{"_id":"64c69fba75ea104b870f788f","slug":"former-mla-demanded-that-the-district-be-declared-drought-prone-deoria-news-c-208-1-sgkp1009-2710-2023-07-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Deoria News: जिले को सूखाग्रस्त घोषित किए जाने की पूर्व विधायक ने की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Deoria News: जिले को सूखाग्रस्त घोषित किए जाने की पूर्व विधायक ने की मांग
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
भाटपाररानी। सपा के पूर्व विधायक डॉ. आशुतोष उपाध्याय ने कहा है कि पूरा जनपद सूखे की चपेट में है। छिटपुट कहीं-कहीं बारिश हो रही है तो कहीं धूप खिल रही है। इससे खरीफ की मुख्य फसल धान, मक्का, बाजरा सहित गन्ने की फसल पूरी तरह से सूखे की चपेट में आ गई है।
उन्होंने कहा है कि पूरे जनपद में अब तक कम बारिश हुई है। इससे किसान काफी चिंतित हैं। अघोषित विद्युत कटौती से ग्रामीण क्षेत्र में किसान सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा है कि प्रदेश सरकार का यह दावा कि ग्रामीण क्षेत्रों में 18 से 20 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जा रही है, केवल हवा-हवाई साबित हो रही है। बार-बार ट्रिप होने से मात्र 7 से 8 घंटे बिजली ही ग्रामीणांचल में मिल पा रही है, जिससे किसान फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूरे जनपद को सूखाग्रस्त घोषित करने तथा सभी प्रकार के राजस्व वसूली पर रोक लगाने की मांग की है, ताकि किसान राहत महसूस कर सकें।
विज्ञापन
भाटपाररानी। सपा के पूर्व विधायक डॉ. आशुतोष उपाध्याय ने कहा है कि पूरा जनपद सूखे की चपेट में है। छिटपुट कहीं-कहीं बारिश हो रही है तो कहीं धूप खिल रही है। इससे खरीफ की मुख्य फसल धान, मक्का, बाजरा सहित गन्ने की फसल पूरी तरह से सूखे की चपेट में आ गई है।
उन्होंने कहा है कि पूरे जनपद में अब तक कम बारिश हुई है। इससे किसान काफी चिंतित हैं। अघोषित विद्युत कटौती से ग्रामीण क्षेत्र में किसान सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा है कि प्रदेश सरकार का यह दावा कि ग्रामीण क्षेत्रों में 18 से 20 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जा रही है, केवल हवा-हवाई साबित हो रही है। बार-बार ट्रिप होने से मात्र 7 से 8 घंटे बिजली ही ग्रामीणांचल में मिल पा रही है, जिससे किसान फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूरे जनपद को सूखाग्रस्त घोषित करने तथा सभी प्रकार के राजस्व वसूली पर रोक लगाने की मांग की है, ताकि किसान राहत महसूस कर सकें।
विज्ञापन