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Deoria News: सूचना नहीं देने पर महिला एसओ पर लगा 25 हजार का जुर्माना

Fri, 10 Nov 2023 12:58 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 10 Nov 2023 12:58 AM IST
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Female SO fined Rs 25,000 for not giving information
-बालगृह बालिका कांड की आरोपी गिरिजा त्रिपाठी ने आरटीआई से मांगा था सूचना
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-घटना के समय देवरिया की महिला एसओ थी सरोज शर्मा,तीन बार में वेतन से होगी वसूली
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। बालगृह बालिका कांड से जुड़ी घटना का पांच बिंदुओं पर सूचना नहीं देने वाली तत्कालीन महिला एसओ सरोज शर्मा पर राज्य सूचना आयोग ने 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। तीन किस्तों पर वेतन से वसूली करने का निर्देश दिया है।
बालगृह बालिका कांड की मुख्य आरोपी रही गिरिजा त्रिपाठी ने जन सूचना अधिकार (आरटीआई) के तहत तत्कालीन एएसपी से वर्ष 2021 में पांच बिंदुओं पर सूचना मांगी थी। इसमें उन्होने पूछा था कि देवरिया में तत्कालीन महिला एसओ की कब से तैनाती है।,संचालित होने वाले बालगृह बालिका संस्थान में कितने शिशु और बालिकाओं और बालक को प्रवेश दिलाया गया है। पांच अगस्त वर्ष 2018 की रात को किस आधार पर बाल गृह बालिका के संचालक गिरिजा त्रिपाठी को गिरफ्तार किया गया। एसआईटी की ओर से जांच के बाद तत्कालीन महिला एसओ को दी गई विवेचना की दी गई आदेश की कॉपी उपलब्ध कराया जाए। विवेचना में मां विंध्यवासिनी महिला प्रशिक्षण संस्था की मान्यता निरस्त की कॉपी उपलब्ध कराई जाए। स्थानीय स्तर पर सूचना उपलब्ध नहीं होने के बाद राज्य सूचना आयोग लखनऊ में अपील किया। दो बार सुनवाई के बाद राज्य सूचना आयुक्त सुभाष चंद्र सिंह ने 14 जून 2023 को पुलिस विभाग की लापरवाही बताते हुए एएसपी को निर्देश दिया है कि तीन सामान्य किस्तों में तत्कालीन महिला एसओ सरोज शर्मा से अर्थदंड वसूला जाए।
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यह था मामला
- देवरिया के स्टेशन रोड स्थित मां विंध्यवासिनी महिला प्रशिक्षण संस्थान की ओर से संचालित बालगृह बालिका से एक किशोरी भाग कर 5 अगस्त 2018 को भागकर तत्कालीन एसपी रोहन पी कनय के पास पहुंची थी। संस्थान में होने वाले कार्य को बताई थी। 10 बजे रात को एसपी ने संस्था पर छापेमारी किया और अवैध तरीके से रहने वाली 23 बालिकाओं को मुक्त कराने का दावा किया। आधी रात को बालगृह बालिका कांड का एसपी ने प्रेसवार्ता कर पर्दाफाश किया था। मामला हाईप्रोफाइल होने के बाद 6 अगस्त 2018 को सीएम के आदेश पर एडीजी संजय सिंघल के नेतृत्व में एसआईटी का गठन कर दिया गया। 10 अगस्त को देवरिया पहुंची एसआईटी ने जांच अपने हाथ में ले लिया था। एसपी ने पर्दाफाश के दिन ही संचालिका गिरिजा त्रिपाठी को जेल भेज दिया था।
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