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Deoria News: मेडिकल कॉलेज में हेपेटाइटिस बी के जांच की भी सुविधा शुरू

Sat, 28 Sep 2024 03:17 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया Updated Sat, 28 Sep 2024 03:17 AM IST
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Facility for testing of hepatitis B also started in the medical college.
संवाद न्यूज एजेंसी
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देवरिया। मेडिकल कॉलेज में सिफलिस जांच की सुविधा बढ़ी है। गर्भवती व अन्य को इस बीमारी की जांच के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। यह जांच गर्भवती को करानी जरूरी होती है, जबकि हेपेटाइटिस बी और सी के लिए एलाइजा जांच की व्यवस्था भी शुरू की गई है। अब तक बाहर से जांच करानी पड़ रही थी। इसके चालू होने से मरीजों और तीमारदारों को सहूलियत होगी।
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में जिले के विभिन्न इलाके के अलावा बिहार प्रांत के सीमावर्ती क्षेत्रों के लोग इलाज कराने आते हैं। यहां पैथालाॅजी जांच की चौबीस घंटे सुविधा है। आपरेशन के लिए सभी मरीजों को हेपेटाइटिस बी और सी की जांच करानी पड़ती है। इसके अलावा पीलिया होने, भोजन नहीं पचने, उल्टी, सुस्ती, थकान, आंख व पेशाब पीला होने आदि समस्या होने पर जरूरत पड़ने पर कराई जाती है। अस्पताल में करीब 150 से 200 मरीजों की किट से जांच होती है। इसमें पाजीटिव आने व रिपोर्ट संदिग्ध होने पर पुष्टि के लिए एलाइजा जांच करानी पड़ती है, लेकिन अब तक इस जांच की यहां सुविधा नहीं थी। इसके लिए मरीज को निजी जांच केंद्रों का सहारा लेना पड़ता था, जहां उन्हें समय से साथ रुपये खर्च करने पड़ते थे।
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इसी तरह रैपिड प्लाज्मा रिजन (आरपीआर) यानी सिफलिस की जांच के लिए गर्भवती सहित अन्य मरीजों को भटकना पड़ रहा था। एमसीएच विंग स्थित महिला अस्पताल की ओपीडी में हर रोज करीब चार सौ मरीज आते हैं। इसमें तकरीबन सौ को जांच करानी पड़ती है। इसके अलावा पेशाब में इंफेक्शन, करक, जलन व अन्य समस्या के अलावा विदेश जाने वाले कुछ लोगों को भी जांच करानी होती है, लेकिन जांच की सुविधा नहीं होने से परेशानी हो रही थी। निजी सेंटर पर जांच करानी पड़ रही थी। इन तीनों जांचों के लिए मरीज को करीब चार से पांच सौ रुपये खर्च करना पड़ रहा था। इसे देखते हुए प्रधानाचार्य डॉ. राजेश कुमार बरनवाल ने माइक्रोबायोलाजी विभाग के अध्यक्ष प्रांशु पांडेय, पैथालाजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. पवन त्रिवेदी, सीएमएस डॉ. एचके मिश्रा विचार-विमर्श कर कार्ययोजना तैयार की। इसके बाद बृहस्पतिवार से जांच शुरू कर दी गई है। इन जांचों के लिए केजीएमयू की दर पर मरीज को शुल्क जमा करना होगा, जो निजी सेंटरों से कम है। मरीज को चौबीस घंटे के अंदर रिपोर्ट उपलब्ध करा दी जाएगी।
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