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फर्जी शिक्षक और बाबू को पुलिस ने भेजा जेल

Wed, 24 Jun 2020 10:15 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 24 Jun 2020 10:15 PM IST
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fraud teacher and clerk sent to jail
खुखुन्दू शिक्षक और बाबू को पुलिस ने भेजा जेल - फोटो : DEORIA
फर्जी शिक्षक और बाबू को पुलिस ने भेजा जेल
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मंगलवार को एसटीएफ ने दोनों को खुखुंदू चौराहे से किया था गिरफ्तार
शिक्षक फर्जी मार्कशीट बनवाकर भलुअनी क्षेत्र में कर रहा था नौकरी
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया/खुखुंदू। फर्जी शिक्षक और बाबू को खुखुंदू पुलिस ने बुधवार को जेल भेज दिया। दोनों को मंगलवार की शाम एसटीएफ गोरखपुर की टीम ने खुखुंदू चौराहे से गिरफ्तार किया था। एसटीएफ इंस्पेक्टर की तहरीर पर यहां की पुलिस ने संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया था। शिक्षक पर अपने रिश्तेदार बाबू के साथ मिलकर फर्जी मार्कशीट बनवाकर नौकरी करने का आरोप है।
पुलिस के मुताबिक एसटीएफ की पूछताछ में दोनों ने यूपी के तमाम जिलों में सैकड़ों लोगों को फर्जी मार्कशीट देने की बात स्वीकार की है। एसओ श्यामसुंदर तिवारी ने बताया कि एसटीएफ गोरखपुर प्रभारी सत्यप्रकाश सिंह को मुखबिरों से सूचना मिली थी कि भलुअनी क्षेत्र के जमुना छापर विद्यालय पर तैनात शिक्षक नथुनी प्रसाद की बीए और बीएड की मार्कशीट फर्जी है। टीम की जांच-पड़ताल के दौरान नथुनी प्रसाद के अंकपत्र का सत्यापन जब गोरखपुर विश्वविद्यालय से कराया गया तो वह फर्जी मिला। आरोप सही मिलने के बाद एसटीएफ शिक्षक की तलाश में जुट गई। एसटीएफ टीम ने मंगलवार की शाम खुखुंदू के शेरवां बभनौली गांव निवासी शिक्षक नथुनी प्रसाद को चौराहे से गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही फर्जी मार्कशीट बनाने में सहयोग करने वाले उसके रिश्तेदार मदन मोहन मालवीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय भाटपाररानी के बाबू और चकिया गांव निवासी शिव प्रसाद को भी गिरफ्तार कर लिया। दोनों के खिलाफ खुखुंदू थाने में केस दर्ज कराया गया। एसटीएफ की कार्रवाई करने वाली टीम में एसएन सिंह, आशुतोष तिवारी, आलोक राय, यशवंत सिंह आदि शामिल रहे। एसओ श्यामसुंदर तिवारी ने बताया कि एसटीएफ इंस्पेक्टर गोरखपुर सत्यप्रकाश सिंह की तहरीर पर शिक्षक के खिलाफ के कूटरचित तरीके से तैयार दस्तावेज के आधार पर नौकरी करने और इस कार्य में बाबू द्वारा सहयोग करने सहित अन्य संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर दोनों को जेल भेज दिया गया है।
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फर्जी प्रमाण पत्रों पर नौकरी कर रही लार वार्डेन की संविदा समाप्त
देवरिया। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की वार्डेन रिचा वर्मा की संविदा समाप्त कर दी गई है। उन पर फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी करने का आरोप था। जांच में इसकी पुष्टि होने पर उनकी संविदा बुधवार को बीएसए ने समाप्त कर दी। बीएसए प्रकाश नारायण श्रीवास्तव ने बताया कि पिछले साल लार वार्डेन की शिकायत गोरखपुर निवासी एक व्यक्ति ने की थी। शासन से हुई जांच के बाद उस व्यक्ति के आरोप सही पाए गए हैं। जिले के ही तीन सदस्य टीम ने शासन के निर्देश पर विभागीय स्तर पर इसकी जांच की थी। जांच समिति ने जो रिपोर्ट सौंपी, उसमें यह स्पष्ट किया गया है कि वार्डेन ने कूटरचित प्रमाणपत्रों के आधार पर यह संविदा की नौकरी हासिल की है। डीएम के अनुमोदन के बाद उनकी संविदा समाप्त की जाती है साथ ही बालिका शिक्षा के जिला समन्वयक को उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई के लिए निर्देश दिए गए हैं।
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