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फर्जी प्रमाण पत्रों के सहारे नौकरी कर रहे शिक्षकों के बर्खास्तगी की तैयारी
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जांच की आंच में आए शिक्षक छोड़ दिए स्कूल, नोटिस जारी
फर्जीवाड़े के शक में एसटीएफ ने मांगे थे शैक्षणिक दस्तावेज
हिदायत के बाद भी नहीं दे रहे दस्तावेज, कार्रवाई की तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। फर्जीवाड़े के शक में जिन शिक्षकों के एसटीएफ ने मूल प्रमाण पत्र मांगे थे, उनमें से कई शिक्षकों ने अचानक से स्कूल आना छोड़ दिया है। बार-बार निर्देश के बावजूद उनकी ओर से प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं कराया जा रहा। अब बीएसए ने उन्हें अनंतिम नोटिस देकर दस्तावेज उपलब्ध कराने का एक मौका दिया है। अगर इसके बाद भी वह प्रमाण पत्र नहीं उपलब्ध कराते तो उनपर कार्रवाई तय मानी जा रही है।
शिक्षक भर्ती में फर्जीवाड़े की जांच कर रही एसटीएफ ने जिले में तैनात करीब 44 ऐसेे शिक्षकों को चिह्नित किया था, जिन्होंने अपना पैन कार्ड संशोधित किया था। बताते हैं कि उनके पैनकार्ड का नंबर दूसरे जिले में भी मैच हुए हैं। इस पर संदेह जताते हुए एसटीएफ ने बीएसए कार्यालय के माध्यम से इन शिक्षकों से मूल दस्तावेज तलब किए थे। डेढ़ माह से अधिक समय बीतने के बाद भी कई शिक्षकों ने अब तक दस्तावेज पेश नहीं किए हैं। करीब आठ शिक्षकों ने तो अब स्कूल आना ही छोड़ दिया है। उनकी नियुक्ति पर शक गहरा गया है। अब इन शिक्षकों को उनके पते पर अनंतिम नोटिस भेजा गया। इनमें ज्यादातर सलेमपुर व भाटपाररानी तहसील क्षेत्र में तैनात हैं। एक सप्ताह में उनकी ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया तो उन पर कार्रवाई तय है।
फर्जी शिक्षकों से परेशान लोग अब खुद कर रहे एसटीएफ से शिकायत
फर्जी शिक्षक प्रकरण सामने आने के बाद एसटीएफ के पास अब लोग खुद शिकायत करके इनकी जानकारी दे रहे हैं। ऐसे फर्जी शिक्षक जो कभी स्कूल नहीं जाते, या अधिकारियों से सेटिंग कर स्कूल केवल खानापूरी करने जाते हैं, ऐसे लोगों की शिकायतें भी अब खूब की जा रही हैं। इन स्कूलों के प्रधानाध्यापक या अन्य शिक्षक जो पहले सबकुछ जानते हुए भी अपना मुंह नहीं खोलते थे, हालांकि, अपने यहां के संदिग्ध शिक्षकों से वह परेशान ही रहते थे, क्योंकि उनके काम नहीं करने से स्कूलों की संचालन व्यवस्था गड़बड़ ही रहती थी, अब वह भी ऐसे शिक्षकों की शिकायत जांच एजेंसी के अधिकारियों का नंबर लेकर करने लगे हैं। अब तक 122 संदिग्ध शिक्षकों की शिकायत एजेंसी के पास फोन से की भी जा चुकी है।
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कोट
कुछ संदिग्ध शिक्षकों जो लगातार स्कूलों से लापता चल रहे हैं, नोटिस जारी की गई है। विभागीय नियमों के अनुसार उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए आखिरी मौका दिया गया है। इसके बाद भी वह उपस्थित नहीं होते हैं तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
-ओमप्रकाश यादव, बीएसए
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फर्जीवाड़े के शक में एसटीएफ ने मांगे थे शैक्षणिक दस्तावेज
हिदायत के बाद भी नहीं दे रहे दस्तावेज, कार्रवाई की तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। फर्जीवाड़े के शक में जिन शिक्षकों के एसटीएफ ने मूल प्रमाण पत्र मांगे थे, उनमें से कई शिक्षकों ने अचानक से स्कूल आना छोड़ दिया है। बार-बार निर्देश के बावजूद उनकी ओर से प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं कराया जा रहा। अब बीएसए ने उन्हें अनंतिम नोटिस देकर दस्तावेज उपलब्ध कराने का एक मौका दिया है। अगर इसके बाद भी वह प्रमाण पत्र नहीं उपलब्ध कराते तो उनपर कार्रवाई तय मानी जा रही है।
शिक्षक भर्ती में फर्जीवाड़े की जांच कर रही एसटीएफ ने जिले में तैनात करीब 44 ऐसेे शिक्षकों को चिह्नित किया था, जिन्होंने अपना पैन कार्ड संशोधित किया था। बताते हैं कि उनके पैनकार्ड का नंबर दूसरे जिले में भी मैच हुए हैं। इस पर संदेह जताते हुए एसटीएफ ने बीएसए कार्यालय के माध्यम से इन शिक्षकों से मूल दस्तावेज तलब किए थे। डेढ़ माह से अधिक समय बीतने के बाद भी कई शिक्षकों ने अब तक दस्तावेज पेश नहीं किए हैं। करीब आठ शिक्षकों ने तो अब स्कूल आना ही छोड़ दिया है। उनकी नियुक्ति पर शक गहरा गया है। अब इन शिक्षकों को उनके पते पर अनंतिम नोटिस भेजा गया। इनमें ज्यादातर सलेमपुर व भाटपाररानी तहसील क्षेत्र में तैनात हैं। एक सप्ताह में उनकी ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया तो उन पर कार्रवाई तय है।
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फर्जी शिक्षकों से परेशान लोग अब खुद कर रहे एसटीएफ से शिकायत
फर्जी शिक्षक प्रकरण सामने आने के बाद एसटीएफ के पास अब लोग खुद शिकायत करके इनकी जानकारी दे रहे हैं। ऐसे फर्जी शिक्षक जो कभी स्कूल नहीं जाते, या अधिकारियों से सेटिंग कर स्कूल केवल खानापूरी करने जाते हैं, ऐसे लोगों की शिकायतें भी अब खूब की जा रही हैं। इन स्कूलों के प्रधानाध्यापक या अन्य शिक्षक जो पहले सबकुछ जानते हुए भी अपना मुंह नहीं खोलते थे, हालांकि, अपने यहां के संदिग्ध शिक्षकों से वह परेशान ही रहते थे, क्योंकि उनके काम नहीं करने से स्कूलों की संचालन व्यवस्था गड़बड़ ही रहती थी, अब वह भी ऐसे शिक्षकों की शिकायत जांच एजेंसी के अधिकारियों का नंबर लेकर करने लगे हैं। अब तक 122 संदिग्ध शिक्षकों की शिकायत एजेंसी के पास फोन से की भी जा चुकी है।
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कुछ संदिग्ध शिक्षकों जो लगातार स्कूलों से लापता चल रहे हैं, नोटिस जारी की गई है। विभागीय नियमों के अनुसार उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए आखिरी मौका दिया गया है। इसके बाद भी वह उपस्थित नहीं होते हैं तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
-ओमप्रकाश यादव, बीएसए