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Deoria News: पांच करोड़ खर्च, नहीं ठीक हो सकी छठवें पाये के जोड़ की दरार
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भागलपुर पुल पर लगे आठ फीट ऊंचा हाईट गेट बैरियर की वजह से सामान नीचे करते राहगीरफोटो- संवाद
-भारी वाहनों के लिए बंद की गई है भागलपुर पुलिया
संवाद न्यूज एजेंसी
भागलपुर। भारी वाहनों के लिए बंद किया गया भागलपुर पुल, बलिया और वाराणसी की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। निजी बसों की संख्या कम होने के साथ ही यात्रियों के बारी-बारी से पुल पार कर जाने की वजह से अधिक किराया भी देना पड़ रहा है, वहीं टैंपो न मिलने पर यात्रियों को पुल पैदल पार करना पड़ रहा है। इस पुल के छठवें पाये जोड़ को दुरुस्त करने पर पांच करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन अभी तक यह दुरुस्त नहीं हो पाया है।
पुल के छठवें पाये के जोड़ में आई दरार की वजह से आठ फीट ऊंचा हाइट गेट बैरियर लगाकर भारी वाहनों के आवागमन पर आठ माह से रोक लगी है। इससे व्यापारी, यात्रियों और स्कूली बच्चों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शासन प्रशासन के लोग मौन हैं। बलिया देवरिया को जोड़ने वाली सरयू नदी पर बने भागलपुर पुल से भारी वाहनों का आवागमन करीब आठ माह से बंद है। सेतु निगम द्वारा दो साल मरम्मत में कई करोड़ खर्च किए जाने के बाद भी पुल छठवें पाये के जोड़ की दरार को ठीक नहीं किया जा सका।
विभाग अब हाथ खड़े कर चुका है। हनुमान चौराहे से प्रतिदिन करीब 10 बसें चलती हैं। गोरखपुर देवरिया से आने वाले यात्री भागलपुर में उतर कर ई-रिक्शा या टेंपो से पुल पार कर उस पार जाते हैं, और वाराणसी बलिया के लिए दूसरी बसें पकड़नी पड़ रही है।
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इस बारे में सेतु निगम के अपर अभियंता आरपी गौड़ ने बताया कि पुल से भारी वाहनों का आवागमन स्थायी रूप से बंद हो गया है। पुल भारी वाहनों के चलने लायक नहीं है। अगर भारी वाहनों को चलाया जाएगा तो छोटे वाहनों के आवागमन पर संकट पैदा हो जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
भागलपुर। भारी वाहनों के लिए बंद किया गया भागलपुर पुल, बलिया और वाराणसी की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। निजी बसों की संख्या कम होने के साथ ही यात्रियों के बारी-बारी से पुल पार कर जाने की वजह से अधिक किराया भी देना पड़ रहा है, वहीं टैंपो न मिलने पर यात्रियों को पुल पैदल पार करना पड़ रहा है। इस पुल के छठवें पाये जोड़ को दुरुस्त करने पर पांच करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन अभी तक यह दुरुस्त नहीं हो पाया है।
पुल के छठवें पाये के जोड़ में आई दरार की वजह से आठ फीट ऊंचा हाइट गेट बैरियर लगाकर भारी वाहनों के आवागमन पर आठ माह से रोक लगी है। इससे व्यापारी, यात्रियों और स्कूली बच्चों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शासन प्रशासन के लोग मौन हैं। बलिया देवरिया को जोड़ने वाली सरयू नदी पर बने भागलपुर पुल से भारी वाहनों का आवागमन करीब आठ माह से बंद है। सेतु निगम द्वारा दो साल मरम्मत में कई करोड़ खर्च किए जाने के बाद भी पुल छठवें पाये के जोड़ की दरार को ठीक नहीं किया जा सका।
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विभाग अब हाथ खड़े कर चुका है। हनुमान चौराहे से प्रतिदिन करीब 10 बसें चलती हैं। गोरखपुर देवरिया से आने वाले यात्री भागलपुर में उतर कर ई-रिक्शा या टेंपो से पुल पार कर उस पार जाते हैं, और वाराणसी बलिया के लिए दूसरी बसें पकड़नी पड़ रही है।
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इस बारे में सेतु निगम के अपर अभियंता आरपी गौड़ ने बताया कि पुल से भारी वाहनों का आवागमन स्थायी रूप से बंद हो गया है। पुल भारी वाहनों के चलने लायक नहीं है। अगर भारी वाहनों को चलाया जाएगा तो छोटे वाहनों के आवागमन पर संकट पैदा हो जाएगा।