि लिख दूंगा ऐसा कि दौड़ते रह जाओगे।
दरअसल नगर पालिका शहर के सरकारी व निजी संपत्तियों पर टैक्स वसूलती है। इसके लिए लोगों को अपनी जमीन, मकान, दुकान आदि का विवरण नगर पालिका में दर्ज कराना होता है। पिता की मौत की या संपत्ति खरीदने के बाद स्वामी नामांतरण के लिए नगर पालिका में आवेदन करता है। 45 दिन के भीतर आवेदन निस्तारित करने का नियम है, लेकिन राजस्व अनुभाग के बाबू चढ़ावा के लिए फाइलों को अटकाए रखते हैं। संबंधित अधिकारी के पास फाइल पेश नहीं करते, जो लोग बिना कहीं मुंह खोले चढ़ावा पहले ही दे देते हैं, उनका काम निर्धारित अवधि के भीतर कर दिया जाता है। चढ़ावा देने में बकझक करने वालों की फाइलें अटकी रह जाती हैं।
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चढ़ावा नहीं देने वालों को धमकाते हैं बाबू
चढ़ावा नहीं देने वालों को राजस्व अनुभाग के बाबू पहले तो खूब दौड़ाते हैं, बाद में धमकाते भी हैं। नाम न छापने की शर्त पर वार्ड नंबर 18 के एक आवेदक ने बताया कि नौ माह पहले नामांतरण के लिए आवेदन किया था। लिपिक ने शुरुआत में ही मुझसे 10 हजार रुपये मांगा था। नहीं दिया तो दो माह बाद पहुंचने पर कहा कि चढ़ावा नहीं दोगे तो ऐसे लिख दूंगा कि दौड़ते रह जाओगे। कुछ इसी तरह का आरोप गरूलपार की एक आवेदक ने भी बाबू पर लगाया। उनका कहना था कि जनवरी में जमीन व मकान के नामांतरण के लिए आवेदन की हूं। दो हजार रुपये टैक्स व ऑनलाइन के लिए बाबू ने एक हजार रुपये लिया, अब तक फाइल लंबित है।
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नामांतरण सप्ताह में भी बाबू कर रहे खेल
नामांतरण प्रक्रिया में आ रही जन शिकायतों को देखते हुए नगर पालिका अध्यक्ष अलका सिंह ने 26 जून से एक जुलाई तक नामांतरण सप्ताह मनाने का निर्देश ईओ समेत राजस्व अनुभाग के सभी अधिकारी व कर्मचारियों को दिया था। इसमें भी खेल करने में बाबू पीछे नहीं हटे। दो दिनों तक बाबुओं ने कोई पत्रावली प्रस्तुत नहीं की। इस पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने बुधवार को अधिशासी अधिकारी, कर निर्धारण अधिकारी, राजस्व निरीक्षक व बाबुओं को अपने कक्ष में तलब किया। लापरवाही पर फटकार लगाई। जिसके बाद बाबू लंबित फाइलों को एक-एक कर आलमारी से निकालकर लाने लगे।

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वर्जन
नामांतरण के लंबित मामलों को देखते हुए अध्यक्ष के निर्देश पर नामांतरण सप्ताह का आयोजन किया गया है। इसमें शीघ्र सारी प्रक्रिया पूरी कर मामलों को निस्तारित किया जा रहा है। अगर कोई चढावा मांगता है तो लिखित शिकायत करें। संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - रोहित सिंह, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद देवरिया
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